शिलाजीत का सेवन कर पाएं ये 8 अद्भुत लाभ

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Image credits: Ayur health tips

हिमालय के पत्थरों पर एक चिपचिपा पदार्थ पाया जाता है जिसे शिलाजीत कहते हैं। यह सदियों से पौधों के धीरे-धीरे सड़ने की वजह से बनता है। शिलाजीत का उपयोग आयुर्वेद में दवा की तरह किया जाता है। यह आपकी सम्पूर्ण सेहत और जीवन को बेहतर बनाने के लिए सुरक्षित और प्रभावी सप्लीमेंट भी है।

आइये जानें वो 8 तरीके जिनसे शिलाजीत आपको लाभ दे सकता है-

अल्झाइमर रोग 

यह एक मानसिक रोग है जिसमें याददाश्त, व्यवहार और सोच में बदलाव आने लगते हैं। कुछ दवाओं की मदद से इस रोग के लक्षणों को कम किया जाता है। पर शोधकर्ता मानते हैं की शिलाजीत का उपयोग करने से इस रोग के बढने की दर को ही कम किया जा सकता है।

शिलाजीत का एक मुख्य घटक फुल्विक अम्ल नामक एंटीऑक्सीडेंट होता है। यह अम्ल आपकी समझ से जुड़े दिमागी हिस्सों को बेहतर कर इनमें ताऊ प्रोटीन का जमाव नहीं होने देता। यह प्रोटीन आपके दिमाग के लिए बेहद ज़रूरी है लेकिन इसका जमाव आपके दिमाग को नुक्सान पहुंचता है।

शोधकर्ता मानते हैं की शिलाजीत में मौजूद फुल्विक अम्ल दिमाग में इस प्रोटीन का जमाव रोकता है तथा सूजन कम करता है।

टेस्टोस्टेरोन के स्तर में कमी 

यह एक हॉर्मोन है जिसे पौरुष से जोड़कर देखा जाता है। अगर आपमें इस हॉर्मोन की कमी है, तो आप इन लक्षणों को महसूस करेंगे-

  • यौन सम्बन्धों में रूचि कम होना
  • बालों का झड़ना
  • मांसपेशियों का कम होना
  • आलस रहना
  • शरीर में चर्बी बढना

शिलाजीत का सेवन इसके शुद्ध रूप में करने से कुछ ही दिनों में शरीर में टेस्टोस्टेरोन के स्तर बढने लगते हैं तथा लक्षणों से निजात मिलती है।

क्रोनिक फटीग सिंड्रोम 

CFS एक दीर्घकालीन रोग है जिसमें आप अत्यंत थकान और आलस महसूस करते हैं। यह रोग होने पर आप काम या स्कूल जाने में समस्या महसूस करते हैं तथा रोजाना के काम भी आसानी से नहीं कर पाते।

शोधकर्ताओं ने पाया है की शिलाजीत को सप्लीमेंट की तरह लेने से इस रोग के लक्षण कम हो जाते हैं तथा उर्जा बढने लगती है।

उम्र का बढना 

शिलाजीत फुल्विक अम्ल से भरपूर होता है जो की एक ताकतवर एंटीऑक्सीडेंट है तथा सूजन घटाता है। साथ ही यह फ्री रेडिकल्स को शरीर से खत्म करता है तथा कोशिकाओं को हो रहे नुक्सान को कम करता है। इसी वजह से शिलाजीत का सेवन करने से आप लम्बी उम्र पाते हैं, उम्र के लक्षण आपको परेशान नहीं करते तथा सम्पूर्ण सेहत बेहतर होती है।

ऊंचाई से होने वाली बिमारी

माउंटेन सिकनेस या अल्टिट्युड सिकनेस होने पर आपको कई लक्षण दीखते हैं-

  • इडिमा
  • अनिद्रा
  • आलस
  • शरीर में दर्द
  • पागलपन
  • हयपोक्सिया

यह रोग हवा का दबाव कम हो जाने, तापमान में गिरावट आने तथा हवा की गति कम होने से होता है। देखा जाता है की शिलाजीत में मौजूद फुल्विक एसिड तथा अन्य 84 घटक इस रोग के निवारण में बड़ी मदद करते हैं। इसका सेवन से आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढती है, सूजन कम होती है, उर्जा बढती है तथा शरीर से अत्यधिक तरल बाहर होता है।

एनीमिया 

अगर आपके आहार में लौह तत्व की कमी रहती है या हाल ही में आपको बहुत रक्तस्त्राव हुआ है तो आपको एनीमिया हो सकता है। इस रोग में आप निम्न लक्षण देखते हैं-

  • आलस
  • कमजोरी
  • हाथ पैर ठंडे पड़ना
  • सिरदर्द
  • दिल का असामान्य तरह से धड़कना

शिलाजीत का सेवन करने से समय के साथ आपके शरीर में लौह तत्व के स्तर बढने लगते हैं।

बंध्यता 

शिलाजीत पुरुषों में प्रजनन क्षमता की कमी को खत्म करने के लिए बेहद प्रभावी है। यह स्पर्म काउंट बढाने तथा स्पर्म मोटिलिटी(शुक्राणु की आसानी से बढ़ पाने की क्षमता) के लिए उपयोग किया जाता है तथा जल्द ही आपको लाभ देने लगता है।

ह्रदय की सेहत 

शिलाजीत को एक सप्लीमेंट की तरह लेने से ह्रदय के स्वास्थ्य में बढत होती है। विभिन्न शोधों में देखा गया की शिलाजीत का सेवन करने वालों में ह्रदय को होने वाले नुक्सान कम स्तर रहा।

ध्यान रखें, अगर आपको ह्रदय से जुड़ा कोई रोग है तो शिलाजीत का सेवन बिलकुल न करें।

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