अष्टवक्र आसन

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Image Credits: Yoga India Foundation

अष्टवक्र आसन आपको अपने संतुलन और ताकत के साथ खेलने और इन्हें बेहतर करने का मौका देता है। पर इस आसन का अभ्यास करना कई लोगों के लिए मुश्किल होता है। इन चार स्टेप्स की मदद से इस आसन को सीखें और अष्टवक्रासन के अनूठे लाभ पाएं।

 

लाभ 

आपके बाज़ू और कन्धों को मज़बूत करे, पेट और जाँघों को सुगठित करे, पैर की मांसपेशियों को तनाव रहित करे तथा आपका आत्मविश्वास बढ़ाए।

स्टेप 1 

मेट को हटाकर ज़मीन पर अभ्यास करें। ज़मीन पर आराम से बैठें। गहरी सांस भरते हुए अपने बाएं पैर को बाएं कंधे पर रखें। पैर को बाज़ू पर दबाकर लॉक करें। अगर पैर कंधे तक नहीं पहुँच रहा तो इसे ऊंचाई पर दोनों हाथों की मदद से पकड़ें। गहरी सांस लें।

स्टेप 2 

सांस छोड़ें और हाथों को कमर के आस पास ज़मीन पर रखें। पैर को कंधे पर बनाए रखें तथा दाएं पैर के टखनों को बाएं पैर के टखने से बाँध लें। हो सकता है की आपका पैर कंधे से फिसले, इसे बाजू से टिकाए रखें।

स्टेप 3 

हाथों पर वज़न डालें तथा सांस छोड़ते हुए कूल्हे को पीछे की और धकेलें तथा चेहरे को सामने की और लेकर आएं। सांस छोड़ते हुए सामने की और देखें तथा कन्धों को ज़मीन से उठा लें और कोहनी के बराबर ले आएं।

स्टेप 4 

कंधों को इसी अवस्था में बनाए रखते हुए सांस छोड़ें तथा पैर से कंधे पर दबाव बनाते हुए कूल्हों को हवा में उठा लें। पैरों को सीधा करें तथा दोनों पैर की मदद से बाई बाज़ू को लपेट लें। अगर आप अंदरूनी जांघ से दबाव बनाते हैं तो आपको हवा में उठना आसान लगने लगेगा। हो सकता है आपको पैर का वज़न कंधे पर ज़्यादा लग रहा हो जिससे कंधा नीचे आ रहा हो। कोशिश कर इसे ऊपर उठाएं। इस आसन में तीन गहरी साँसें भरें। इसके बाद घुटने मोड़कर कमर को ज़मीन पर ले आएं।