बाजुओं व रीढ़ की मजबूती के लिए करें एकपद कौण्डिन्यासन योग

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Eka Pada Koundinyasana 1
image credits: Jack Cuneo Yoga

गौतम बुद्ध के अनुयायी ऋषि कौण्डिन्य निर्वाण पाने वाले पहले अरहंत बने। उन्हीं के आदर में एक खुबसूरत और प्रभावी आसन की रचना हुई जिसे एकपद कौण्डिन्यासन कहा जाता है। यह आसन आपके पेट, रीढ़, कलाई, बाजू और कमर को मजबूती देता है तथा आपको ऊर्जावान बनाता है।

आइये जानते हैं इस अनोखे योगासन की विधि-

  1. अधो मुख स्वानासन में शुरुआत करें। अपने हाथों को कंधे की दुरी पर रखें।
  2. अब अपने बाएँ पैर को आगे बढाएं और बाएँ हाथ के पास में सामने रख दें।
  3. अपनी बाई कोहनी को मोड़ें, शरीर के उपरी हिस्से को दाई ओर मोड़ें, बाएँ कंधें को नीचे की ओर जाने दें तथा शरीर के बाएँ हिस्से को जितना हो सके ज़मीन के पास ले आएं।
  4. अब अपनी जांघ को शरीर से टिकाएं, बाई उपरी बाजू और कंधे को बाई जांघ के पिछले हिस्से में घुटने के उपर जितना हो सके ले जाएं। अपनी जांघ के पिछले हिस्से को बाजू के उपर जितना हो सके लेकर जाएं।
  5. अपने वजन को दोनों हाथों पर संतुलित करें। अपने बाएँ पैर को धीरे-धीरे आगे की और खिसकाएं ताकि आपका ज्यादा से ज्यादा वजन हाथों पर पड़ने लगे; इस तरह आप कम कोशिश में ही बाएँ पैर को हिला पाएंगे।
  6. जब आप बाएँ पैर को फर्श पर और दूर नहीं ले जा पाएँगे तब अपने घुटने को जितना हो सके सीधा करें।
  7. दोनों कोहनियों को मोड़ें, वजन को इस तरह संतुलित करें की पीछे रखे पैर को आप हवा में उठा सकें। पूरी ताकत से पिछले पैर को तब तक उठाएं जब तक यह ज़मीन के सामानांतर न हो जाए।
  8. अपनी छाती को उठाएं और इसे ज़मीन के समनांतर करें; इस दौरान अपने हाथों पर वजन संतुलित करें।
  9. अपने सिर को उपर उठाएं तथा आगे देखें। अपनी आँखों और माथे पर दबाव न बनने दें।
  10. सांसों में समानता रखें। इस आसन को 20 सेकंड तक रोकें फिर अधो मुख स्वानासन में आ जाएं।
  11. इस क्रिया को दुसरे तरफ के लिए भी दोहराएं।

 

अगर आपको कमर या कलाई में किसी तरह की तकलीफ हो तो इस आसन का अभ्यास न करें।

 

अगर आपको इस आसन के अभ्यास में मुश्किल हो तो इसके पहले सुप्त पदंगुस्थासन, चतुरंगासन दण्डासन या उपविस्था कोणासन का अभ्यास करें।

 

एकपद कौण्डिन्यासन के अभ्यास से आप ये लाभ पा सकते हैं-

  • बाजुओं को मजबूती मिलती है।
  • कलाई को लचीला और ताकतवर बनाए।
  • पेट को पतला और सुगठित बनाए।
  • रीढ़ को लचीला रखे तथा पीठ की मांसपेशियों को मजबूत रखे।
  • कमर का दर्द कम करे।
  • आत्मविश्वास बढाए।