ऑफिस में डिप्रेशन से बचें इन उपायों से 

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Image Credits: ISHN

28 अप्रैल को विश्व भर में सेफ्टी एंड हेल्थ एट वर्क डे मनाया गया। उद्देश्य था काम करते हुए भी लोगों को अच्छे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने का सन्देश देना। यह हाल के सालों में और भी महत्वपूर्ण हो गया है क्यूंकि हमारे ऑफिस पहले से ज्यादा प्रतिस्पर्धा से भरे हो चले हैं। कुछ समय पहले फोर्ब्स के एक लेख में बताया गया की नये पीढ़ी किसी भी पिछली पीढ़ी से ज्यादा अवसाद और घबराहट अनुभव कर रही है।

मानसिक स्वास्थ्य का बिगड़ना जितना निराशाजनक है उतना ही खतरनाक यह तथ्य भी है की हम अब भी मानसिक स्वास्थ्य को समझ नहीं पाए हैं। क्या इस कमी का दंश हमारी नई पीढ़ी भुगत रही है?

आइये जानते हैं कुछ उपायों को जिनकी मदद से न सिर्फ अवसाद के दिनों को बेहतर बनाया जा सकता है बल्कि इससे उभरा भी जा सकता है-

मदद लें 

अगर आपने यह अनुभव किया है की आप पहले से ज्यादा उदास रहने लगे हैं तो अभी से ट्रीटमेंट लेना शुरू करें। किसी सपोर्ट ग्रुप या थेरापिस्ट से अपने लक्षण और वजह साझा करें जिससे आप अपनी प्रोफेशनल लाइफ को और बेहतर ढंग से सम्भालना शुरू कर पाएंगे।

सहारा ढूंढें 

ऑफिस में या घर पर एक भरोसेमंद दोस्त ढूंढें। ऐसा कोई जो मुश्किल वक्त में आपका साथ दे सके। बेशक कुछ दिन आपके लिए मुश्किल होते होंगे और आप खुद को अकेला महसूस करते होंगे। पर थोड़ी कोशिश करें, ऐसा दोस्त आपकी बेहतरी को और भी आसान बना देगा।

ग्रुप थेरेपी भी एक बहुत अच्छा विकल्प है जहाँ अलग अलग लोग अपनी बात रख सकते हैं तथा दूसरे की बात को समझ भी सकते हैं।

स्पष्ट लक्ष्य तय करें 

काम करते हुए अक्सर हम मुश्किल लक्ष्य बना लेते हैं। उदास रहने पर हमें ध्यान लगाने में मुश्किल होती है जिससे लक्ष्य तक पहुँच पाना और भी मुश्किल हो जाता है। अपने लिए स्पष्ट लक्ष्य तय करें जो की वास्तविक हों। धीरे धीरे जब आप ये लक्ष्य पाने लगेंगे तो आप आत्मविश्वास और संतुष्टि महसूस करेंगे और आपकी कार्यकुशलता बेहतर होती जाएगी।

बोले

अगर आपके लिए काम मुश्किल हो रहा है या फिर आपको अपनी देखभाल के लिए कुछ समय की आवश्यकता है तो यह बात अपने बॉस से कहें। अगर आपके बॉस के साथ आपके सम्बन्ध बहुत करीब के नहीं हैं तो आप HR डिपार्टमेंट में जाकर भी सही तरीका जा सकते हैं। घर पर भी अपने प्रियजनों से अपनी बात स्पष्टता से कहें तथा कुछ जिम्मेदारियों को बाट लें।

अगर आप ऑफिस में अपनी सेहत के बारे में विस्तृत रूप से बात नहीं करना चाहते तो भी कुछ दिन की छुट्टी की बात कहें। इस दौरान थेरापिस्ट और सपोर्ट ग्रुप का सहारा भी लें।

अपना ध्यान रखें 

अपना ध्यान रखना प्रोफेशनल सफलता की सबसे बड़ी कड़ी है। लम्बे समय तक अवसाद के लक्षणों को नज़रंदाज़ करना आपके कार्य पर ही असर नहीं डालेगा बल्कि चिडचिडाहट और नाराज़गी की वजह से आपके ऑफिस में आपकी छवि पर भी असर होगा। बेहतर है की कार्य से ज्यादा महत्व आप अपने आप को दें तथा अपनी दिनचर्या को इसी के अनुसार निर्धारित करें।