मानसून में घर का रख रखाव कैसे करें, ताकि बीमारियां रहें दूर

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image: Grihshobha

तेज़ गर्मी से झुलसने के बाद मॉनसून की ठंडी ताज़गी किसी वरदान से कम नहीं। पर अगर तैयारी सही न हो तो यही मौसम कई समस्याएं और बीमारियां भी ला सकता है। मॉनसून की शुरुआत में ही अपने घर में कुछ ज़रूरी बदलाव कर आप इस मौसम के लिए तैयार हो जाएं।

 

आइये जानें कैसे-

 

घर की सुरक्षा-

घर को मॉनसून में रहने के लिए सुरक्षित बनाना बहुत ज़रूरी है। घर के हर कोने पर पैनी नज़र डालें। दीवार या छत में कहीं भी दरार पड़ी हो तो इसे वाटरप्रूफ सील से बंद करें। घर की बाहरी दीवारों पर अगर कोई बिजली का बोर्ड लगा हो तो उसे एक पन्नी की मदद से अच्छी तरह ढक दें ताकि बिजली के झटके लगने की आशंका न रहे ।दरवाज़े और खिड़कियों से पानी अंदर न आये इसलिए इनके फ्रेम को अच्छी तरह सील कराएं।

 

बीमारियों से बचें-

बारिश के मौसम में नमी से कई बीमारियां फैलती हैं। इस नमी में कीटाणु पलते व् बढ़ते हैं तथा बुखार, सर्दी, खांसी, दस्त आदि कई बीमारियां फैलाते हैं। रुके हुए पानी में मच्छर अंडे देते हैं जो मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों की वजह है। अपने घर को साफ़ और सूखा रखें, पानी रुकने न दें और नियमित रूप से कीटाणुओं को खत्म करने वाले इंसेक्टिसाइड और पेस्टिसाइड डालें।

 

बाहर के खाने को न बोले-

बाहर का खाना, खासकर सड़क किनारे मिलने वाले खाने को बिलकुल न खाएं। चाट, गोल-गप्पा, जूस और कुल्फी देखने में मनभावन लगते हैं पर इनमे कई कीटाणु हो सकते हैं जो अपच से लेकर टाइफाइड तक कई बीमारी का कारण बन सकते हैं। ताज़ा बना खाना ही खाएं। सुप, काढ़े आदि को अपनाएं; यह हल्के और पौष्टिक होते हैं। खाने को साफ़-सुथरे तरीके से बनाएं।

 

बच्चों और बुज़ुर्गों की देखभाल-

बारिश में बच्चे अगर भीगकर घर आएं तो उन्हें एक एंटीसेप्टिक साबुन और गुनगुने पानी से स्नान करवाएं। उन्हें फ़ास्ट फ़ूड न खाने दें; यह इन्फेक्शन को बढ़ाने का काम कर सकते हैं। बच्चों के साथ बुज़र्गों को भी इस मौसम में खास देखभाल की ज़रूरत होती है। बारिश में पार्क और सड़क पर फैले पानी से फिसलकर गिरने का डर रहता है जिससे गंभीर चोट भी लग सकती है। ऐसे इलाकों में जाने से बचें। कम से कम अगले 15 दिनों में लग सकने वाली सभी दवाओं को एकत्रित कर घर पर रखें ताकि इनकी ज़रूरत पड़ने पर बारिश से बाधा न हो।

 

नमी को दूर रखें-

अपने घर को वेन्टीलेटिंग फैन की मदद से हवादार बनाएं। बारिश में कपड़े धोना और सुखना एक बड़ी समस्या है। इन्हे सही तरह से सुखाने के लिए आप ड्राईिंग रैक (कपड़े सुखाने का स्टैंड) खरीद सकते हैं जो बाजार में आसानी से उपलब्ध है। पंखे और एयर कंडीशनर की मदद से भी  कपड़े अच्छी तरह सुखाए जा सकते हैं।

 

फर्नीचर का रख-रखाव-

फर्नीचर इस मौसम में हल्के नम हो जाते हैं। इन्हे नियमित रूप से वैक्यूम करें या सूरज की रौशनी में रखें। नमी में दीमक भी बढ़ने लगते हैं। लकड़ी के फर्नीचर को सही से पोलिश कर इन्हें नमी से बचाएं। दराज आदि में भी फफूंद पड़ने लगती है और बदबू फैलाती है। इन दराजों में फिनाइल की गोलियां रखें, सिलिका जेल रखें और कपड़ों में लौंग रखें।

 

इलेक्ट्रॉनिक प्रसाधन-

फोन, आई पैड, आई पोड, लैपटॉप आदि इलेक्ट्रॉनिक प्रसाधन नमी के प्रति बहुत संवेदनशील होते हैं। अगर बाहर बादल या बारिश की फुहार है तो लैपटॉप लेकर बाहर न निकलें। इन्हे ऑफिस या घर में ऐसे स्थान में छोड़ें जहाँ इन्हे नमी न छू पाए। दूसरी ओर, कई ऐसे गैजेट और एक्सेसरीज भी बाजार में मौजूद हैं जो आपके बहुमूल्य प्रसाधनों को नमी से बचाने में आपकी मदद करेगा।