बरगद के पेड़ के 8 आश्चर्यजनक फायदे

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हर प्राणी का एक जीवन काल होता है जैसे की मनुष्य 100 साल, कछुआ 200 साल, कुत्ता 20 साल और और भी कई। (bargad ka ped benefits, banyan tree information in hindi) कई पेड़ पौधे तथा वृक्ष ऐसे भी है जिन्हें अमर माना गया है मतलब उनका जीवनकाल बहुत अधिक लंबा होता है। और उन्ही में से एक है बरगद का पेड़, जिसने कई बदलते दिन, बदलते साल यहाँ तक की बदलती सदियाँ देखी होगी।

हिन्दू रीति-रिवाज में बरगद का बहुत महत्व है। यह एक सीधा मजबूती के साथ खड़ा हुआ पेड़ होता है, इसके पत्ते अंडाकार होते है जो दिखने में कटहल के पत्तों की तरह होते है। अंजीर के पेड़ की तरह इसकी पत्तियां भी पेड़ को पूरी तरह ढके हुए रहती हैं। अधिकांशतः मंदिर इस पेड़ के नीचे बनाये जाते हैं। इस पेड़ की शाखाएं व्यापक रूप से जमीन तक फैली रहती हैं। बरगद के पेड़ में मई-जून में नए पत्ते आते हैं तथा इसमें साल भर फल लगते हैं।

 

आइये देखते हैं बरगद के पेड़ के उपयोग तथा लाभ-

 

1. बढ़ाये चेहरे का निखार 5-6 बरगद के पत्तों को 10 से 20 ग्राम लाल वाली दाल के साथ पीस लीजिये, अब इस पेस्ट को चेहरे पर लगा लीजिये। यह हर तरह की त्वचा की समस्या से निजात देता है। – सूखे हुए बरगद के पत्तों, चमेली के पत्तों, लाल चन्दन तथा कूट को पानी के साथ पीस लीजिये, इसे चेहरे पर लगाने से मुहांसे तथा दाग धब्बों से छुटकारा मिलता है।

 

2. कमर दर्द में फायदेमंद बरगद के दूध को अलसी के तेल में मिला लें अब इससे मालिश करें आराम मिलेगा। – बरगद का दूध कमर में दिन में तीन बार मलें, कुछ दिनों में आराम मिल जाएगा।

3. दस्त तथा डायरिया में फायदेमंद यदि बच्चों को दस्त हो गया हो तो बरगद के दूध की कुछ बूंदों को बच्चे की नाभि में लगायें आराम मिलेगा, या फिर बरगद के दूध की कुछ बूँदें बतासे के साथ दिन में दो तीन बार खिलाने से भी आराम मिलता है।

 

4. चोट लगने पर- बरगद के पत्तों को पीस कर गर्म करके घाव पर लेप करने से घाव जल्दी भर जाता है।

 

5. जुखाम में असरकारी बरगद की नयी पत्तियों को छाया में सुखा कर उन्हें कूट लें। आधे लीटर पानी में एक चम्मच चूर्ण डाल कर काढ़ा बना लें। जब पानी चौथाई रह जाये तो इसे उतार कर छान लें। अब इसमें पीसी हुई मिश्री मिला लें और गुनगुना कर के पियें। इससे दिमाग की शक्ति बढती है तथा नजला जुखाम ठीक हो जाता है।

 

6. आलस्य और अधिक नींदसे छुटकारा यदि आप अक्सर थकान महसूस करते हैं और अधिक नींद आने से परेशान हैं तो बरगद के कड़े हरे-हरे शुष्क पत्तों का बनाया हुआ 10 ग्राम चूर्ण लेकर उसे एक लीटर पानी में चौथाई बच जाने तक पकायें। अब इसमें चुटकी भर नमक मिलाकर सुबह-शाम पियें आपको आलस्य और अधिक नींद आने की परेशानी से छुटकारा मिलेगा।

 

7. बरगद के फल  सुखाकर उसका पाउडर बना लें। इस पाउडर में मिश्री का पाउडर मिला लें। रोजाना सुबह 6 ग्राम इस मिश्रण को गर्म ढूध में मिलाकर लें, वीर्य का शीघ्रपतन और पतलापन जैसी परेशानी से जल्द ही छुटकारा होगा।

 

8. नाक से खून बहना रोकता है- 3 ग्राम पिसी हुई बरगद की जड़/जटा को लस्सी के साथ पीने से नाक से खून आना तुरंत बंद होता है। नाक में बरगद के दूध की दो बूंद डालने से भी नकसीर (नाक से खून बहना) ठीक हो जाता है।