शुक्राणु/ स्पर्म बढ़ाने के लिए अपनाएं ये आहार

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Sperm-Count
image credits: IVF – In Vitro Fertilization - Empower Pregnancy

स्पर्म काउंट वीर्य के एक सैंपल में शुक्राणु की संख्या को कहा जाता है। यह उन कारकों में से एक है जो वीर्य की गुणवत्ता बताता है तथा प्रजनन क्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। एक स्वस्थ पुरुष में स्पर्म काउंट 1.5 करोड़ प्रति मिलीलीटर होता है वहीं 1 करोड़ प्रति मिलीलीटर से कम के स्पर्म काउंट को पुरुषों में बांझपन से जोड़ा जाता है। (diet to increase sperm count naturally badhane ke tarike upay hindi)

 

हाल के दशकों में देखा जा रहा है की स्पर्म काउंट और परिणामस्वरूप प्रजनन क्षमता में बड़ी कमी आई है। पश्चिमी देशों में यह समस्या बड़ी है लेकिन भारत भी इससे अछुता नहीं है। इसकी खास वजह काम या किसी लत के कारण शरीर की ज़रूरतों पर ध्यान न देना ही बताया जाता है।

 

अगर आप भी ऐसी ही अनियमित जीवनशैली के आदि हैं तो आज ही बदलाव करें। शरीर को भरपूर नींद और व्यायाम दें, अतिरिक्त वसा को कम करने की कोशिश करें, धुम्रपान और शराब की लत से उबरने की कोशिश करें तथा जीवनशैली को बेहतर करने के लिए अपने चिकित्सक से मदद लें।

 

इसके अलावा स्पर्म काउंट बढ़ाने के लिए आप इन आहारों का सेवन भी कर सकते हैं-

 

सौंफ 

वीर्य की सेहत को बेहतर करने के लिए सौंफ को सदियों से अपनाया जाता रहा है। आज ऐसी कई दवाएं भी बाज़ार में उपलब्ध हैं जो सौंफ के अर्क के सप्लीमेंट की तरह काम करती हैं तथा स्पर्म काउंट बढ़ाने का दावा करती हैं।

सौंफ या सौंफ का अर्क कितनी मात्रा में लिया जाए तथा कैसे लिया जाए, यह जानने के लिए आयुर्वेदिक चिकित्सक से चर्चा करें। उनसे सप्लीमेंट के बारे में भी पूछें तथा बताए मार्गदर्शन का पालन करें।

 

पर्याप्त विटामिन D और कैल्शियम लें 

देखा जाता है की शरीर में विटामिन D और कैल्शियम की मात्रा शुक्राणुओं पर प्रभाव डालती है। देखा जाता है की अगर ये दोनों तत्व आपके आहार में पर्याप्त मात्रा में न हों, तो आपको लो स्पर्म काउंट की समस्या हो सकती है। अपने आहार में इन दोनों तत्वों से युक्त चीज़ें शामिल करने की कोशिश करें। आप चाहें तो चिकित्सक के मार्गदर्शन में सप्लीमेंट भी ले सकते हैं।

 

अश्वगंधा 

अश्वगंधा को पारम्परिक चिकित्सा पद्धति तथा आयुर्वेद में कई तरह प्रजनन रोग के उपचार में उपयोग किया जाता है। 2016 में किए गये एक शोध में पाया गया की अगर अश्वगंधा का सेवन लगतार 90 दिनों तक किया जाए तो स्पर्म काउंट में 160 प्रतिशत का इज़ाफा होता है।

इस दवा को आप आसानी से किसी भी दूकान से खरीद सकते हैं। इसके सेवन के लिए पैकेट पर दिए निर्देशों का पालन करें या चिकित्सक से सलाह लें।

 

एंटीऑक्सीडेंट 

एंटीऑक्सीडेंट आपके शरीर से फ्री रेडिकल को खत्म करते हैं तथा कोशिकाओं को क्षति से बचाते हैं। कई तरह के खनिज और विटामिन एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम कर सकते हैं और देखा जाता है की इनका सेवन स्पर्म काउंट बढ़ाने में योगदान देता है।

एंटीऑक्सीडेंट लेने के लिए आप अपने भोजन में ताज़ी सब्जियों और फलों को स्थान दे सकते हैं।

 

वसा 

आहार में ओमेगा-3 और ओमेगा-6 जैसे हितकर वसा को शामिल करने से शुक्राणुओं के विकास में मदद मिलती है। साथ ही ये एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम कर शुक्राणुओं को अतिरिक्त क्षति से बचाते हैं। अखरोट और मछली इस तरह की वसा के श्रेष्ठ स्रोत हैं।

दूसरी ओर खाने से ट्रांस फैट जैसे नुकसानदायक वसा को बाहर करें। इस तरह की वसा अक्सर जंक फ़ूड और स्नैक्स में पाई जाती है और स्पर्म काउंट घटाने में बड़ी भूमिका निभाती है।

 

विषाक्त तत्वों से सम्पर्क घटाएँ 

समय के साथ वातावरण और भी प्रदूषित होता जा रहा है जो की स्वास्थ्य के लिए किसी भी तरह से सही नहीं है। कोशिश करें की आप जैविक आहार का सेवन करें, काम के दौरान बार-बार ज़हरीले पदार्थों के सम्पर्क न आएं तथा अपने आस-पास के वातावरण को साफ़ रखें।

घर में एयर पुरिफ़ाएर लगाने के अलावा आप अपने मोहल्ले या सोसाइटी में पेड़ों की संख्या बढ़ाने की कोशिश कर सकते हैं। ये आपको और सोसाइटी के अन्य लोगों को साफ़ हवा देंगे, मौसम अनुकूल बनाएंगे तथा कई दीर्घकालीन लाभ भी देंगे।