क्या फलों से मिलने वाली मिठास आपके लिए अच्छी है?

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image credits: Diary of Weight Loss - WordPress.com

हम रोजाना शक्कर के हमारे स्वास्थ्य पर बुरे असर के बारे में सुनते हैं तथा इससे बने मिष्ठान से दूर रहने की सलाह को कुछ हद तक अपनाते भी हैं। लेकिन कभी-कभी उठने वाली मीठा खाने की इच्छा कोई बीमारी नहीं, बल्कि एक सामान्य और प्राकृतिक ज़रूरत है। हमारी जीभ भी मीठे की तरफ सम्वेदनशील है जिसका एक खास कारण है। (sugar from fruits good or bad, diabetes, hindi)

 

ताज़े फल मिठास का प्राकृतिक स्रोत है जो भी शरीर में ग्लूकोस की ज़रूरत पूरा करने के साथ ही पोषण और कैलोरीज भी प्रदान करते हैं। इसी वजह से आपको दिन में भरपूर फल खाने की सलाह दी जाती है। आइये फल की मिठास के सेहत पर असर को समझें-

 

फल और अनाज से मिलने वाली शक्कर को अपनाएं 

मीठा मना करने वाले ज्यादातर चिकित्सक और प्रोफेशनल आपका ध्यान इस बिंदु की ओर नहीं ले जाते। फल और अनाज से मिलने वाली प्राकृतिक शक्कर कोई समस्या नहीं, बल्कि ज़रूरी और स्वागत करने योग्य तत्व है। समस्या तब खड़ी होती है जब आप मीठे का सेवन अत्यधिक मात्रा में करने लगते हैं या शक्कर को इसके प्राकृतिक आवरण से निकालने की कोशिश करते हैं। इतना ही नहीं, अक्सर जो व्यंजन शक्कर से भरपूर होते हैं, वे नमक, मैदा, वसा और कैलोरिज़ आदि से भी लदे होते हैं इसलिए इनसे दूर रहने की वजह सिर्फ इनकी मिठास नहीं है।

प्राकृतिक शक्कर का संतुलित सेवन आपके शरीर के लिए ज़रूरी भी है और हितकारी भी।

 

व्यंजन में डाली गयी शक्कर 

घर पर समझदारी और कुशलता से बने मिष्ठान और व्यंजन में अगर शक्कर की थोड़ी मात्रा मिलाई भी जाए तो कोई समस्या नहीं। पर ऐसे व्यंजन का सेवन कभी-कभार ही किया जाना चाहिए तथा इन्हें आहार का हिस्सा कभी नहीं बनने देना चाहिए।

अगर आप खास अवसरों पर ही मीठे का सेवन करते हैं तो आपको चिंता करने की कोई ज़रूरत नहीं होगी।

 

उत्पादों में मिलाई गयी शक्कर 

शक्कर की ओर खीचने वाली हम सभी की इच्छा हमें स्वस्थ रखने का ही तरीका है लेकिन कंपनियां हमारी इस इच्छा और ज़रूरत का उपयोग मुनाफा कमाने के लिए करती हैं। इनके द्वारा बनाए उत्पाद सिर्फ हमारी जेबें ही खाली नहीं करते, बल्कि हमारी सेहत को भी नुकसान पहुँचाते हैं।

फल के सेवन से हमें शक्कर के साथ भरपूर फाइबर और पोषण भी मिलता है। जब शक्कर को इन साथी तत्वों से अलग कर बेचा जाता है तो इसके नुकसान ज़ाहिर होने लगते हैं। यही वजह है की फल की मिठास से बने होने का दावा करने वाले उत्पाद भी विश्वसनीय नहीं होते। मुश्किल तब और भी बढ़ जाती है जब शक्कर की भारी मात्रा को वसा और कार्ब्स युक्त व्यंजनों में लपेटकर आपको परोसा जाता है।

 

पर सभी फल बराबर नहीं होते 

अगर आप मधुमेह के रोगी हैं या अपने शक्कर के सेवन को करीब से देखते हैं तो कुछ फलों को दूसरों के ऊपर भी चुन सकते हैं। इस कार्य में आपकी मदद GI नामक माप करेगा।

फल की मिठास से जुडी यह संख्या इसमें युक्त शक्कर की मात्रा का अंदाज़ा देती है। सेब का GI आप तरबूज से कम पाएँगे क्यूंकि इसके सेवन से रक्त में शक्कर कम तेज़ी से पहुँचती है। इसी तरह कम GI वाले कुछ फल यह भी हैं- अंगूर, संतरा, जामुन, स्ट्रॉबेरी, नाशपाती, चेरी। इनमें से अपने पसंद का फल चुन आप शक्कर की मात्रा के प्रति निश्चिंत हो सकते हैं।