जानिए बवासीर जैसी गंभीर बीमारी का आयुर्वेदिक इलाज

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image credits: www.ayurtimes.com

बवासीर एक समस्या है जिसमें मलद्वार की नसें सूजकर मलविसर्जन में अवरोध पैदा करती हैं। इस वजह से सुई जैसा दर्द और मलविसर्जन में तकलीफ होती है तथा रक्तस्राव भी होता है। मोटापा, अपच, मलविसर्जन की इच्छा को लम्बे समय तक दबाना और गलत जीवनशैली अपनाना इस रोग के कारण हो सकते हैं। (bawaseer ka ayurvedic ilaj hindi mein, piles treatment at home in hindi, medecine, dava)

 

अगर आपको बवासीर की समस्या है तो चिकित्सीय उपचार के साथ इन आयुर्वेदिक उपायों को अपनाना आपको इस रोग के लक्षण से राहत दे सकता है-

 

त्रिफला चूर्ण 

देखा जाता है की बवासीर होने की मुख्य वजह अपच ही है। अगर आपको भी अपच की समस्या रहती है तो रोजाना त्रिफला चूर्ण का सेवन शुरू करें। यह आदत आपका पेट साफ़ रखने में मदद करेगी तथा भविष्य में भी बवासीर होने से बचाएगी।

विशेषज्ञों की मानें तो रोजाना सोने से पहले त्रिफला चूर्ण की चार ग्राम की खुराक गर्म पानी के साथ लेनी चाहिए। अगर आप इसके सेवन का नियम से पालन करते हैं तो जल्द ही पेट की समस्याओं से निजात पा सकते हैं तथा बवासीर के लक्षणों से भी राहत पा सकते हैं।

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अरंडी का तेल 

अरंडी का तेल एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर फफूंद विरोधी, बैक्टीरिया विरोधी और सुजन विरोधी गुणों से भरा है। इसलिए इस तेल के उपयोग से आप बवासीर के आकार को कम कर सकते हैं तथा तकलीफ से राहत पा सकते हैं।

अरंडी के तेल की 3 मिली मात्रा रोजाना सोने से पहले दूध के लेना शुरू करें। साथ ही इस तेल को प्रभावित क्षेत्र में लगाने से भी तकलीफ और दर्द से राहत मिलती है।

 

हींग 

आयुर्वेद बवासीर में हींग के सेवन को बढाने का सुझाव देता है। इसे आप दाल पकाते समय या सब्जी बनाते हुए उपयोग कर सकते हैं या एक गिलास पानी में घोलकर भी रोजाना पी सकते हैं। हींग का सेवन करने से पाचन क्रिया बेहतर होती है और आपको बवासीर होने पर भी मलविसर्जन की तकलीफ कम होने लगती है। जब बवासीर पर दबाव नहीं पड़ता, तो यह समय के साथ अपने -आप ठीक होने लगता है।

 

रात में भारी भोजन न करें 

आयुर्वेद के अनुसार हमारी आदतें ही हमारे रोगों की जड़ होती है। अगर आप किसी रोग को ठीक करना चाहते हैं तो इससे जुडी आदत को भी खत्म करना ज़रूरी है। बवासीर के उपचार में ज़रूरी है की आप अपच कम करें। इसी वजह से रात में ऐसा खाने से बचें जो फाइबर से भरा हो।

साथ ही ज़रूरत से ज्यादा पाचक औषधियां खाने से भी बवासीर के रोगियों को तकलीफ बढ़ सकती है इसलिए ऐसा करने से भी बचें। अगर आपके बवासीर से खून भी निकलने लगा है तो तले हुए आहार को न खाएं तथा भारी खाना खाने से बचें।

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पानी पियें 

यह बवासीर के लक्षणों से राहत से पाने का सबसे सरल तरीका है। एक दिन में 8-10 गिलास पानी पीने से अपच की समस्या से निजात मिलेगी जिससे आपकी तकलीफ कम होती जाएगी। साथ ही अगर आप बवासीर से बचना चाहते हैं तो भी दिनभर भरपूर पानी पीने की आदत डालें।

 

सलाद 

रोजाना सलाद में ऐसी चीज़ें शामिल करें जो पानी से भरपूर हो। ककड़ी इसका सबसे अच्छा उदाहरण है। साथ ही गाजर में एंटीऑक्सीडेंट और सुजन-विरोधी गुण होते हैं इसलिए इसे खाने से भी बवासीर के लक्षणों से आराम पाया जा सकता है। साथ ही इससे विटामिन C और K भी मिलता है जिससे नसों की सेहत भी बेहतर होती है।