झुर्रियों को हटाएँ इन तरीकों से 

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Image Credits: Hindustan Times

झुर्रियां अक्सर शरीर के उन हिस्सों पर होती हैं जो धुप के सबसे ज्यादा सम्पर्क में आते हैं। आपका चेहरा, गर्दन, हाथ के पिछले हिस्से और कलाई इनमें हो सकते हैं। आपको दो तरह से झुर्रियां हो सकती हैं; पतली, हल्की रेखाएं तथा गहरी रेखाएं जिनसे त्वचा लटकती हुई नजर आती है।

आपको चाहे जिस भी तरह की झुर्रियां हों, अगर आपको इनसे परेशानी होती है तो आपको इन्हें पहले रोकने तथा फिर इनके निवारण के तरीकों की ज़रूरत है।

झुर्रियां क्यों होती है?

झुर्रियां बढाने की कई वजह है, जिनमें से मुख्य हैं-

  • धुम्रपान
  • त्वचा का प्रकार (पतली त्वचा होने पर झुर्रियां जल्दी आती हैं)
  • अनुवांशिक कारण
  • धुप से सम्पर्क

आप इनमें से कई कारकों को नियंत्रित नहीं कर सकते हैं लेकिन दो ऐसे कारक हैं जिनमें बदलाव लाकर आप बड़े लाभ पा सकते हैं- धुप के सम्पर्क में कम रहिये तथा धुम्रपान बिलकुल न करें।

झुर्रियों का इलाज 

आप कई तरीकों से झुर्रियों को कम स्पष्ट कर सकते हैं या खत्म कर सकते हैं-

रेटीनोइड 

विभिन्न चिकित्सा तरीकों में से इस तरीकों को सबसे ज्यादा प्रभावी और प्रमाणित पाया गया है। इसके उपयोग से उम्र बढने के संकेत, जैसे झाई आना, त्वचा खुरदुरी लगना तथा झुर्री आना, खत्म होने लगते हैं। शुरुआत में दवाओं से आपको थोडा लालपन आना तथा त्वचा छिलने की समस्या हो सकती है। धीरे धीरे यह लक्षण खत्म होने लगते हैं और आपको सकरात्मक प्रभाव नजर आने लगते हैं।

अम्ल 

ये फ्रूट अम्ल कहे जाते हैं तथा ग्लाईकालिक और लैक्टिक अम्ल से बने होते हैं। इन्हें तैयार करना पूरी तरह सुरक्षित होता है तथा हल्के फुल्के लक्षणों के अलावा इसके कोई नकरात्मक प्रभाव नहीं देखे जाते। पर साथ ही त्वचा पर इसके सकरात्मक प्रभाव भी बहुत ही कम होते हैं।

एंटीऑक्सीडेंट 

इनमें विटामिन A, C और E तथा बीटा कैरोटीन शामिल होते हैं। जिन उत्पादों में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं वे आपकी त्वचा को सूरज की किरणों से रक्षा भी प्रदान करते हैं तथा फ्री रेडिकल खत्म कर झुर्रियां कम करते हैं।

मॉइस्चराइजर 

मॉइस्चराइजर की मदद से कुछ समय के लिए झुर्रियों को कम स्पष्ट किया जा सकता है। आप अक्सर इन उत्पादों के विज्ञापन में देखेंगे की हल्की रेखाओं को कम स्पष्ट दिखाने का दावा किया जा रहा है लेकिन ये रेखाएं पूरी तरह से मॉइस्चराइजर की मदद से खत्म नहीं की जा सकती।

पील मास्क 

ग्लाईकोलिक पील मास्क की मदद से भी पतली रेखाओं को कम किया जा सकता है। सैलिसिलिक अम्ल आदि से बने पील आपकी त्वचा में गहराई तक पहुँचते हैं और रेखाओं को कम करने में बेहतर तरीके से काम करते हैं। पर अक्सर देखा जाता है की पील जितने अंदर तक काम करता है निशान छुटने और त्वचा में बदलाव आने की आशंका उतनी ही बढ़ जाती है। हमेशा किसी विशेषज्ञ से बात कर ही इनका उपयोग शुरू करें।

डर्माब्राशन 

इस प्रक्रिया की मदद से त्वचा की घिसाई की जाती है। विशेषज्ञ की निपुणता के आधार पर इस प्रक्रिया के कई लाभ हो सकते हैं। पर साथ ही त्वचा पर निशान छुटना और रंगत में हमेशा के लिए बदलाव आना इसके नकरात्मक प्रभाव भी हो सकते हैं।

लेज़र रिसरफेसिंग 

चिकित्सक लेज़र की मदद से त्वचा में कोलेजन के उत्पादन को बढ़ाते हैं जिससे त्वचा सौम्य और जवां होती जाती है। कई तरह के लेज़र ट्रीटमेंट मौजूद हैं जिनकी पूरी जानकारी और सम्भावित नकरात्मक प्रभाव को जानने के बाद ही आपको सही चुनाव करना चाहिए।

प्लास्टिक सर्जरी 

फेस लिफ्ट, ऑयब्रो लिफ्ट व् अन्य तरह की सर्जरी की मदद से उम्र के संकेतों को छिपाया जा सकता है। कई मामलों में छोटी सर्जरी की ही ज़रूरत होती है। कोई भी चुनाव करने से पहले अपने चिकित्सक से नतीजों, समय और प्रभावों के बारे में ज़रूर पूछें।

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