इन 6 उपायों से बनाएं जीवन और भी आसान

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Image Credits: Finerminds

कहा जाता है की जीवन में 80 प्रतिशत सफलता 20 प्रतिशत कार्यों से ही आती है। फिर भी अक्सर हम सब कुछ पा लेने की चाह में अपने आप से दूर होने लगते हैं। अगर आप भी उन 20 प्रतिशत कार्यों को पहचानना चाहते हैं जो आपको सफलता दिला सकते हैं, तो इन 6 सूत्रों का पालन करें –

 

जो ज़रूरी है उसपर ध्यान दें 

जीवन में हर व्यक्ति समय की कमी के बारे में बात करता है लेकिन हर व्यक्ति सफल नहीं होता। इसकी वजह फ़ालतू काम को करने में अपना समय व्यर्थ करना है। अपने समय की कीमत समझें और इसे सही तरह से प्रबंधित करें। अपने सभी कार्यों की सूचि बनाएं। अब इन्हें एक दो बाई दो के डब्बे में लिखें- सबसे ऊपर वो कार्य लिखें जो महत्वपूर्ण भी हैं और अर्जेंट भी। इसके बाजू में वे कार्य जो महत्वपूर्ण है लेकिन तत्काल करना ज़रूरी नहीं। इसके बाद नीचे के डिब्बों में वे कार्य लिखें जो बहुत ज़रूरी नहीं लेकिन शीघ्रता मांगते हैं (बर्तन, कपड़े, बिल भरना आदि) तथा वे कार्य जो न ज़रूरी हैं न ही अर्जेंट(टीवी देखना आदि) इसके अनुसार ऊपरी कोने के डिब्बे से कार्य करना शुरू करें।

कम सामान रखें 

अपने जीवन को सरल करना शुरू करें। साल में एक बार उन चीज़ों को घर के बाहर करें जिन्हें आप सालों से उपयोग नहीं कर रहे हैं। इसके बाद कोई नयी चीज़ खरीदने पर इसकी गुणवत्ता पर ध्यान ज़रूर दें ताकि यह लम्बे समय तक आपके काम आ सके। इसी तरह आहार, काम, कपडे आदि चीज़ों में भी सरलता लाने की कोशिश करें। घर के हर सामान की एक नियत जगह बनाएं ताकि प्रबंधन आसान हो जाए।

व्यर्थ की चिंता छोड़ दें 

अगर रोज़ाना आपके आस पास छोटी छोटी बातों पर झगड़ा होता है तो खुद को इस मसले से बचाएं। किसी भी प्रतिक्रिया को देने से पहले खुद से पूछें- क्या एक साल बाद इस बात के कोई मायने रहेंगे? अगर नहीं तो आज भी अपनी ऊर्जा इसपर व्यर्थ न गवाएं। यकीं मानें, यह तरीका आपके रिश्तों में भी बड़े सुधार लाएगा।

प्रबंधन लाएं 

प्रबंधन सिर्फ आपकी कंपनी के मैनेजर का ही काम नहीं, बल्कि एक बेहद ज़रूरी कला है। अपने समय, सामान, पैसों और सेहत का प्रबंधन आपको लम्बे समय के लिए बड़े लाभ दे सकता है। इसलिए रोज़ाना प्रबंधन से जुडी कुछ नई बाते सीखें और इन्हें ज़रूर आज़माएँ। धीरे धीरे आप अपने अनुरूप एक प्रबंधन शैली बना लेंगे और जीवन में कई बड़े कार्य आसान लगने लगेंगे।

धीरे धीरे बदलें 

जब आप बदलाव की ओर बढ़ते हैं तो एक साथ कई ज़रूरी बदलाव लाने की कोशिश करते हैं। यह दिमाग के लिए बहुत ही असहज और थकाने वाली प्रक्रिया बन जाती है। इसकी जगह महीने में एक अच्छी आदत अपनाने की कोशिश करें तथा इसकी आदत हो जाने के बाद ही अगली आदत की और बढ़ें। कई बार जल्दी उठने या कमरा जमाने जैसी आदत अन्य अच्छी आदतों को आसान बना देती है इसलिए इनसे शुरुआत करने की कोशिश करें।

सहानुभूति रखें 

हम सभी एक ही राह पर चल रहे राहगीर हैं; फर्क इतना है की कुछ आगे हैं और कुछ पीछे। इसलिए कभी भी आगे चल रहे लोगों से खुद को काम न आंकें। इनसे हमेशा सीखें तथा सीख को बांटते हुए चलें। इसी तरह सुविधाओं और ज्ञान की कमी में जी रहे लोगों से सहानुभूति रखें तथा अवसर मिलने पर इनकी मदद करें।