हेल्थी फ़ास्ट फ़ूड कितने हेल्थी हैं

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image credits: makeupandbeauty.com

आहार से जुडी कई संस्थाओं के द्वारा करवाए जा रहे शोध यह दिखाते हैं की पिछले 2-4 सालों में 75 प्रतिशत लोग सेहतवर्धक आहार की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। इसी खोज के आधार पर अब रेस्टोरेंट और फ़ूड कंपनी “पोषक विकल्प” सामने रख रही है जिसे कई लोग अपना भी रहे हैं। (how healthy are healthy fast food recipes)

 

पर क्या ये हेल्थी फ़ूड सच में हेल्थी है? आइये जानते हैं-

 

बर्गर के स्वस्थ विकल्प 

बर्गर सर्व करने वाले कई रेस्टोरेंट अब इनमें ज्यादा सब्जियां और कम कैलोरीज डालने की कोशिश कर रहे हैं। आप आसानी से ऐसे विकल्प चुन सकते हैं जिनके बन में मोटे अनाज हैं तथा जो अन्य विकल्पों के मुकाबले कम कैलोरिज़ देते हैं।

पर अगर ध्यान से देखा जाए तो ऐसे कम ही रेस्टोरेंट मिलेंगे जो बन में मैदे की मात्रा चिन्हित करेंगे या आपको यह बताएँगे की ऐसे विकल्प में सोडियम की मात्रा बहुत ज्यादा होती है।

अगर आप हेल्थी बर्गर खा रहे हैं तो इनका सेवन सीमित मात्रा में करें तथा दिन के बाकी आहार में नमक की मात्रा कम कर दें।

 

ओट्स 

ओट्स या रेडी तो मेक दलिया भी सेहतमंद विकल्प की तरह पेश किए जा रहे हैं। दलिया जहाँ एक अच्छा आहार हो सकता है वहीं इन डिब्बाबंद उत्पादों पर नजर रखने की ज़रूरत है।

ये फाइबर और अनाज का अच्छा स्रोत होते हैं लेकिन इनमें नमक या शक्कर की मात्रा बहुत ज्यादा होती है।अगर आप इन्हें आजमा रहे हैं तो बाकी दिन नमक/शक्कर की मात्रा पर नियन्त्रण ज़रूर रखें।

 

ब्राउन फ्राइड राइस 

पेटभरकर फ्राइड राइस खाने की ग्लानी से अब कोई मुक्त नहीं है। यही वजह है की अब रेस्टोरेंट आपको ब्राउन फ्राइड राइस का लालच दे रहे हैं। ज़ाहिर है, ब्राउन राइस किसी भी डायटीशियन द्वारा सुझाया पहला नुस्खा है क्यूंकि यह अनाज का अच्छा स्रोत है, फाइबर से भरपूर है तथा रक्त में शक्कर की मात्रा नहीं बढ़ाता है।

पर अगर आप मिठाई में फाइबर डालकर इसे मिठाई समझना बंद कर देंगे तो यह एक भूल होगी। ब्राउन फ्राइड राइस अब भी वसा और सोडियम से भरपूर है।

इस डिश को कभी-कभी खाए जाने वाले आहार की सूचि का ही हिस्सा रहने दें।

डॉयबिटीज़ को कंट्रोल करता है ब्राउन राइस का सेवन

शहद और मोटे अनाज से बनी मिठाई 

आप अक्सर केक, मफिन, शेक आदि में शक्कर की जगह शहद और मैदे की जगह अनाज को देने वाली विधियाँ पढ़ते होंगे। ये दावा करती हैं की आप यह बदलाव कर अपनी पसंदीदा डिश को हेल्थी भी बना सकते हैं।

पर अगर पोषण के मामले में देखा जाए तो ये विधियाँ अब भी बेहतर नहीं होती। इतना ही नहीं, अक्सर आप इन्हें ज़रूरत से ज्यादा खा लेते हैं और इनके प्रभाव को समझ नहीं पाते।

 

आटा नूडल्स 

आटे या चावल से बने नूडल्स फाइबर से भरे होते हैं तथा नूडल्स को पाचक बनाने की अच्छी पहल है। अगर आप अक्सर नूडल्स खाते हैं तो इन विकल्पों की ओर बढ़ें जो ज्यादा पाचक भी हैं तथा पोषक भी हैं।

लेकिन आटा नूडल्स भी डिब्बाबंद उत्पादों के दुष्प्रभावों को घटा नहीं सकते। इन्हें अक्सर खाने से आपकी पाचन क्रिया में बाधा आ सकती है, शरीर में पोषण की कमी के चलते विकार हो सकते हैं तथा तनाव, मोटापा, अनिद्रा आदि लक्षण भी सामने आ सकते हैं।

 

हेल्थी फ़ूड अक्सर आपको रेस्टोरेंट में खीच लाते हैं लेकिन आर्डर करते हुए भी क्या आप इतने ही सजग होते हैं? देखा जाता है की उपभोक्ता हेल्थी विकल्प के चलते आसानी से आकर्षित किए जा सकते हैं क्यूंकि अंत में वे स्वाद को पोषण के ऊपर ही चुनते हैं और इस तरह रेस्टोरेंट आसानी से हर रेसिपी पर मुनाफा कमा लेता है।