क्या आप जानते हैं एलोवेरा के यह 10 गुण?

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image credit: steadyrun.com/

एलोवेरा (aloe vera juice benefits) एक ऐसा चमत्कारी पौधा है जिसमें अन्य सभी जड़ी-बूटियों के मुकाबले अधिक गुण है। एलोवेरा का उपयोग अनेक प्रकार की आयुर्वेदिक औषधि बनाने में किया जाता है। एलोवेरा के पौधे में वो सारे गुण समाहित है जिस्से उसे संजीवनी बूटी कह सकते है। एलोवेरा के पौधे को अन्य कई नामों से भी जाना जाता हैं, जैसे साइलेंट हीलर, चमत्कारी औषधि, ग्वारपाठा, क्वारगंदल, घृतकुमारी, कुमारी, घी-ग्वार।

 

सर्व सुलभ ग्वारपाठा अत्यन्त ही उपयोगी औषधि है। इस हेतु इसके पत्तों के मध्य का गूदा उपयोग में लिया जाता है जो कि मीठा, कडुआ, शीतल, विरेचक, पिच्छिल तथा चिकना होता है। आयुर्वेद के अनुसार सीमित मात्रा में इसका प्रयोग निर्भयता के साथ किया जा सकता है और समशीतोष्ण होने के कारण सभी ऋतुओं में इसका प्रयोग किया जा सकता है।

 

  1. एलोवेरा जूस के नियमित सेवन से खून साफ़ रहता है और खून की कमी भी नहीं होती है।

 

2. फटी हुई एड़ियों पर एलोवेरा लगाने से एड़िया जल्दी ठीक होने लगती है।

 

3. कडुआ व तिक्त होने से यह कफ-पित का नाश करता है, शरीर के अन्दर की सूजन को दूर करता है, दर्द को दूर कर घाव को जल्दी भरने वाला होता है।

 

4. इसका सीमित मात्रा में सेवन किया जाए तो यह भूख बढ़ाकर भोजन को पचाने वाला, यकृत को क्रियाशील करनेवाला तथा मल को बाहर निकालने वाला एक कारगर उपाय सिद्धि होता है। यह पेट के कीड़ों को नष्ट करता है। गूदे का लेप पेट के उपर बांधने से पेट के अन्दर का मल बाहर निकल जाता है और पेट मुलायम हो जाता है।

 

5. धूप में निकलने से पहले इसे लगा लें, यह एक sunburn क्रीम की तरह भी काम करता है।

 

6. इसे बालों में लगाने से गंजापन कम होता होता है और बाल रूसी (dandruff) मुक्त भी  रहते हैं।

 

7. चेहरे पर एलोवेरा लगाने से लम्बे समय तक चेहरे की रौनक बरकरार रहती है

 

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8. जले व कटे हुए स्थान पर इसके गूदे का लेप तत्काल करने से लाभ होता है।

 

9. पीलिया के रोगी को अल्प मात्रा में एलोवेरा का रस देने से दस्त साफ होता है तथा पित्त का जमाव कम होकर आंखे और शरीर का पीलापन कम होकर रोग में लाभ होता है।

 

10. स्त्रियों के मासिक धर्म में होने वाली रूकावट को भी दूर करता है।