जानिए मलेरिया होने पर क्या लें आहार व घरेलु नुस्खे

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image credits: health.arlingtonva.us

मलेरिया बारिश के मौसम में होने वाली एक आम बीमारी है खासकर जब आपके इलाके में बहुत गंदगी रहती हो, बाढ़ आई हो या शहर में मलेरिया फ़ैल रहा हो। आपके किसी प्रियजन में अगर मलेरिया के लक्षण दिख रहे हैं तो सबसे पहले डॉक्टर से सम्पर्क करें। साथ ही, कुछ घरेलु नुस्खों को अपनाकर राहत और भी जल्द पाई जा सकती है।

 

मलेरिया के लिए आहार योजना को 3 महत्वपूर्ण हिस्सों में बांटा जा सकता है-

  1. जांच में मलेरिया का पता लगने के बाद सभी दवाओं और परहेज़ के साथ आहार के बीच संतरे के रस को रोगी को दिया जाना चाहिए। रोगी पर लगातार निगरानी रखते हुए यह रस एक हफ्ते से 10 दिन तक दिया जा सकता है।
  2. 10 दिन के बाद रोगी के आहार में बहुत सारे ताज़े फल शामिल करें। इस आहार को 3 दिनों तक जारी रखें।
  3. अब रोगी की सेहत लगभग सुधर चुकी होगी। अब रोगी को फल, सब्ज़ी, अनाज व् मेवे को संतुलित रूप में लिया जाना चाहिए।

नजला हो या बुखार, मलेरिया हो या टायफाइड, अपनाएं यह घरेलु नुस्खें

मलेरिया के उपचार के प्राकृतिक उपाय-

नींबू और चकोतरा-

यह दोनों औषधियों को मिलाकर एक खास तरह के मलेरिया के ज्वर पर काबू पाया जा सकता है। 4-5 बूँद चकोतरा का रस लें, एक नींबू का रस मिलाएं तथा इसे एक गिलास पानी में मिलाकर लें। बुखार चढ़ने के पहले यह मिश्रण पियें।

 

फिटकरी

फिटकरी को चूरा कर भून लें। बुखार आने के चार घंटे पहले एक चम्मच फिटकरी खाएं तथा बुखार उतरने के दो घंटे बाद आधा चम्मच पाउडर खाएं। यह मलेरिया से राहत दिलाएगा।

 

तुलसी- बारिश के मौसम की आम बीमारियों से बचने के लिए अपनाएं यह असरदार काढ़े

तुलसी के अनंत फायदों में मलेरिया का उपचार भी शामिल है। 11 ग्राम तुलसी और 3 ग्राम काली मिर्च मिलाकर पेस्ट बना लें। इसे रोज़ एक चम्मच खाएं; यह बीमारी की गंभीरता कम करेगा।

 

चकोतरा-

जब बात शरीर के उपचार की हो तो फल और सब्ज़ियों से भरा आहार सबसे प्रभावशाली होता है। मलेरिया के उपचार में चकोतरा बहुत असरदार है इसलिए इसे रोज़ खाना चाहिए। चकोतरा को उबालकर इसका गुदा निकाल लें। इस गूदे को एकसार कर पिएँ, फायदा मिलेगा।

 

कुबेराक्षी-

कुबेराक्षी आपको किसी भी जड़ी-बूटी की दुकान में मिल जाएगा। मलेरिया में रोज़ाना बुखार चढ़ता और उतरता है, इस समय को नोट कर लें। इस अटैक के दो घंटे पहले और एक घंटे बाद में 6 ग्राम कुबेराक्षी एक कप पानी के साथ पियें। अगले दिन अगर अटैक न भी आए तो भी इस क्रम को कम से कम एक हफ्ते तक दोहराएं।

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नागदौन-

नागदौन मलेरिया के लिए बहुत असरदार औषधि है। इसे ठंडे पानी में भिगोकर रखें तथा इस पानी को पी लें।

 

दालचीनी- दालचीनी के इस्तेमाल के 3 तरीके जिससे आपका हृदय रहेगा चकाचक

एक चम्मच पिसी दालचीनी , एक चुटकी काली मिर्ची, एक चम्मच शहद, एक गिलास पानी में उबालकर पियें। इसे कम से कम एक हफ्ते तक रोज़ पियें। यह मलेरिया के उपचार में बहुत मददगार साबित होगा।

 

चिरायता-

चिरायता मलेरिया में बार-बार होने वाले बुखार से निजात दिलाता है। 250 ml पानी लें, इसमें 15 ग्राम चिरायता, 2 लौंग और एक टुकड़ा दालचीनी डालकर उबालें। इस काढ़े को दिन में दो बार 1-2 चम्मच लें। यह काढ़ा शरीर का ताप करेगा।

जानें डेंगू से बचने के उपाय और घरेलु इलाज

सभी उपायों के बीच सावधानी भी बहुत ज़रूरी है। अपने क्षेत्र को साफ़ रखें, सही आहार का सेवन कर स्वयं को सेहतमंद रखें तथा मच्छरदानी, इन्सेक्ट रेपेलेन्ट आदि का उपयोग करें।