बढ़ाएं रोगप्रतिरोधक क्षमता सही आहार और इन आसान से नुस्खों से

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यदि किसी के शरीर की रोगों से लड़ने की क्षमता ठीक नहीं है तो उस व्यक्ति का आधा दिमाग आम बीमारियों को ठीक करने में ही लगा रहता है। इस वजह से वह जो भी काम करता है उसमें 100 प्रतिशत नहीं दे पाता और हर जगह से डांट सुनता है या फिर वह सबको कोसता रहता है।

 

रोग प्रतिरोधक क्षमता के बारे में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इसका निर्माण शरीर खुद कर लेता है बस जरूरत है उचित आहार-विहार के पालन करने की। अगर खानपान सही है तो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए किसी दवा की जरूरत नहीं है। आहार आसानी से पचने वाला और औज का निर्माण करने वाला होना चाहिए क्योंकि यदि आहार ठीक से पचता नहीं है तो शरीर में अम्ल का निर्माण होता है जो शरीर की रोगप्रतिरोधक क्षमता को कम करता है।
 
 
आहार संबंधी सुझाव-

 
– हमेशा ऋतु के अनुकूल आहार लें। संसाधित, डिब्बा बन्द आहार तथा जंक फूड से दूर रहें।

 
– पानी का अधिक से अधिक सेवन करें क्योंकि पानी शरीर में जमा कई तरह के विषैले तत्व बाहर निकालने में मदद करता है जिससे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। पानी सामान्य तापमान पर ही लिया करें, न ज्यादा ठंडा न ज्यादा गरम।

 
– विटामिन सी से भरपूर रसदार फल जैसे आंवला, संतरा, मौसमी आदि शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं।

 
– प्रोटीन से भरपूर उत्पाद जैसे दूध और दूध के उत्पाद, बिना चर्बी वाला मीट, मछली और दालें।

 
– पोषक तत्वों से भरपूर और पचाने  में आसान अंकुरित अनाज (जैसे मूंग, मोठ, चना आदि) तथा भीगी हुई दालों का सेवन करें।

 
– चोकर सहित अनाज जैसे गेहूँ, ज्वार, बाजरा, और मक्का का सेवन करें। इनसे कब्ज नहीं होती और प्रतिरोधक क्षमता चुस्त-दुरुस्त रखने में मदद करता है।

 
 
इसके अलावा यहां हम रोगक्षमता में वृद्धि करने वाले कुछ नुस्खे प्रस्तुत कर रहे हैं-

 
1. 3-6 ग्राम (एक छोटा चम्मच) आंवले के चूर्ण को आंवले के स्वरस से गीला करके 2 चम्मच शहद व 1 चम्मच घी के साथ दिन में दो बार चाट कर ऊपर से दूध पिएं।

 
2. 12 नग मुनक्का (द्राक्षा), 5 नग छुआरा और 7 नग मखाना इनको 250 ग्राम दूध में डाल कर खीर बनाकर सेवन करें।

 
3. तुलसी बीज के 20 ग्राम चूर्ण में 40 ग्राम मिश्री चूर्ण मिलाकर महीन पीस लें। इस चूर्ण की 1 ग्राम मात्रा शीत ऋतु में कुछ दिनों तक सेवन करें।

 
4. मुलेठी चूर्ण 1 चम्मच, शहद आधा चम्मच और घी 1 चम्मच मिलाकर चाट लें और एक कप दूध पिएं। ऐसा सुबह-शाम रोजाना 5-6 हफ्ते तक करें।

 
5. गिलोय का एक अंगुली बराबर टुकड़ा लेकर 2 कप पानी में उबालें। आधा कप रह जाने पर इसे छान कर ठण्डा कर प्रतिदिन सेवन करें।

 
6. च्यवनप्राश, ब्राह्मी रसायन, शतावरी घृत जैसे किसी शास्त्रोक्त योग का प्रतिदिन सेवन भी किया जा सकता है।

 
 
इन सब उपायों के साथ साथ जरुरी है आप लें पर्याप्त नींद। आवश्यक है रोजाना कम से कम 7-8 घंटे की नींद। अच्छी और पर्याप्त नींद आपको फ्रेश तो महसूस कराती ही है बल्कि यह शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका भी निभाती है। सदैव हस्ते भी रहें, हसने से शरीर तनावमुक्त रह रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है।