बच्चों में पीलिया होना नहीं है आम समस्या, लीवर को हुए नुकसान का हो सकती है संकेत

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image credit : ehospital.vn

बच्चों में पीलिया होना आम समस्या नहीं है तथा लीवर को हुए किसी तरह के नुकसान का संकेत हो सकती है। अगर आपके बच्चे को पीलिया है तो आप पाएंगे की उसकी त्वचा पीली पड़ती जा रहे है। उसकी आँखों का सफ़ेद हिस्सा भी पीला पड़ने लगेगा। यह पीलिया के पहले संकेत होते हैं जिनके दिखने पर बच्चे को तुरंत चिकित्सक के पास लेकर जाना चाहिए।

 

आइये, बच्चों में पीलिया के रोग से सम्बंधित ज़रूरी जानकारियां जानें-

 

पीलिया के कारण 

बच्चों में पीलिया होने के कारण शिशुओं में पीलिया होने से बहुत अलग होते हैं। बच्चों में पीलिया का मुख्य कारण हेपेटाइटिस नामक लीवर का संक्रमण ही देखा जाता है। इसके अलावा अन्य कारण बहुत दुर्लभ होते हैं।

बच्चों की त्वचा में पीलभ आना, जोकि पीलिया का प्रमुख लक्षण होता है, शरीर में बिलीरुबिन नामक तत्व के बढ़ जाने पर होता है। यह शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं के विघटन से बनने वाला तत्व है तथा शरीर में लगातार बनता रहता है। इस तत्व को पाचन तंत्रों और मल द्वार से गुज़रते हुए शरीर से बाहर करने का काम लीवर का होता है जो अंत में शौच के साथ शरीर के बाहर हो जाता है।

जब यह प्रक्रिया सामान्य तरीके से नहीं हो पाती, तो शरीर में बिलीरुबिन की मात्रा बढने लगती है। ऐसा होने की कुछ वजहें इस प्रकार है-

 

  • बच्चे के लीवर को नुकसान होना-हेपेटाइटिस आदि संक्रमण से।
  • शरीर में लाल रक्त कोशिकाओं का तेज़ी से विघटन- अनेमिया का एक प्रकार।
  • लीवर तक बिलीरुबिन का नहीं पहुँचना- इस रोग को बिलियरी अट्रेसिया भी कहा जाता है।

 

पीलिया के लक्षण 

पीलिया के शुरुआती लक्षण त्वचा और आँखों का पीला पड़ना है। इसके अन्य लक्षण भी आप अनुभव कर सकते हैं-

  • त्वचा का खुजलीदार होना
  • बुखार, जोड़ों में दर्द आदि सर्दी जैसे लक्षण
  • शौच का रंग फ़ीका दिखना तथा पेशाब का रंग सामान्य से गहरा होना
  • पेट में असहजता महसूस होना तथा टंड लगना
  • भूख में अचानक बदलाव, उलटी आना तथा जी मिचलाना
  • थकान, आलस तथा वज़न कम होना
  • मुँह में कड़वा स्वाद महसूस होना
  • लीवर को नुकसान पहुंचाने वाली चीज़ों के अक्सर सम्पर्क में रहना

 

बच्चे को पीलिया होने पर आप सबसे पहले पीलापन उसके चेहरे पर देखेंगे, जो धीरे-धीरे पुरे शरीर में फैलता जाएगा। साथ ही बच्चे के मुँह के अंदरूनी हिस्से, नाख़ून व् आँखों के आस-पास का हिस्सा का रंग भी पीला पड़ने लगेगा।

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डॉक्टर के पास कब जाएं 

आपका बच्चा कितना भी सेहतमंद क्यों न दिख रहा हो, अगर उसमें पीलिया के लक्षण नज़र आ रहे हैं, तो उसे तुरंत चिकित्सक के पास लेकर जाएं। वे आपको पीलिया से जुडी कुछ ज़रूरी जांच करवाने के लिए कहेंगे जिसके बाद ही इलाज शुरू होगा-

  • पैर, टखनों व् पंजों में सूजन की जांच
  • पेशाब की जांच-यूरिन टेस्ट
  • बिलीरुबिन की जांच
  • ब्लड काउंट जानने के लिए रक्त की जांच
  • लीवर की जांच
  • कुछ मामलों में अल्ट्रा साउंड करवाने को भी कहा जा सकता है
  • लीवर को बड़ा नुकसान होने पर बाईओप्सी भी करवाई जा सकती है

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पीलिया का इलाज 

आपके बच्चे को हुए पीलिया की गम्भीरता के आधार पर उसका उपचार शुरू किया जाएगा। आप उसका उपचार जितनी जल्दी शुरू करवाएँगे, राहत उतनी ही जल्दी मिलेगी।

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