नाश्ता राजकुमार की तरह, लंच राजा की तरह और रात्रिभोज रंक की तरह

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healthy breakfast foods
image credit: cravebits.com

आपने यह मशहूर कहावत ज़रूर सुनी होगी- सुबह का भोजन राजकुमार की तरह करें, दोपहर का भोजन राजा की तरह और रात का भोजन किसी गुलाम की तरह। यह कहावत एक ही वाक्य में हमें स्वस्थ जीवन जीने का लिए ज़रूरी आहार शैली सुझाती है। (khana khane ka tarika, khana kaise khana chahiye)

 

सुबह उठने पर हमारा शरीर भरपूर पोषण लेने के लिए तैयार रहता है। यह समय है जब हमें फल, सूखे मेवे, महत्वपूर्ण दवाएं और मनपसंद नाश्ते खाने की सलाह दी जाती है। इस समय खाया गया आहार आसानी से पचाया भी जा सकता है इसलिए इस समय किए गये आहार के दुष्प्रभाव कम ही होते हैं।

 

दोपहर होने तक हमारा शरीर थोड़ा शिथिल होने लगता है लेकिन अब भी हमारे पास कई घंटे बचे होते हैं जिनमें हम सक्रियता से अपना काम करते हैं। इस समय पोषक लेकिन थोडा हल्का आहार लेने पर शरीर आलस में नहीं जकड़ता और उर्जा भी पा लेता है।

 

शाम होने पर शरीर की उर्जा भी घट जाती है और पाचन क्रिया की अग्नि भी शांत होने लगती है। इस समय ऐसा भोजन किया जाना चाहिए जो हल्का हो और आसानी से पचाया जा सके। इस समय किस भी तरह के फल न खाने की सलाह दी जाती है। इस समय आपके भोजन की मात्रा भी सबसे कम होनी चाहिए।

 

तो आपने जाना किस तरह एक छोटी सी कहावत आपकी आहार शैली का मूलमंत्र बन सकती है। पर इस सुझाव को अपनाना भी आसान नहीं है-अक्सर हम कई तरह के काम और टालने की प्रव्रत्ति के कारण खुद को वह पोषण नहीं दे पाते जो ज़रूरी है। इसलिए हम आपकी मदद के लिए दिनभर के आहार के लिए एक रूप रेखा लाएं हैं जिसकी मदद से आप अपना आहार तय कर सकते हैं-

 

सुबह:

सुबह उठकर भरपूर पानी पियें। आप चाहें तो इस पानी में एक चम्मच शहद डाल सकते हैं या इसकी जगह ग्रीन टी ले सकते हैं। इसके बाद एक कटोरी फल या कुछ सूखे मेवे खाएँ।

अब अपने नाश्ते की तैयारी करें। इस समय आप मुसली, फ़ल और ड्राई फ्रूट्स के साथ दूध ले सकते हैं, व्होल ग्रेन सैंडविच बना सकते हैं या समय होने पर अपने पसंद का व्यंजन भी बना सकते हैं। ध्यान रखें की आप व्यंजन तैयार करते समय अच्छी गुणवत्ता वाले मसाले उपयोग करें तथा तेल का उपयोग इस तरह करें की दिनभर में 2000 के आस-पास कैलोरीज का सेवन किया जाए।

 

दोपहर:

इस समय पूरक आहार लेने पर जोर दें। घर पर हों या बाहर भोजन में रोटी, सब्ज़ी, दाल, चावल, सलाद आदि को ज़रूर जगह दें। दही, रायता, चटनी, पापड़ आदि भी पाचन को बेहतर करने में मदद करते हैं इसलिए आप इन्हें भी ले सकते हैं। पर दौरान ध्यान रखें की पुरे खाने में नमक और तेल का सेवन ज्यादा न हो रहा हो।

 

रात:

रात का भोजन आपका सबसे हल्का भोजन होगा। इस समय आप रोटी-सब्जी, दलिया, खिचड़ी आदि ले सकते हैं। ध्यान रखें, रात में भूख लगने पर फ़ास्ट फ़ूड की ओर न बढ़ें, बल्कि स्वास्थ्य के लिए हितकर विकल्प चुनें। इस समय उतनी ही मात्रा में खाना लें जितना ज़रूरी हो। खाने के बाद पाचन क्रिया में मदद करने के लिए कुछ टहलें।