क्या बहुत ज़्यादा साफ़ सफाई ही आपकी बीमारियों का कारण है?

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साफ़ सफाई रखना एक स्वस्थ और सुगम जीवन के लिए बहुत ज़रूरी है। पर अति किसी की भी अच्छी नहीं होती। अत्यधिक साफ़ सफाई के भी नकरात्मक असर हो सकते हैं। कई नए शोध यह दर्शाते हैं की बहुत ज्यादा साफ़ सफाई रखने से एंटीबायोटिक के प्रति शरीर में रेजिस्टेंस (विरोध) पैदा हो जाता है जिससे बीमारी और कई मामलों में मृत्यु भी हो सकती है।

घर में पाए जाने वाले सभी कीटाणु और एंटीबायोटिक के रेजिस्टेंस पर गौर करने के बाद शोश्क्र्ताओं ने पाया की जिस कमरे में बहुत सफाई रखी जाए वहां कीटाणुओं की विविधता कम हो जाती है तथा रेजिस्टेंस की विविधता बढ़ जाती है।

शोधकर्ताओं की इस टीम ने अपने ही संस्थान के ICU, एयरोस्पेस के सार्वजनिक और निजी कमरे आदि में शोध किया जहाँ कीटाणुओं को नियंत्रित करने के लिए कई उपाय किये जाते हैं।

इस टीम ने पाया की ICU और उद्योगों के जिस वातावरण में कीटाणुओं के नियंत्रण के कठोर प्रबंध किये जाते हैं वहां एंटीबायोटिक रेजिस्टेंस बढ़ जाते हैं जिससे रोगजनक कारकों का असर और भी तेज़ी से बढ़ जाता है।

देखा जा रहा है की एंटीबायोटिक दवाओं के प्रतिरोधी कीटाणुओं से बीमार होने वाले तथा मरने वालों की संख्या बेहद तेज़ी से बढ़ रही है। वहीँ जिन जगहों पर सामान्य स्तर पर कीटाणुओं की मौजूदगी होती है वहां खतरनाक रोगों की आशंका कम हो जाती है।

पर क्या इसका मतलब यह है की सफाई पर ध्यान न दिया जाए? नहीं। इन शोधकर्ताओं ने पाया की कीटाणुओं को मरने के लिए रसायनों का उपयोग करने की जगह कुछ अन्य उपाय अपनाकर घर को साफ़ और सुरक्षित रखा जा सकता है। घर में हवा की आवजाही को सुगम और प्राकृतिक बनाए रखने की कोशिश करें। ऐसे पौधे लगाएं जो कीटाणुओं को दूर रखते हों तथा घर की हवा स्वच्छ रखें। हितकर कीटाणुओं का जानबुझकर उपयोग करना भी अच्छा विकल्प है। घर में बैक्टीरिया विरोधी सामग्रियों का उपयोग न करना भी कीटाणुओं की विविधता व् आपकी सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।