लोकप्रिय भारतीय पकवानों की जगह इन सेहतमंद व्यंजनों को दें

299
eat-right-movement
image credits: Twitter (@fssaiindia)

फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉर्रिटी ऑफ इंडिया, FSSAI ने 10 जुलाई 2018 से देश भर में Eat Right Movement की शुरुआत की, जिसे प्रोमोट करने Rajkumar Rao आए। इसके तहत लोगों से आग्रह किया जा रहा है कि वे ‘आज से थोड़ा कम’ तेल, नमक व चीनी का सेवन करें। आहार में तेल, नमक व चीनी की अधिक मात्रा से ही आज कल लाइफस्टाइल बीमारियां जैसे की हार्ट अटैक, मोटापा व डॉयबिटीज जैसी बीमारियां बढ़ रहीं हैं।

विश्वभर में मोटापे की वजह दो तरह के आहार को माना जाता है- बहुत ज्यादा वसायुक्त आहार या बहुत ज्यादा मीठा आहार। पर भारत में मोटापे की वजह इन आहारों का मेल है। हमारे यहाँ लगभग सभी लोकप्रिय पकवानों में मिठास और वसा भरपूर होती है जो की बेहद नुकसानदेह है। गौर करने वाली बात यह है की ये दोनों तरह के घटक कभी भी प्राकृतिक रूप से साथ नहीं पाए जाते। इन्हें साथ खाना आपको इन्सुलिन रेजिस्टेंस, ताकत की कमी तथा चोट ठीक होने में ज्यादा समय लगना जैसी समस्याएँ दे सकता है।

 

क्या इस समस्या से बचने का कोई रास्ता है? आप अपने खान-पान में थोड़ा बदलाव लाकर सेहतमंद रह सकते हैं। बस, नुकसानदायक व्यंजनों की जगह इन हितकारी व्यंजनों को चुनें-

 

समोसे की जगह ढोकला खाएँ-

समोसा छोटी-बड़ी दुकानों में आसानी से मिलने वाली बहुत लोकप्रिय डिश है। पर यह डीप-फ्राइड होने तथा मैदे से बनने के कारण सेहत को बड़ा नुकसान पहुंचाती है। समोसे को खाने से आपके रक्त में ग्लूकोस तेज़ी से बढ़ता है और शुगर का कारण बनता है। इसके अलावा अपच, ह्रदय रोग और मोटापा भी समोसे के सेवन से हो सकते हैं।

समोसे की जगह ढोकले को चुनना आपके द्वारा ली गयी कैलोरीज को आधा कर देगा। इतना ही नहीं, ढोकला एक हल्की और पोषक डिश है जिसे स्वादिष्ट(और पोषण से भरी) चटनी के साथ आप बिना चिंता किए अपनी भूख शांत कर सकते हैं।

 

आलू के चिप्स की जगह मखाने खाएँ-

आलू की चिप्स आपको भरपूर कैलोरीज और कार्ब्स ज़रूर देगी लेकिन भरपूर सोडियम और बिना फाइबर के यह डिश आपकी सेहत ख़राब करने का ही काम करेगी। इनकी जगह बिना मक्खन के सिके मखानों को दें, जो आधी कैलोरीज में आपको भरपूर फाइबर देंगे। ये सोडियम से भी मुक्त रहेंगे इसलिए आपके रक्तचाप को भी दुरुस्त रखेंगे।

जीरो फैट होने की वजह से मखाने आलू के चिप्स की तुलना में एक सेहतमंद विकल्प होंगे, खासकर जब आपको खाने के बीच कुछ स्नैक्स खाने का मन हो।

 

सूजी के हलवे की जगह रसगुल्ले को दें-

कुछ मीठा खाने का मन करे तो एक कटोरी हलवे की जगह एक छोटे रसगुल्ले को दें। अक्सर हम रसगुल्ले को अत्यधिक मीठा और सेहत के नुकसानदायक मानते हैं लेकिन सूजी के हलवे के बारे खाने से पहले नहीं सोचते। पर अगर देखा जाए तो एक कटोरी हलवे से आप 270 कैलोरीज लेते हैं वहीं एक रसगुल्ला आपको 150 कैलोरीज देता है।

कम कैलोरी युक्त होने के साथ रसगुल्ला कम वसायुक्त भी होता है और आपके आहार का सही पूरक बन सकता है।

 

मेदू वडा की जगह इडली सांभर खाएँ-

इडली सांभर पश्चिमी पाकशाला की एक बेहतरीन डिश है जिसे आप बिना किसी चिंता के खा सकते हैं। इनमें मेदू वडा के मुकाबले चार गुना कम कैलोरीज होती है तथा तीन गुना कम कार्ब्स होते हैं। इसकी एक बड़ी वजह मेदू वडा का डीप फ्राइड होना है जो इसके प्रोटीन युक्त होने के गुण को ढक देता है।

घर के बाहर निकले हैं और भूख शांत करने के लिए स्नैक्स ढूंढ रहे हैं तो इडली सांभर आर्डर करें। गर्मागर्म सांभर और इडली लेने से आप रोगों के फैलने के डर से भी बच जाएँगे और हल्के-फुल्के नाश्ते से पेट भी भर पाएँगे।

 

चाट पपड़ी की जगह भेलपुरी खाएँ-

अगर मौसम ठंडा होने पर आपको कभी चाट खाने का मन हो तो खुद को रोकने की जगह सही चुनने पर ध्यान दें। चाट के विभिन्न रूपों में भेलपुरी सबसे कम कैलोरी युक्त होती है तथा आपके बीमार पड़ने की संभावना को कम कर देती है।

चाट के किसी भी रूप से तुलना की जाए तो भेल में एक तिहाई कैलोरीज और आधी वसा होती है। भेल में आप कार्ब्स की मात्रा भी आधी पाएँगे लेकिन इसके चटपटे स्वाद में कोई कमी नही होगी।