फ़िनलैंड से सीखें खुश रहने का राज़ 

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    Image Credits: Economist

    इस साल भी यूनाइटेड नेशन की वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट में फ़िनलैंड के लोगों को सबसे खुश और संतुष्ट पाया गया। इतना ही नहीं, इस सूचि में पहले चार स्थान स्कैंडेनेविया के देशों ने ही पाई। वहीं भारत को 156 देशों के बीच 140वा स्थान मिला। साफ़ है की हमें फ़िनलैंड से बहुत कुछ सीखने की ज़रूरत है।

    आइये जानें वो सात बातें जो फ़िनलैंड के लोगों को सबसे खुश बनाती है-

    टैक्स 

    अक्सर लोग सरकार द्वारा लिए जा रहे टैक्स में बढ़ोतरी को सही नहीं बताते। लेकिन ऐसी सुविधाएं, जो हर नागरिक को समान रूप से मिलनी चाहिए तथा जिनपर मुनाफे का नियन्त्रण नहीं होना चाहिए, को सरकार टैक्स के रूप में वसूले गये पैसों से ही दे पाती है। इसी तरह से अमीरों और गरीबों के बीच मुलभुत सुविधाओं के लिए अंतर नहीं किया जाता और ज्यादा से ज्यादा लोग आसान जीवन बिता पाते हैं।

    स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच 

    रोड, पार्क, बिजली व् पानी की तरह ही फ़िनलैंड की सरकार स्वास्थ्य सेवा को अति मुलभुत सेवा मानती है और ज्यादा से ज्यादा लोगों तक इसे पहुँचाने का प्रयास करती है। हममें से 80 प्रतिशत लोगों को जीवन में सिर्फ प्राथमिक चिकित्सा की ही ज़रूरत पड़ती है। अगर यह सेवा सही दाम और समय पर उपलब्ध हो तो देश के गरीब व् मिडिल क्लास तबके ज्यादा सुखी रहेंगे।

    ज्यादा संभावित आयु 

    फ़िनलैंड में संभावित आयु पुरुषों के लिए 78 साल और महिलाओं के लिए 84 साल है। सुरक्षा और लम्बा जीवन किसी भी व्यक्ति के लिए सूख का पहला संकेत होता है और फ़िनलैंड ने यह अपने नागरिकों को पूरी तरह से दिया है। भारत में भी संभावित आयु तेज़ी से बढ़ रही है लेकिन भारत की बढती जनसँख्या के बीच समस्याएँ और भी जटिल हो सकती हैं।

    भ्रष्टाचार की कमी 

    टैक्स का पैसा लेना तथा नई स्कीम लाना एक बात है लेकिन ज़मीनी स्तर पर इसे पहुँचाने के लिए हमें ज़रूरत होती है कुशल लोगों की। फ़िनलैंड में भ्रष्टाचार की कमी है इसलिए किसी भी योजना में लगाया गया पैसा धरातल तक पहुँचता है और लोगों को लाभ देता है। भारत में इस दिशा में शुरुआती कदम लिए जा रहे हैं।

    ज़रूरतमंद लोगों को मदद 

    इस सभी सेवाओं के बीच कई बार लोग सब कुछ खो बैठते हैं या कई वजहों से पीछे रह जाते हैं। ज़रूरत के ऐसे समय में भी फ़िनलैंड की सर्कार अपने नागरिकों का साथ देती है। इसे सोशल सिक्यूरिटी नेट कहा जाता है। सर्कस में करतब दिखाते हुए अगर कोई कलाकार उंचाई से गिर जाए तो ज़मीन से कुछ उपर लगा नेट उसकी सुरक्षा करता है। उसी तरह अगर आप गरीबी, बेरोज़गारी, बेघर होना या बुढ़ापे में सहारा न होना जैसी समस्याओं में फंस जाते हैं तो फ़िनलैंड की सरकार आपकी मदद करती है।

    विकसित देशों में यह सिक्यूरिटी नेट बेहद सफल योजना है लेकिन फ़िनलैंड ने दिखाया है की इस योजना के सफल होने के लिए आपको अमीर राष्ट्र होना ज़रूरी नहीं।

    वातावरण 

    फ़िनलैंड में अक्सर वातावरण ठंडा रहता है तथा ठंड का मौसम कई महीनों तक चलता है। देखा जाता है की ऐसे देशों में रहने वाले लोग ज्यादा स्वस्थ रहते हैं।

    काम व् पढाई में प्रतिस्पर्धा की जगह सामजस्य को बढ़ावा 

    फ़िनलैंड की सामाजिक संरचना इस तरह से बनाई गयी है की एक छोटा बच्चा शुरुआत से ही अपने व्यक्तित्व को निखारने पर ध्यान देता है तथा क्लास में सर्वश्रेष्ठ अंक लाने व् अलग दिखने पर नहीं। यही रुख लेकर जब आप यह बच्चा बड़ा होकर काम करने जाता है तो ऑफिस का माहौल भी विकास को बढ़ावा देने वाला बनता है।

    अगर फिर भी फ़िनलैंड के नागरिक को नौकरी नहीं मिलती तो वह सरकार से मदद लेकर अपना गुज़ारा कर सकता है तथा नये जीवन की शुरुआत कर सकता है।