6 तरीकों से बनाएं आपनी कॉफ़ी को सेहतवर्धक

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image credits: www.drum.fit

कई बार एक कप कॉफ़ी सुबह नींद खोलने या शाम को मूड बेहतर करने का कमाल कर देती है। बाकी दिनों में भी यह हमारी रूटीन तथा मेहमान नवाज़ी का हिस्सा होती है। पर यह अदभुत पेय अक्सर शक्कर व् अन्य रसायनों से भरा होता है इसलिए इसे आर्डर करने या बनाने से पहले कुछ सावधानियाँ बरतनी ज़रूरी है। दरअसल कुछ आसान उपायों से आप अपनी कॉफ़ी को सेहतमंद बना सकते हैं, वह भी इसका स्वाद बनाए रखते हुए। आखिर क्या है ये उपाय, आइये जानते हैं-

 

दूध का विकल्प आजमाएँ

ज्यादातर कॉफ़ी उत्पादों में शरीर में सूजन बनाने का गुण होता है। ऐसे में गाय का दूध उपयोग करने से आपके शरीर में सूजन और कफ़ की समस्या और भी बढ़ सकती है। अगर आप अक्सर सूजन या कफ से परेशान रहते हैं तो अपनी कॉफ़ी में गाय के दूध की जगह बादाम का दूध आजमाएं। अगर आप चाहें तो बादाम के दूध के वही ब्रांड लें जो आपको शक्कर रहित विकल्प देते हों। ज़रूरत लगे तो दूध के और भी विकल्पों को आजमाएं।

 

शक्कर की जगह इलायची, वैनिला या कोको

कॉफ़ी को भारत में बहुत ही मीठा बनाया जाता है। आप चाहें तो अपनी कॉफ़ी में शक्कर कम करने की कोशिश कर सकते हैं पर अगर आपको यह पसंद न आए तो कॉफ़ी में इलायची, वैनिला या कोको डालें। ये तीनो ही मसाले आपकी कॉफ़ी को स्वादिष्ट बनाएंगे और रक्त में ग्लूकोस कम करने, कोलेस्ट्रोल घटाने आदि कई लाभ भी देंगे।

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कॉफ़ी के विकल्पों पर ध्यान दें

आप बाज़ार में कॉफ़ी के कई ब्रांड पाएँगे तो आपको बेहतर अनुभव देने के लिए कई विकल्प देंगे। ऐसा ही एक विकल्प है सिंगल एस्टेट बीन जो आपको अलग-अलग जगहों की कॉफ़ी का मिश्रण नहीं, बल्कि एक ही फार्म पर उगी कॉफ़ी का आनंद देता है। यह विकल्प अहम इसलिए है क्यूंकि इस तरह एक ही तरह की कॉफ़ी आपके पास वेट प्रोसेस होकर पहुँचती है जिससे इनमें विषाक्त तत्वों के स्तर बहुत कम होते हैं।

 

कॉफ़ी धीरे पिएं

जल्दी-जल्दी या बेमन कॉफ़ी पीने से बचें। ऐसे में आप ज़रूरत से ज्यादा कॉफ़ी पी लेते हैं लेकिन इस बेहतरीन पेय को कोई लुत्फ़ नहीं ले पाते। इसकी जगह इसे धीरे-धीरे पियें। पर ऐसा करने के चक्कर में पूरा दिन कॉफ़ी की चुस्कियां न लेते रहें; ऐसे में आपके दांतों में सडन पैदा हो सकती है। पर आपको कुछ वजहों से दिन में कई बार कॉफ़ी पीनी होती है तो इसे स्ट्रॉ से पियें तथा बीच-बीच में पानी के घुट लेते रहें।

 

इसे वसा के साथ लें

कॉफ़ी को कभी भी खाली पेट नहीं लें। इसे हमेशा नाश्ते या स्नैक्स की कोशिश करें जिसमें सेहतमंद वसा की मात्रा भरपूर हो। ऐसा करने पर कैफीन आपके रक्त में तेज़ी से शक्कर नहीं बढ़ाएगा और आप लम्बे समय उर्जावान रहेंगे।

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शक्कर के विकल्प ढूंढें

रिफाइंड शक्कर की जगह आप और भी विकल्प आजमा सकते हैं। कृत्रिम शक्कर कितनी सुरक्षित है यह जानने के लिए शोध जारी हैं इसलिए इस विकल्प के भरोसे न रहें। आप शहद, नारियल की शक्कर, मिश्री आदि अपना सकते हैं लेकिन इनके सीमित उपयोग के प्रति भी सतर्क रहें।

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