पेंट और वार्निश से हो रहा है आपको नुकसान

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image credits: wpcode.info

घर की पुताई और सजावट में एक बड़ी कोशिश घर को साफ़ और बीमारीमुक्त करने की होती है। लेकिन फिर भी इसे सजाने के आधुनिक साधन में मौजूद रसायन हमें ही बीमार करने का जरिया बन रहे हैं। ये दुष्प्रभाव सिर्फ एक या दो दिन नहीं बल्कि सालों तक आपके शरीर और दिमाग में अपनी पकड़ बनाकर रखते हैं। इसलिए बहुत ज़रूरी है की अगली बार सजावट शुरू करने से पहले आप इस प्रक्रिया पर दोबारा विचार ज़रूर करें।

 

आइये जानते हैं कौनसे हैं ये उत्पाद और इनके प्रभाव से कैसे बचा जा सकता है-

 

पेंट 

घर में उपयोग किए जाने वाले पेंट में खतरनाक रसायन मौजूद होते हैं। जब यह सूखता है तो केमिकल हवा में घुल जाते हैं तथा साँसों के ज़रिये आपके शरीर में आने लगते हैं। ऐसे फ्यूम को साँसों के द्वारा लेने से आप अस्थमा और साइनस के मरीज़ बन सकते हैं।

इतना ही नहीं, ये केमिकल आपके फेफड़ों द्वारा अवशोषित भी किए जाते हैं तथा अन्तः रक्त में पहुँचते हैं। इस तरह ये सिरदर्द और चक्कर आने की वजह भी बन सकते हैं। अगर आप ऐसे कमरे में पुताई करवा रहे हैं जहाँ हवा के आने-जाने का साधन नहीं है तो इस जगह आप बेहोश भी हो सकते हैं।

इन केमिकल को सूंघने से आँख, नाक और गले में तकलीफ शुरू हो सकती है। समय के साथ इनकी वजह से आपको कैंसर, स्नायु की क्षति तथा होने वाले बच्चे में जन्मजात कमी जैसी मुश्किलों का भी सामना करना पड़ सकता है। पुरुषों में पेंट के केमिकल से नपुंसकता हो सकती है वहीं त्वचा पर लगा पेंट कई तरह की एलर्जी का कारण बन सकता है।

 

पानी पर आधारित पेंट से ये प्रभाव कम होते हैं। इनकी सुगंध भी तीव्र नहीं होती तथा इनसे निकलने वाले विषाक्त तत्वों की मात्रा भी बहुत कम होती है। इनके अलावा आप इको पेंट या प्राकृतिक पेंट को भी चुन सकते हैं। साथ ही कमरे में हवा की आवा-जाही बढाने से भी आप दुष्प्रभावों को कम कर सकते हैं।

 

पेंट झड़ाना 

पुराने पेंट को झडाने के लिए ब्लो लैंप का उपयोग या घिसाई करवाने से आप इनमें मौजूद लीड के सम्पर्क आ सकते हैं। ये साँसों के द्वारा आपके शरीर में प्रवेश कर सकता है तथा कई तरह की समस्याएँ उत्पन्न कर सकता है। बच्चों में लीड से समझ की कमी और IQ का घटना जैसी समस्याएँ हो सकती हैं वहीं वयस्कों में यह सांस की बीमारी के रूप में दिखता है। लीड का उपयोग पेंट में बहुत कम हो चूका है लेकिन पुराने प्रकारों में आज भी ये पाया जाता है।

 

अगर आपके घर में कई साल पहले पुताई हुई थी तो संभावना है की पेंट में लीड हो। ऐसे में इसके ऊपर नए पेंट की पुताई लीड को बाहर आने से रोक देगी। पर अगर आपको लीड वाला पेंट निकालना ही है तो इसके लिए किसी अनुभवी संस्था से सम्पर्क करें, स्वयं यह काम न करें।

 

वार्निश 

पेंट की तरह ही लकड़ी पर उपयोग होने वाला वार्निश खतरनाक केमिकल से बना हो सकता है तथा सिरदर्द, आँख-नाक-गले के रोग व् अस्थमा का कारण बन सकता है। इतना ही नहीं, वार्निश में मौजूद केमिकल कैंसर का कारण भी माने जाते हैं।

 

अगर आप फर्नीचर पर वारनिशिंग कर रहे हैं तो ऐसा करने के लिए खुली जगह चुनें। अपने हाथों को ग्लव्स से ढकें तथा हर आधे घंटे में साफ़ हवा में जाएं।

 

वॉलपेपर 

वॉलपेपर को सुरक्षित माना जा सकता है पर इसे चिपकाने के लिए उपयोग किए जाने वाले गोंद को नहीं। इस पेस्ट में फफूंद से लड़ने के लिए केमिकल मिलाया जाता है जो त्वचा के रोगों का कारण बन सकता है। यह रेडी तो स्टिक वॉलपेपर में भी हो सकता है।

 

वॉलपेपर लगाते हुए हमेशा अपने हाथों को ग्लव्स से ढकें। साथ ही इसके गोंद से त्वचा को किसी भी तरह के सम्पर्क में आने न दें।