कई अहम बीमारियों को दूर करने में कारगार सिद्ध होते हैं बाबची के बीज़

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बाबची के बीज आयुर्वेद में एक महत्वपूर्ण औषधि है। (babchi seeds benefits in hindi) तमिल सिद्ध पद्धति और चीनी चिकित्सा पद्धति में भी बाबची के बीज का अहम् स्थान है। इसकी वजह इन बीजो से मिलने वाले अनंतमूली नामक यौगिक है। मौजूदा चिकित्सा पद्धति अभी इस यौगिक के शरीर पर प्रभाव को समझ रहा है, पर बाबची के बीज सदियों से स्वास्थ्य सम्बन्धी कई समस्याओं का हल देते रहे है।

आइये जाने परंपरागत चिकित्सा पद्धतियों में बाबची का प्रयोग और इसके फायदे-

 

  • बाबची में फफूंद विरोधी, कृमिनाशक, कीटाणु-विरोधी और मनमोहक गंध के गुण है। चीनी सभ्यता में माना जाता है की बाबची का सेवन सम्पूर्ण स्वास्थ और जीवन शक्ति को बेहतर करता है। लोग इसे शक्ति बढ़ाने के लिए और कभी-कभी पसीना का स्राव बढ़ाने के लिए भी उपयोग करते है। 

 

  • बाबची के पौधे में उगने वाले फल में गुप्तांग सम्बन्धी रोगों को दूर करने के गुण पाए जाते है। इस फल का उपयोग यौन रोग, ज्वरीय रोग, बिस्तर गीला करने की आदत, बार-बार पेशाब जाने की ज़रूरत जैसे रोगों के उपचार में होता है। इस फल में मौजूद कीटाणु नाशक गुण से mycobacterium tuberculosis (टीबी ) में आराम मिलता है।

 

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  • बाबची के पौधे से एक विशेष प्रकार का द्रव्य निकलता है। इस द्रव्य से प्रभावकारी ओलियोरेसिन (oleoresin) मिलता है जिसे किडनी की समस्या और कटिवात के उपचार में उपयोग किया जाता है।

 

  • बाबची के बीज अन्य हिस्सो से ज़्यादा उपयोग किये जाते है। इन्हें लेप की तरह बाहरी रूप से या चूर्ण की तरह खा कर लिया जा सकता है। इन बीजो का उपयोग आंतो से जुडी समस्या खासकर क्रमी होने पर किया जाता है।

 

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इन फायदों के बीच कुछ सावधानियां रखनी भी ज़रूरी हैं ताकि दुष्प्रभावों से बचा जा सके। इन बिन्दुओ पर ध्यान दें-

  • किसी भी औषधि की तरह बाबची के सेवन से पहले एक चिकित्सक से सलाह अवश्य लें। उन्हें अपने स्वास्थ्य से जुडी सभी जानकारियां बताएं और सही मात्रा का ज्ञान लें।

 

  • बाबची के बीज को अत्यधिक मात्रा में खा लेने से सिरदर्द, उल्टियां, दस्त जैसी समस्या देखी गयी है। सही जानकारी के बाद ही इसका सेवन आरम्भ करें तथा किसी के सिर्फ कहने पर इस मात्रा को न बढ़ाएं।

 

  • बाबची के सेवन से कुछ एलर्जी के लक्षण भी सामने आए है। कभी-कभी अनचाहे उभार और दाग भी शरीर पर आते है। ऐसा होने पर तुरंत चिकित्सक से परामर्श लें। 

 

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इस्तेमाल का तरीका

बाबची के बीज के पाउडर का एक चम्मच शहद और धनिया के साथ लिया जा सकता है। इसका घोल बनाकर आप लेप की तरह भी इस्तेमाल कर सकते है।