आयुष्मान भारत – प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, कौन है लाभार्थी

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image credits: Gulf Times

रोटी, कपड़ा और मकान आज तक भारत के लोगों की मूल सुविधाएं मानी जाती थी। इस सूचि में सड़क और बिजली जोड़ दें तो आप पिछले 70 सालों में हर चुनावी भाषण का सार पा जाएँगे। पर फिर भी देश की एक बड़ी आबादी गरीबी से नहीं निकल पाई; वजह थी एक महत्वपूर्ण बिंदु की अनदेखी। (Ayushman Bharat – PM JAY)

 

विगत दशक की जनगणना के आंकड़ों के अनुसार हर दशक जो परिवार गरीबी से मध्यम वर्ग में प्रवेश करते हैं उनमें से 80 प्रतिशत परिवार इसलिए वापस गरीबी रेखा के नीचे पहुँच जाते हैं क्योंकि उनके परिवार में किसी को बीमारी के चलते अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है। एक ऐसे देश में, जहाँ औसतन जीवनकाल और आबादी दोनों ही बढ़ रहे हैं, यह स्थिति विकासशीलता रोकने का काम कर सकती है।

 

ज़ाहिर है, स्वास्थ्य को भी अब हर व्यक्ति का अधिकार बनाने की ज़रूरत है। इसी ध्येय से भारत सरकार ने आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत की। गरीब लोगों को श्रेष्ठ उपचार उपलब्ध करवाने वाली इस योजना को PM-JAY या प्रधान मंत्री जन आरोग्य योजना या मोदीकेयर के नाम से भी जाना जाता है। ऐसी योजनाएं अब तक विकसित देशों में ही नागरिकों को उपलब्ध हो पाती थी। इस मह्त्वाकांशी योजना को WHO ने भारत के लिए ‘गेम चेंजर’ साबित होने वाला माना है। क्या है यह योजना, आइये जानें-

 

योजना के मुख्य बिंदु:

आयुष्मान भारत योजना के अन्दर आपको ये सौगात मिल सकती है-

 

पंजीकृत परिवार को 5 लाख तक बीमा 

हर साल आपका परिवार 5 लाख तक स्वास्थ्य बीमा का लाभ उठा सकता है। यह आपको माध्यमिक और तृतीयक उपचार के लिए मिलेगा। माध्यमिक उपचार अर्थात ऐसी बीमारियों का उपचार जिसमें आपको अस्पताल में भर्ती होना पड़े तथा तृतीयक देखभाल अर्थात बेहद गम्भीर बीमारियों का उपचार। इन दोनों ही मामलों में आपको अस्पताल का खर्चा तथा अस्पताल से छुटने के बाद दवा आदि का खर्चा दिया जाएगा।

 

परिवार के आकार पर कोई बंधन नहीं 

आपके परिवार में कितने लोग हैं, कितनी उम्र के हैं, किन बीमारियों से पीड़ित हैं, किस लिंग के हैं तथा कितना कमाते हैं, इससे स्वास्थ्य बिमा के लाभ पर कोई असर नहीं होगा। हर परिवार 5 लाख के बीमा का समान रूप से अधिकारी होगा।

 

SECC सूचि में नामांकित सभी परिवारों को स्वतः लाभ 

2011 में हुई जनगणना में अगर सामाजिक आर्थिक जाती जनगणना में आपका परिवार शामिल हुआ है तो आप स्वतः ही इस योजना के लाभार्थी बन जाते हैं। अगर नहीं तो आप ज़रूरी दस्तावेजों के साथ पंजीकरण करवा सकते हैं।

 

परिवार को कोई पैसा खर्च करने की ज़रूरत नहीं होगी 

अगर किसी बीमारी के चलते परिवार के सदस्य को अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है तो परिवार को उपचार/जांच/ऑपरेशन के किसी भी चरण में पैसा खर्च करने की ज़रूरत नहीं होगी। अधिकृत अस्पताल में भर्ती होने पर सिर्फ एक आईडी की मदद से आप निशुल्क उपचार ले पाएंगे।

 

पुरानी बीमारियाँ भी शामिल 

ज्यादातर निजी कंपनी से बीमा लेने के लिए आप तब ही योग्य हैं जब आप पूरी तरह स्वस्थ हों। आयुष्मान भारत में यह शर्त नहीं है। अगर आप इस वक्त किसी गम्भीर बीमारी से पीड़ित हैं लेकिन पैसों की कमी के चलते ईलाज नहीं ले पा रहे हैं तो आज से ही इस योजना में पंजीकरण करवा कर आप लाभार्थी बन सकते हैं। यह योजना सभी माध्यमिक उपचार और ज्यादातर तृतीयक उपचार को उपलब्ध करवाएगी।

 

अधिकृत आईडी और अधिकृत अस्पताल से कैशलेस इलाज 

सरकार द्वारा कुछ अस्पतालों को इस योजना के अंदर अधिकृत किया गया है। इसमें सभी सरकारी अस्पताल और कई निजी अस्पताल शामिल हैं। इन जगहों पर जाकर अगर आप अपनी आईडी या पहचान पत्र दिखाएंगे तो तुरंत ही कैशलेस उपचार की सुविधा आपको उपलब्ध हो जाएगी।

 

इस योजना का लाभ कौन उठा सकता है?

इस योजना का मुख्य लाभ गरीबी रेखा के नीचे रह रहे तथा सुविधाओं से वंचित परिवारों को दिया जाना है। 2011 में हुई सामाजिक आर्थिक जाती जनगणना के अनुसार ऐसे परिवारों की पहचान की जाएगी तथा इन्हें इस योजना का लाभ होगा।

इस योजना से देश के 10.74 करोड़ परिवार लाभान्वित होंगे जिनके आकार, परिवारजन की उम्र व् कमाई पर कोई बंधन नहीं होगा।

आप इसका लाभ उठा सकते हैं या नहीं, यह जानने के लिए mera.pmjay.gov.in पर जाएं। इसी वेबसाइट पर आप दस्तावेज़ अपलोड करने तथा योजना से जुड़े बदलावों का पता लगाने का कार्य भी कर पाएंगे।