निपाह वायरस: जानें इन्सेफेलाइटिस के कारण को 

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Image Credits : Asian Scientist Magazine

केरला में इस साल सिर्फ एक निपाह वायरस का केस देखा गया। इतिहास को देखते हुए यह केरल सरकार के लिए एक बड़ी कामयाबी है जिससे बिहार, यूपी भी सीख सकते हैं। आइये जानते हैं इस संक्रमण के बारे में, तथा इससे बचाव के तरीके-

निपाह वायरस इन्फेक्शन के कारण 

कम ही लोग जानते हैं की इस संक्रमण के फैलने की वजह संक्रमित जानवरों से सीधा सम्पर्क होती है। इनमें संक्रमित शुकर, अन्य जानवर व् इन जानवरों से संक्रमित आहार को खाना(चमकादड के खाए हुए फल को खाना आदि) शामिल है। अगर कोई व्यक्ति संक्रमित है तो उससे भी यह रोग आप तक फ़ैल सकता है।

NiV संक्रमण के लक्षण

लक्षण हर व्यक्ति के लिए अलग हो सकते हैं लेकिन इन लक्षणों को ज्यादातर मामलों में देख गया है-

  • श्वसन तन्त्र में गंभीर संक्रमण
  • गंभीर इन्सेफेलाइटिस
  • बुखार
  • सिरदर्द
  • मांसपेशी में दर्द
  • उलटी
  • गले में खराश
  • सिर घूमना
  • नींद आना
  • जाग्रत न रह पाना
  • गंभीर इन्सेफेलाइटिस के लक्षण नजर आना
  • निमोनिया होना

गंभीर मामलों में रोगी एक से दो दिन के अंदर आकस्मिक कोमा में जा सकता है। अन्य मामलों में यह संक्रमण चार से चौदह दिन दिन तक रह सकता है।

NiV संक्रमण से दूर रहने के उपाय 

  1. सुनिश्चित करें की आपका आहार किसी भी तरह से अन्य जानवरों के सम्पर्क में नहीं आया है।
  2. अस्वच्छ वातावरण में तैयार किये जाने वाले पेय को कभी न पियें।
  3. संक्रमित व्यक्ति से दुरी बनाएं।
  4. संक्रमित व्यक्ति के द्वारा उपयोग की जा रही चीजों को अलग रखें तथा साफ़ रखें।
  5. हाथों को साफ़ रखें।
  6. संक्रमित रोगी की सेवा में लगे मेडिकल स्टाफ को N 95 मास्क पहनना चाहिए।