क्या जरूरी है वैजिनल डूश

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image credits: Women's Health.gov

वेजाइनल डूशिंग गुप्तांग को पानी या अन्य तत्वों से साफ़ करने की प्रक्रिया को कहते हैं जिससे गुप्तांग को “साफ़” और गंध रहित किया जा सके। ज्यादातर मामलों में इसके लिए विनेगर और पानी का मिश्रण उपयोग होता है लेकिन कई उत्पाद सोडा व् आयोडीन भी उपयोग करते हैं। कई बार डूशिंग उत्पादों में कृत्रिम खुशबू भी मिलाई जाती है।

भारत में गुप्तांग की सफाई का दावा करने वाले उत्पादों का प्रचलन और प्रचार दोनों ही बढ़ रहे हैं। अक्सर इन उत्पादों के विज्ञापन महिलाओं के मन में स्वच्छता की इच्छा और असुरक्षा के भाव को केंद्र में रखते हैं।

डूशिंग जलन और खुजली आदि कई तरह के दुष्प्रभावों को जन्म दे सकती है। ज्यादातर मामलों में डूशिंग की क्रियाएँ व् उत्पाद का उपयोग दुर्गन्ध और बैक्टीरिया की समस्या को और भी बढ़ा सकती हैं।

 

यह कैसे काम करता है?

डूशिंग के लिए पानी और कुछ खास सामग्रियों के मिश्रण को गुप्तांग पर छिड़का जाता है तथा पानी से धोया जाता है। इस क्रिया से निम्न लाभों का दावा किया जाता है-

  • दुर्गन्ध के छुटकारा
  • गर्भधारण से बचाव
  • माहवारी के बाद रक्त व् यौन सम्बन्धों के बाद वीर्य को धोना
  • यौन संक्रमण से बचाव

 

हालाँकि डूशिंग से इनमें से कोई लाभ नहीं होते हैं।

 

क्या यह सुरक्षित है?

डूशिंग को लेकर हाल में हुए सभी शोध यह सुझाते हैं की महिलाओं को डूशिंग के लिए किसी भी उत्पाद का उपयोग नहीं करना चाहिए। आपका गुप्तांग इस तरह से निर्मित है की यह प्राकृतिक रूप से pH बैलेंस बनाकर रख सकता है। इसमें ज़रूरी बैक्टीरिया भी होते हैं जो आपको संक्रमण और खुजली से बचाते हैं।

डूशिंग से ये हितकारी बैक्टीरिया कम हो जाते हैं जिससे नुकसानदायी बैक्टीरिया की तादाद बढने लगती है। इससे खुजली, संक्रमण व् अन्य गम्भीर रोग हो सकते हैं।

 

डूशिंग के खतरे

अगर आप डूशिंग करती हैं तो आपके गुप्तांग के प्राकृतिक संरचना को नुक्सान हो सकता है। ऐसे में आप इन मुश्किलों का सामना कर सकती हैं-

 

गर्भधारण में मुश्किल

जो महिलाएं डूशिंग करती हैं उनमें समय से पहले प्रसव, बच्चा गिरना व् गर्भावस्था से जुड़े अन्य रोग देखे जाते हैं। साथ ही डूशिंग करने वाली महिलाओं को गर्भधारण में समस्या हो सकती है।

 

संक्रमण

गुप्तांग में हितकारी बैक्टीरिया की कमी से यीस्ट संक्रमण हो सकता है। देखा जाता है की डूश उत्पादों का उपयोग करने वाली महिलाओं में गुप्तांग का संक्रमण होने की सम्भावना पांच गुना तक बढ़ जाती है। कई महिलाएं डूशिंग सिर्फ इसलिए करती हैं ताकि संक्रमण का खतरा कम हो जाए लेकिन असलियत में यह समस्या और बढ़ सकती है।

 

PID

पिडुभाग के अंगों में संक्रमण ज्यादातर मामलों में यौन संक्रमण फैलने से होता है। डूशिंग PID की सम्भावना को 73 प्रतिशत तक बढ़ा देती है तथा गर्भधारण में बड़ी मुश्किल खड़ी कर सकती है।

 

सर्विसाईटीस

यह सर्विक्स में सूजन पैदा करने वाला रोग है। PID की ही तरह यह रोग भी यौन संक्रमण से हो सकता है तथा डूशिंग की वजह से बढ़ सकता है।

 

योनी को सुरक्षित रूप से साफ़ कैसे रखें?

योनी को साफ़ रखने का सबसे सरल उपाय है नहाते हुए इसे साफ़ पानी से धोना। साबुन का उपयोग ज़रूरी नहीं है पर अगर आप उपयोग कर रहे हैं तो सुनिश्चित करें की यह सौम्य हो तथा कृत्रिम सुगंध युक्त न हो।

योनी में खुजली या बदबू महसूस हो तो इसे गुनगुने पानी से धोएं। अगर समस्या लम्बे समय तक बनी रहे तो किसी भी उत्पाद के उपयोग से पहले चिकित्सक से चर्चा करें। ज्यादातर मामलों में कुछ दिन एंटीबायोटिक दवाएं लेने से आपकी समस्या खत्म हो जाएगी।

 

चिकित्सक को कब मिलें?

योनी से आने वाली गंध व् द्रव्य का स्राव सामान्य है। पर अगर आपको इनमें से कोई समस्या परेशान कर रही है तो बिना हिचके चिकित्सक से मिलें-

 

  • योनी से तेज़ गंध वाले द्रव्य का स्त्राव
  • द्रव्य का सफ़ेद या पीले रंग का होना
  • योनी से आने वाली गंध का कई दिनों तक बरकरार रहना
  • जलन, खुजली, सूजन या लालपन की समस्या होना
  • यौन सम्बन्धों के दौरान दर्द व् असहजता होना
  • पेशाब करने पर तकलीफ होना।

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