आपकी आँतों में है आपका दूसरा दिमाग: जानें क्या है यह

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image credits: UPMC HealthBeat

आपको जानकर आश्चर्य होगा की आपके पास एक और दिमाग है, आपकी आँतों में। दरअसल हमारा दिमाग स्नायु तंत्रों से निर्मित एक ढांचा है। आपकी आँतों के पास भी ऐसा ही एक स्नायु तन्त्र का ढांचा है जो बिना आपके दिमाग के हस्तक्षेप के अपने फैसले ले पाता है। इसी तन्त्र की मदद से आंतें अपनी चाल को नियंत्रित करती है। पर यह महत्वपूर्ण जानकारी अब तक हमारे पास नहीं थी; हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों ने अपने शोधों में पाया की हमारी आंतें अपने आप को नियंत्रित कर सकती हैं।

 

यह तन्त्र कैसे काम करता है?

इस तन्त्र को एंट्रिक नर्वस सिस्टम नाम दिया गया है। कई चूहों की आँतों पर शोध करने पर पाया गया की आँतों तक पहुँचने वाली नसें एक नियत ताल में विद्युत तरंगों को भेजती हैं जिससे खाना आँतों से आगे बढ़ता है तथा मल द्वार से बाहर निकलता है।

 

आपके दोनों मस्तिष्कों को सेहतमंद कैसे रखें?

दिन में तीन बार से लेकर हफ्ते में तीन बार तक शौच जाने की ज़रूरत होना सामान्य है पर इससे कम या ज्यादा होने पर आपको पेट की समस्याएँ हो सकती है। अपने पेट को स्वस्थ रखने के लिए आप इन उपायों को पाना सकते हैं-

 

भरपूर पानी पियें 

दिन में कम से कम आधा लीटर पानी पीने का लक्ष्य बनाएं। अगर आप कीटो डाइट अपना रहे हैं तो इस मात्रा को दुगना कर दें। एनी आहार शैलियों के आधार पर आपको पानी की मात्रा बढाने की ज़रूरत पड़ सकती है।

 

नमक लें 

दिन में ज़रूरी मात्रा में नमक लेना आपकी पाचन क्रिया में मदद कर सकता है तथा बैक्टीरिया की तादाद संतुलित रखता है। सादे नमक की जगह सेंधा नमक को इस मामले में ज्यादा महत्व दिया जाता है क्यूंकि इसके सेवन से आपके शरीर में सोडियम का स्तर नहीं बढ़ता। कोशिश करें की सादे नमक की जगह सेंधा नमक का उपयोग हो तथा रोजाना इसकी 2-2.5 चम्मच मात्रा ली जाए।

 

मैग्नीशियम और पोटैशियम का सप्लीमेंट लें 

ऐसे आहार चुनें जो सोडियम और मैग्नीशियम की मात्रा को आपके शरीर में संतुलित रख सकें। साथ ही सप्लीमेंट लेकर भी आप इन तत्वों को अपने शरीर में संतुलित रख सकते हैं। रोजाना मैग्नीशियम सिट्रट की 150 से 600 मिलीग्राम खुराक और पोटैशियम सिट्रट की 200 से 800 मिलीग्राम की खुराक लेना शुरू करें।

 

रेसिस्टेंट स्टार्च का उपयोग करें 

रेसिस्टेंट स्टार्च का सबसे सुरक्षित स्रोत केले को माना जाता है। आप इसके सप्लीमेंट या आटे को रोजाना 4 चम्मच लेकर 32 ग्राम स्टार्च पा सकते जिसकी मदद से आपकी आँतों को पाचन में सहायता मिलेगी।

 

कम हिस्टामिन युक्त प्रोबायोटिक लें 

खाने में प्रोबायोटिक का उपयोग करने से आँतों में हितकारी बैक्टीरिया की संख्या बढती है जिससे आप भरपूर पोषण पा सकते हैं तथा कम उर्जा में पाचन क्रिया को सम्पन्न कर सकते हैं। दही को श्रेष्ठ प्राकृतिक प्रोबायोटिकमाना जाता है पर आप चिकित्सक के मार्गदर्शन में सप्लीमेंट भी ले सकते हैं। सुनिश्चित करें की ये सप्लीमेंट हिस्टामिन से मुक्त हो ताकि आप मूड में बड़े बदलावों से बच सकें।

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