क्या आपको भी कान खुजाने की आदत है, हो सकती है सीरियस परेशानी

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image credits: David Avocado Wolfe

कान का मोम कर्ण नलिका की ग्रंथियों के द्वारा बनाया जाता है। यह कान के परदे तथा अन्य अंगों को धुल तथा बारीक कणों से बचाता है। सामान्यतः यह मोम(धूल आदि सहित) सूखकर बाहर निकल जाता है। बालों के रंग या शरीर की ऊंचाई की तरह ही इस मोम से स्राव की मात्रा अनुवांशिक कारक निर्धारित करते हैं। कुछ मामलों में कर्ण नलिका की विकृति या ग्रंथियों में असंतुलन होने से यह मोम परेशानी भी पैदा कर सकता है।

 

आइये इन संभावित समस्याओं के बारे में जानें-

 

कान के मोम से जटिलताएं क्यों होती हैं?

कान के मोम के नलिका में बहुत अंदर पहुँच जाने पर रुकावट पैदा हो जाती है जिससे सुनने में मुश्किल हो सकती है या दर्द भी हो सकता है। यह कई कारणों से हो सकता है-

  • कान से मोम निकालने के लिए ईयरबड, सेफ्टी पिन, कागज़ से बना कोण आदि का उपयोग करने से थोड़ा मोम भले ही निकल जाए पर बहुत सारा मोम अंदर की ओर भी धक जाता है। इससे नलिका बाधित होती है।
  • कान में सुनने की मशीन लगाना या इअरफ़ोन का उपयोग करना भी इस बाधा का कारण हो सकता है।

कान के मोम से उत्पन्न बाधा के लक्षण क्या हैं?

  • कम सुनाई देना
  • चक्कर आना
  • कान में दर्द होना
  • कान में कुछ फंसा होने का एहसास होते रहना
  • कान बजना
  • कान में खुजली या स्राव होना

कान के अंदर इंफेक्शन होने के कारण भी होता है कान का दर्द

चिकित्सक से परामर्श कब लें?

ऊपर दिए लक्षण नजर आने पर जल्द चिकित्सक से सम्पर्क करें। यह लक्षण कई और बीमारियों के भी कारण हो सकते हैं इसलिए घरेलु नुस्खे अपनाने से पहले परामर्श लेना न भूलें। अगर आपको निम्न में से कोई भी लक्षण दिखें तो डॉक्टर से मिलें-

  • आपको तेज़ चक्कर या असंतुलन या चलने में मुश्किल हो रही है।
  • आपको लगातार उल्टियाँ या तेज़ बुखार आ रहा है।
  • आप अचानक बहरापन अनुभव कर रहे हैं।

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कान की देखभाल तथा घरेलु उपचार क्या हैं ?

आपके कान की अच्छी तरह जांच करने के बाद पर्दे में छेद आदि न होने पर आपके चिकित्सक आपको कुछ घरेलु उपायों का निर्देश दे सकते हैं-

  • मोम को मुलायम करने के लिए कई इअरड्राप उपलब्ध हैं जिन्हें आप कान में डालकर गर्दन को 5 मिनट झुका रखें। गर्दन सीधी करने पर ड्रॉप्स के साथ मोम भी बह जाएगा।
  • चिकित्सक एक बल्ब रुपी उपकरण की मदद से कान को गर्म पानी द्वारा साफ़ करते हैं।
  • इअर कैंडलींग नामक क्रिया में कान में शुन्यता पैदा कर मोम बाहर निकाला जाता है। इस क्रिया को न करने की सलाह दी जाती है क्यूंकि यह कान को नुकसान भी पहुंचा सकती है।

कान के मोम से होने वाली जटिलताओं से बचना चाहते हैं तो मोम निकालने के लिए कान में रुई या सेफ्टी पिन कभी न डालें। बार-बार समस्या हो रही हो तो चिकित्सक से परामर्श लें।

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