प्रसव के बाद करें इन आहारों का सेवन

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pregnancy meal
image credits: Healthunbox

प्रसव के बाद शिशु की देखभाल के साथ आपके मन में वज़न कम करने का ख्याल भी ज़रूर होगा। पर इसके साथ ही ज़रूरत है ऐसे आहार लेने की जो आपके शरीर को नई ज़िम्मेदारी के लिए पर्याप्त उर्जा दें। (diet after pregnancy operation ke baad in hindi)

 

प्रसव के बाद सम्भवतः आप उर्जा की कमी महसूस कर रही होंगी, ऐसे में स्वास्थ्यवर्धक भोजन का सेवन आपको उर्जावान महसूस करने में मदद करेगा। इसके अलावा अगर आप दुग्धपान करवा रही हैं लेकिन शरीर को पर्याप्त पोषण नहीं दे रहीं, तो बच्चे को पोषण देने के लिए आपका शरीर पहले से मौजूद पोषण का उपयोग करने लगेगा और जल्द ही इसके दुष्प्रभाव दिखने भी लगेंगे।

 

इसलिए सुनिश्चित करें की आप पोषण से भरा भोजन ले रही हैं। साथ ही इन आहारों को लेने से आप जल्द ही पुर्णतः स्वस्थ और उर्जावान महसूस करने लगेंगी-

 

मछली 

मछली को कई पोषण का पावरहाउस माना जाता है। सामन सबसे ज्यादा पोषक मछली मानी जाती है जिसमें ओमेगा-3, विटामिन आदि के साथ DHA नामक फैटी अम्ल होते हैं। यह तत्व बच्चे के स्नायु तन्त्र के निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं। माँ के दूध में भी DHA होता है इसलिए आहार में DHA को शामिल करना बेहद ज़रूरी है।

इतना ही नहीं, DHA प्रसव के बाद होने वाले अवसाद से भी रक्षा करता है तथा मनोदशा सुधारता है।

दुग्धपान करवाने वाली माँ को हफ्ते में 350 ग्राम से ज्यादा नहीं खाना चाहिए। इसकी वजह मछलियों में पाया जाने वाला पारा है जो बच्चे के लिए नुकसानदायी हो सकता है। स्वोर्डफ़िश आदि अन्य मछलियों में पारे के स्तर और भी ज्यादा होते हैं इसलिए इन्हें न खाने की सलाह दी जाती है।

 

लो फैट दूध से बने पदार्थ 

दुग्धपान करवानी वाली माँ को दूध, दही, पनीर या किसी अन्य रूप में दूध से बने आहार का सेवन ज़रूर करना चाहिए। दूध शरीर को विटामिन D देता है जो हड्डियों को मजबूती प्रदान करता है। इसके अलावा प्रोटीन और विटामिन B के साथ ये कैल्शियम का भी स्रोत होते हैं।

आपके दूध कैल्शियम से भरपूर होता है ताकि बच्चे की हड्डियों के निर्माण की ज़रूरत पूरी हो सके। इसलिए ज़रूरी है की आप कैल्शियम युक्त आहार लेती रहें ताकि आपकी हड्डियाँ कमजोर न हों तथा बच्चे को भी ज़रूरी पोषण मिलता रहे।

दिनभर में कम से कम 3 कप दूध को आहार में शामिल ज़रूर करें।

 

दालें 

आयरन से भरपूर फल्लियाँ और दालें, जैसे काली दाल और राजमा, दुग्धपान करवाने वाली माँ के लिए बहुत अच्छी खुराक है, खासकर अगर वह शाकाहारी हो। ये प्रोटीन से भरपूर आहार हैं जो अन्य पोषक तत्व भी देती हैं लेकिन आपके बजट को बिगाड़ती नहीं।

 

ब्राउन राइस 

अगर आप वजन कम करने की सोच रही हैं तो आहार से कार्ब्स करने की कोशिश भी ज़रूर कर रही होंगी। पर ऐसा न करें, इस समय तेज़ी से वजन कम करना आपको कमजोरी दे सकता है तथा दूध की मात्रा पर भी असर डाल सकता है।

स्वास्थ्यवर्धक मोटे अनाज के साथ ब्राउन राइस का सेवन शुरू करें। यह डाइट आपको पर्याप्त उर्जा देगी और शरीर को स्वस्थ होने में मदद करेगी। ब्राउन राइस आपके शरीर को उचित गुणवत्ता वाले दूध के निर्माण के लिए ज़रूरी कैलोरीज भी देगी।

 

संतरे 

संतरे भरपूर उर्जा तो देते ही हैं, इन्हें आसानी से कहीं भी ले जाया जा सकता है। संतरे और अन्य खट्टे फल दुग्धपान करवाने वाली माँ के लिए हितकारी होते हैं और उन्हें ज़रूरी विटामिन C प्रदान करते हैं। अगर आप बैठकर संतरे खाने का समय नहीं निकाल पा रही तो सुबह कुछ संतरों का रस निकालकर फ्रिज में रख लें और दिनभर इसका सेवन करें। आप चाहें तो फोर्टीफाइड विकल्पों का चयन भी कर सकती हैं।

 

साग 

हरी पत्तीदार सब्जियों में विटामिन A भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो आपके और आपके बच्चे, दोनों के लिए अच्छा होता है। लेकिन लाभ यहीं खत्म नहीं होते। पालक, मेथी, केल आदि साग कैल्शियम, विटामिन C और आयरन के दूध रहित स्रोत होते हैं। ये एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होती हैं और कम कैलोरी युक्त भी होती हैं।

 

पानी 

दुग्धपान कराने से माँ को डिहाइड्रेशन का खतरा हो सकता है। अपनी उर्जा और दूध के उत्पादन की शक्ति को बनाए रखने के लिए आपको भरपूर पानी लेना चाहिए। आप चाहें तो पानी के अलावा जूस और दूध का सेवन भी कर सकती हैं। लेकिन चाय, कॉफ़ी या सोडा की बात आए तो आपको सावधान रहने की ज़रूरत है। सोडा से जहाँ आपको बचना चाहिए वहीं कैफीन युक्त पेय के 2-3 कप ही 24 घंटे के अंदर लिए जाने चाहिए। कैफीन सिर्फ आपके शरीर में डिहाइड्रेशन ही नहीं लाता बल्कि दूध में पहुंचकर बच्चे की नींद में भी बाधा बन सकता है।