करें अपने आहार में उबली मूंगफलियों को शामिल, हैं कई पोषक तत्वों का स्रोत

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image credits: urdunews.com

मूंगफलियों का मौसम आने पर इन्हें भूनकर या उबालकर खाना एक तरह से भारत में रिवाज़ रहा है। पर ताज़ी मूंगफलियों को खाने का यह तरीका सिर्फ लुत्फ़ के लिए नहीं है, बल्कि इसके अदभुत लाभ भी हैं। 2007 में हुए एक शोध में मूंगफलियों को खाने के विभिन्न तरीकों- उबली, तेल में तली, भुनी हुई तथा कच्ची के लाभ जानने की कोशिश हुई। निष्कर्ष यह निकला की मूंगफलियाँ अगर उबाल कर खाई जाए तो इसके लाभ चार गुना हो सकते हैं।

 

चुटकियों में पाएं ऊर्जा 

आधा कप उबली मूंगफलियों में 286 कैलोरीज होती हैं तथा 12 ग्राम प्रोटीन, 2 ग्राम प्राकृतिक शक्कर तथा कोलेस्ट्रोल की मात्रा शून्य होती है। अगर आपको भोजन की दो खुराकों के बीच लम्बे समय तक इंतज़ार करना पड़ रहा है तो उबली मूंगफलियाँ आपको पोषण और स्वाद दोनों दे सकती हैं। इनमें 8 ग्राम फाइबर भी होता है जो आपकी भूख को लम्बे समय तक शांत रखता है।

 

विटामिन E और

उबली मूंगफलियों से आप विटामिन E की ज़रूरत का एक चौथाई हिस्सा सिर्फ आधे कप की खुराक से ही ले सकते हैं। इसमें कई तरह के महत्वपूर्ण विटामिन B भी मौजूद हैं जो आपके अंगों और मांसपेशियों के लिए अहम हैं। इनसे आपका शरीर लाल रक्त कोशिकाएं बना पाता है तथा फोलेट की मात्रा संतुलित कर गर्भ में पल रहे बच्चे को होने वाली कुछ विकृतियों से बचा सकता है। 

 

हड्डियों, दांत, नसों और मांसपेशियों के लिए लाभदायक 

आधे कप उबली मूंगफलियों में आपकी दिन की ज़रूरत का 30 प्रतिशत मैग्नीशियम और 25 प्रतिशत फॉस्फोरस होता है। ये दोनों ही तत्व आपकी हड्डियों और दांतों के लिए ज़रूरी है। मैग्नीशियम से जहाँ आपका शरीर स्नायु तन्त्र की क्रियाएँ कर पाता है वहीं फॉस्फोरस की मदद से शरीर आहार को उर्जा में बदलता है। साथ ही मूंगफलियों से आप जिंक ले सकते हैं जो आपके शरीर को चोट ठीक करने में मदद करता है।

 

कम कैलोरी

हालाँकि मूंगफली एक तरह की दाल है पर इसे मेवों में भी शामिल किया जाता है। इसकी वजह मेवों से मिलता हुआ इसका पोषण रचना है। फिर भी अन्य मेवों की तुलना में इसमें बहुत कम कैलोरीज होती है जो इसे डाइटिंग व् ऊर्जा प्रबंधन के लिए आदर्श बनाती है। मूंगफलियों को विभिन्न तरह से खाने की बात करें तो उबले होने पर इनमें सिर्फ 90 कैलोरी ही होती है जो अन्य तरह से 1.5 से 2.5 गुना तक कम है।

 

फ्लावोनोइड और पोलीफिनॉल का स्रोत 

कम कैलोरीज के अलावा उबली मूंगफलियों में फ्लावोनोइड और पोलीफिनॉल की मात्रा भी अन्य रूपों से ज्यादा होती है। इन तत्वों की मदद से आपके शरीर की कोशिकाएं फ्री रेडिकल से होने वाली क्षति से बच पाती हैं तथा कैंसर, ह्रदय रोग व् मधुमेह जैसे गंभीर रोगों का खतरा कम हो जाता है।


फाइबर का स्रोत 

उबली मूंगफलियाँ फाइबर का एक अच्छा स्रोत भी हैं। इनमें मूंगफलियों के अन्य रूपों की तुलना में ज्यादा फाइबर होता है जिससे आपकी दिन की ज़रूरत का 10 प्रतिशत पूरा होता है। यही वजह है की अपने आहार में मूंगफलियों को शामिल करने से आप भूख को नियंत्रित कर पाएंगे, अपच से बचेंगे तथा ह्रदय रोग और मधुमेह का खतरा भी कम होगा।

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