अपनी इन्द्रियों से जाने खाने की गुणवत्ता

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image credits: 1mhealthtips.com

“अच्छे खाने के लिए आपको चांदी के चम्मच की ज़रूरत नहीं है”- पॉल प्रुढोम नामक मशहुर शेफ का यह कथन हम सभी मानते ज़रूर हैं लेकिन यह भी जानते हैं की आज के समय में यह सत्य नहीं। प्राकृतिक क्रियाओं से तैयार सेहतवर्धक भोजन सामग्री आज बेहद महंगी और सीमित मात्रा में मिल रही है तथा हम अब इनकी गुणवत्ता पर भी पूरी तरह विश्वास नहीं कर पा रहे। खाने की सामग्री कितनी शुद्ध है, यह जानना भी आसान नहीं है।

इन्हीं मुश्किलों को ध्यान में रखकर कई ऐसी जांच तकनीकें बनाई गयी हैं जिनके द्वारा आप सिर्फ अपनी इन्द्रियों से खाने की गुणवत्ता जान सकते हैं। आइये, इन जांच क्रियाओं के बारे में जानें-

 

दूध 

आपका दूध प्राकृतिक है या नहीं, यह जानने के लिए आप इन जांचों को अपना सकते हैं-

दूध को चखकर देखें; कृत्रिम दूध स्वाद में कड़वा होता है।

दूध की कुछ बूंदें अपनी उँगलियों पर लें तथा इन्हें उँगलियों के बीच रगड़ें- दूध में मिलावट होने पर यह साबुन की तरह महसूस होगा।

 

काली मिर्च

काली मिर्च को आकर्षक दिखाने के लिए अक्सर तेल में लपेटा जाता है। यह तेल कई तरह के कैंसर का कारण बन सकता है इसलिए काली मिर्च खरीदने से पहले यह जांच ज़रूर करें-

सामग्री की थोड़ी सी मात्रा हथेली पर लें तथा इसकी सुगंध लें। तेल की प्परत होने पर इसमें से आपको मिटटी के तेल जैसी खुशबू आएगी।

 

लाल मिर्च 

लाल मिर्च में ईंट का पाउडर आदि की मिलावट पहचानने के लिए यह उपाय करें-

एक चम्मच काली मिर्च को एक गिलास पानी में मिलाएं और जमे हुए घटकों पर गौर करें।

अगर आपको नीचे जमा घटक दरदरा महसूस हो रहा है तो मिर्ची में ईंट का चुरा हो सकता है।

इसी तरह अगर नीचे सफ़ेद घटक बचा हो जिसे छुनें पर साबुन जैसा एहसास हो तो इसमें सेलखडी हो सकती है।

लौंग 

कई बार लौंग बेचने से पहले दुकानदार इसका तेल निकाल लेता है। इसकी जांच इस तरह की जा सकती है-

तेल निकले हुए लौंग आपको मुरझाए दिखेंगे।

ऐसे लौंग का तीखापन भी जीभ पर कम लगेगा।

 

शक्कर 

शक्कर में यूरिया की मिलावट आजकल आम हो चली है। आपकी शक्कर शुद्ध है या नहीं, ऐसे जानें-

थोड़ी शक्कर हथेली में लेकर मलें। अब इस शक्कर की सुगंध लें-अगर इसमें यूरिया की मिलावट है तो आपको अमोनिया(फर्श साफ़ करने के फिनायल जैसी) की गंध आएगी।

 

अनाज 

ज्यादा पैसों में कम अनाज देने की नियत से कई बार व्यापारी अनाज में भूसी या कंकड़ मिला देते हैं। आपके अनाज कितने साफ़ हैं यह जानने के लिए-

दानों को अलग-अलग कर देखें।

मिलावटी अनाज दूर से ही कांतिहीन और सडन जैसी गंध देता है।

 


आटा 

मोटा आटा या मैदा मिलाकर गेंहू के आटे को मिलावटी बनाया जाता है –

ऐसे आटे को मथते हुए आपको सामान्य से कम पानी की ज़रूरत पड़ेगी।

मिलावटी आटे की रोटियां स्वादहीन लगती हैं वहीं स्वच्छ आटे से बनी रोटियों का स्वाद हल्का मीठा आता है।

 

साबूदाना 

साबूदाने में रेत या मिटटी तो नहीं मिली यह जानने के लिए इसका एक छोटा हिस्सा मुँह में डालें। अगर यह दानेदार लगती है तथा मुँह में नहीं घुलती है तो इसमें मिलावट हो सकती है।

 

पीसे मसाले 

अक्सर स्वाद और वजन बढाने के लिए मसालों में नमक मिला दिया जाता है। इन मसालों को चखकर आप नमक की मौजूदगी का पता कर सकते हैं।