एयर कंडीशनर (एसी) दें रहें हैैं आपके शरीर को गंभीर बीमारी

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image credits: wikipedia.org

जब वातावरण का तापमान बढने लगता है तो हम सभी एसी के रिमोट की ओर हाथ बढाते हैं। यह अदभुत यंत्र कई लोगों के घरों और जीवन का बड़ा हिस्सा बन चूका है जिसके बिना उनका गुज़ारा संभव नहीं। गर्मियों में यह आदत कुछ हद तक ठीक हो सकती है लेकिन अगर एसी को तय सेटिंग पर रखना तथा इसकी मौजूदगी में दिन बिताना आपकी दिनचर्या बन चुकी है तो आपको सचेत हो जाने की ज़रूरत है। एसी की यह आदत आपको कई दुष्प्रभाव दे सकती है जो असहजता से लेकर गंभीर रोगों तक हो सकते हैं-

 

पानी की कमी 

जिन कमरों में एसी चलते हैं उनमें हवा की कमी अक्सर सामान्य से कम होती है। यही वजह है की इन कमरों में कई घंटे काम करने वाले अगर एसी की सेटिंग नियमित रूप से न सुधारें तथा पर्याप्त पानी न लें तो उनके शरीर में पानी की कमी रहने लगती है। ऐसा होने की संभावना और भी बढ़ जाती है जब तापमान कम रखा जाता है जिससे प्यास लगने की संभावना भी कम हो जाती है।

 

सिरदर्द और माइग्रेन 

एसी आपको सिरदर्द और माइग्रेन की समस्या भी दे सकता है खासकर जब घर की हवा की गुणवत्ता थोड़ी भी खराब हो जाए। साथ ही शरीर में पानी की कमी सिरदर्द की वजह बन सकती है जो आगे बढकर माइग्रेन को जन्म दे सकते हैं। यह संभावना एयर कंडिशन्ड कमरों में रहने की अवधि बढने पर और बढ़ती जाती हैं।

 

सांस लेने में समस्या 

जो लोग एयर कंडिशन्ड कमरों में समय बिताते हैं उनमें नाक, गला और आँखें भरने की समस्या ज्यादा होती है। समय के साथ यह गले की खराश, कफ़ और रायनाइटिस तक में बदल सकती है। प्राकृतिक रूप से हवादार कमरों में रहने वालों की तुलना में एसी में रहने वालों में यह संभावना 25 प्रतिशत ज्यादा होती है।

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आलस 

हमारे घर और ऑफिस में लगे एसी हमें ठंडक देकर सहज करने के लिए बने हैं। पर अगर गौर करें तो ये उल्टा असर डालते हैं तथा कई मामलों में आलस और शिथिलता का कारण बनते हैं। एक शोध के अनुसार एसी के मुकाबले प्राकृतिक रूप से हवादार कमरों में आलस की समस्या तीन गुना कम हो जाती है।

 

शुष्क त्वचा 

गर्मियां आते ही धुप और एसी मिलकर आपको शुष्क त्वचा दे सकते हैं। इस समस्या को शोधकर्ताओं ने “सिक बिल्डिंग सिंड्रोम” नाम दिया है क्यूंकि इसके लक्षण-शुष्कता और खुजली आप बिल्डिंग से निकलने के कुछ घंटों में ही महसूस कर सकते हैं। इस तरह शुष्क हुई त्वचा का उपचार भी आसान नहीं- यह कई दिनों तक एसी से दूर रहने पर ही ठीक हो सकती है।

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अस्थमा और एलर्जी 

एसी आपको एलर्जी दे सकता है तथा अस्थमा को और भी गंभीर बना सकता है। जो लोग पराग या प्रदुषण की एलर्जी से प्रभावित रहते हैं वे एसी में रहने से सुकून और राहत महसूस ज़रूर करते हैं पर बाकी मामलों में एलर्जी की समस्या बिगडती ही है। अगर आपका एसी साफ़ नहीं रहता है तो यह आशंका और भी बढ़ जाती है।

 

इन प्रभावों के अलावा एसी आपको शुष्क आँखें और कई संक्रमण दे सकता है। यह उपकरण आपको कुछ देर सहजता दे सकता है लेकिन इसका लम्बे समय तक उपयोग न ही आपके लिए सही है न ही पर्यावरण के लिए। कोशिश करें की इस उपकरण पर आपकी निर्भरता कम की जा सके तथा दुष्प्रभावों का उपचार शुरू किया जाए।

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