इन चार डाइट सुझावों को आज से ही मानना छोड़ दें 

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सुझावों को देने के लिए हमारे आस-पास मौजूद हर व्यक्ति तैयार है। आपकी भाभी, बस में मिलने वाले अंकल या ऑफिस में साथ काम करने वाले दोस्त। पर बात अगर पोषण की हो तो इनमें से कितने सुझाव दरअसल सही होते हैं? जाने माने डायटीशियन की मानें तो हम अक्सर ऐसे सुझावों को मानने लगते हैं जो सही नहीं होते।

आइये जानें ऐसे ही चार सुझावों को जिन्हें आज से ही आपको मानना बंद कर देना चाहिए-

सफ़ेद नमक की जगह सेंधा नमक को दें 

वज़न से देखा जाए तो दोनों ही प्रकार के नमक में बराबर मात्रा में सोडियम होता है इसलिए इनका असर भी बराबर होता है। हो सकता है सेंधा नमक जमा होने के कारण एक चम्मच में कम मात्रा में आए, पर यह आपके चुनाव की अकेली वजह नहीं हो सकती। अगर आप शरीर में नमक कम करना चाहते हैं तो सबसे प्रभावी तरीका नमक की मात्रा कम करना ही होगा।

केलों में बहुत शक्कर होती है 

केला कई लोगों का पसंदीदा फल हो सकता है अगर इसके बारे में मिथक फैलाने बंद कर दिए जाएं। एक सामान्य आकार के केले में एक सेब जितनी ही शक्कर मौजूद होती है। साथ ही केले के फाइबर और विटामिन के साथ इस शक्कर को लेना पूरी तरह सुरक्षित है।

केले पोषक, कहीं भी ले जाने में आसान तथा जेब पर हल्के होते हैं। अगर आपको शक्कर कम ही करनी है तो केलों को खाना बंद करने की जगह कोई और तरीका ढूंढें।

सफ़ेद आहार न लें 

सफ़ेद ब्रेड व् पास्ता की जगह मोटे अनाज से बने ब्रेड और पास्ता का चुनाव करना समझदारी है। पर अगर आप सफ़ेद आलू छोड़ रहे हैं तो फाइबर और विटामिन C के अद्भुत स्रोत को खो रहे हैं। गोभी भी इसी तरह कई रोगों से लड़ने की क्षमता रखती है। प्याज़ और लहसुन में कई औषधीय गुण मौजूद हैं। आहार का रंग उसके स्वास्थ्यवर्धक होने का निर्णय नहीं कर सकता।

ग्लूटेन न खाएं 

कई लोग हैं जिन्हें ग्लूटेन से एलर्जी है या कई अन्य बिमारियों की वजह से वे ग्लूटेन से परहेज़ करते हैं। पर इन लोगों के अलावा ज्यादातर लोगों के लिए ग्लूटेन पूरी तरह सुरक्षित है। ग्लूटेन की वजह से ही आपकी रोटी फूलती है तथा ब्रेड में नरमी आती है। ग्लूटेन से मुक्त जीवन शैली आसान नहीं है और अगर आपको इसकी ज़रूरत नहीं है तो कोशिश में समय व्यर्थ न करें।