क्या करें बिल्डिंग में आग लगने पर ताकि आप बाहर आ सकें सुरक्षित

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image credits: KTNV-TV

हादसे के दौरान कोई भी व्यक्ति घबरा सकता है तथा स्वयं तथा परिजनों की रक्षा नहीं कर पाता है। ऐसे क्षणों में हमारी सभी सीखें तथा समझ किसी तरह की मदद नहीं कर पाते और कई गंभीर क्षति हो जाती है। ईद के दिन मुंबई के क्रिस्टल टावर में अचानक लगी आग भी ऐसा ही प्रभाव बना सकती थी लेकिन एक बच्ची की समझदारी ने कई जाने बचा ली।

 

जानें जान सदावते को- 

जान 10 साल की एक छोटी बच्ची है जिसने अपनी सूझ बुझ और ज्ञान का परिचय देते हुए एक दुर्घटना के प्रभाव को कम कर दिया। सुबह 8 बजे का वक्त था, ईद की छुट्टी थी, जब सब लोग सो रहे थे, तो उसने पाया की उसकी 17 मंजिला बिल्डिंग में आग लग चुकी है। इस समय उसे स्कूल में अपने टीचर के द्वारा सिखाए पाठ की याद आई- “मन शांत रखें, साँस की दर कम करें तथा परिस्थिति पर गौर करें”, जान ने अपने रुमाल को पानी में डुबोकर अपनी नाक और मुँह में डाला ताकि साँसों को धुएँ और शुष्कता से मुक्त रखा जा सके। गीले कपड़े से कार्बन के कण छन जाते हैं और सांस लेने के लिए ऑक्सीजन पर्याप्त मात्रा में मिलती रहती है।

इस उपाय को जान ने अपने परिवारजन तथा पड़ोसियों को भी बताया जिससे वे सभी लोग सामान्य से 16 ज्यादा मिनटों तक होश में रह पाए। इस तरह जान ने एक दर्जन से ज्यादा जानें बचा ली।

जान की शिक्षा और समझ ने कई वयस्कों को दुर्घटना के लिए तैयार रहने की बड़ी सीख दे दी।

 

आप आग से बचने के लिए क्या कर सकते हैं?

घर में आग लगने व् धुआं उठने पर आप जान सदावते द्वारा अपनाया तरीका अपना कर खुद को दम घुटने से बचा सकते हैं। इसके अलावा आग से बचने के लिए आपको अपने घर के लिए ज़रूरी साधन जुटाने चाहिए-

 

  • घर में उचित जगहों पर स्मोक डिटेक्टर लगाएं। रसोई, चूल्हे के पास व् सोने के कमरों में इन्हें ज़रूर लगाएं। घर की हर मंज़िल पर एक स्मोक डिटेक्टर ज़रूर लगाएं।
  • हर साल इन डिटेक्टर की बैटरी बदलना न भूलें। साल में दो बार इनकी जांच करें तथा इसे अपने नियम में शामिल करें।
  • जिन लोगों को सुनने में मुश्किल होती है उनके लिए विशेष फिरे डिटेक्टर की सुविधा का प्रबंध करना चाहिए। इन्हें आप पास के बाज़ार से या ऑनलाइन खरीद सकते हैं।
  • इन प्रसाधनों के 10 साल से ज्यादा पुराने हो जाने पर नए प्रसाधन ज़रूर लगाएं।
  • रसोई के पास एक आग बुझाने के उपकरण रखें तथा इन्हें नियमित रूप से जांचते रहें। इनका उपयोग करना भी परिवार के हर इंसान को ज़रूर सिखाएं।
  • बच्चों को माचिस, लाइटर, बिजली के सॉकेट, स्टोव व् रसायनों का सही तरह से उपयोग करना सिखाएं। बच्चे बहुत छोटे हों तो उन्हें माचिस, मोमबत्ती आदि से दूर रखें।
  • बच्चे के लिए रात में सोने के लिए ऐसे कपड़े लें जो आग विरोधी हो। उन्हें हमेशा रात में ऐसे ही कपड़े से बने वस्त्र पहनाएं ताकि दुर्घटना के क्षणों में उन्हें कम से कम क्षति हो।
  • हमेशा अपने इलाके की अग्नि शमन सेवाओं की जानकारी रखें तथा इन्हें अपने फ़ोन के स्पीड डायल में भी सेव करें।
  • बच्चों को कपड़े में लगी आग को बुझाने का तरीका सिखाएं- रुको, लेटो व् लुड्को। यह तरीका बच्चे को गंभीर क्षति से बचाएगा।
  • बच्चे को घर में बने आग से बचने के रास्ते व् प्रसाधनों के बारे में बताएं। इनके सही उपयोग के बारे में भी चर्चा करें तथा ज़रूरत लगने पर ट्रेनिंग भी दें।
  • बच्चों को सिखाएं की खेलते हुए हमेशा आग से बचने वाले रास्ते को खिलोने व् अन्य सामानों से दूर रखें जिससे भागते हुए आपका कीमती समय व्यर्थ न हो जाए।
  • अगर आप बच्चे को घर में किसी आया या परिचित के भरोसे छोड़ते हैं तो उन्हें भी आग से निपटने के लिए किए गये इन्तेजाम से अवगत करें।

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