कंधे की पूरी ताकत और विकास के द्वार खोलें इस तरह

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image credits: www.building-muscle101.com

बात अगर मांसपेशियों को मजबूत और सुगठित करने की हो तो हर मांसपेशी के लिए कुछ खास व्यायाम हम सभी को याद हैं। पैरों के लिए स्क्वाट, छाती के लिए बेंच प्रेस और पेट के लिए क्रन्चेस। पर आपके कंधों को शक्तिशाली बनाने के लिए आपके वर्कआउट में कौनसे व्यायाम शामिल हैं? (exercise for shoulder, blade muscle pain at home in hindi)

 

आइये जानते हैं ऐसे ही एक व्यायाम के बारे में-

 

पुश प्रेस व्यायाम 

लम्बे समय से मजबूत कंधों को पुश प्रेस व्यायाम के साथ जोड़कर देखा जाता रहा है। ये पहले जिम ट्रेनिंग का अभिन्न अंग होते थे। पर अब इनकी जगह मशीन और डम्बल ने ले ली है। इसकी एक खास वजह यह है की इस व्यायाम ने अनुभवी बॉडी बिल्डर को भी मुश्किल में डाला है। शुरुआती बॉडी बिल्डर पुश प्रेस को कठिन मानते हैं और कई बार इन्हें नहीं करना चाहते।

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आपको पुश प्रेस क्यूँ अपनाना चाहिए?

अगर आप पुश प्रेस को नहीं जानते तो जल्द ही इसे अपने ट्रेनिंग प्लान का हिस्सा बनाएं। यह खास तौर पर आपके कंधों के लिए व्यायाम है लेकिन इसमें आपके शरीर के अन्य मांसपेशी का भी उपयोग होता है।

इन्हें अपनाकर आप पैरों को मजबूती देते हैं, पेट और पीठ की मांसपेशियों को भारी वजन उठाने के लिए तैयार करते हैं तथा अपने ट्राइसेप्स को भारी वजन को सिर के ऊपर ले जाने में उपयोग करते हैं। कम ही व्यायाम इन सभी मांसपेशियों को एक साथ उपयोग करते हैं।

अगर आप एक बॉडी बिल्डर हैं जो अपने कंधों को मजबूत और गठीला बनाने का तरीका देख रहे हैं तो इस व्यायाम पर ज़रूर भरोसा करें। इसकी प्रैक्टिस में आप कम वजन से शुरू कर दोनों कंधों को मजबूत करने की प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं तथा हफ्ते डर हफ्ते इस वजन को बढ़ाकर व्यायाम को और भी चुनौती पूर्ण बना सकते हैं। भारी वजन को सिर के ऊपर उठा पाने से आपके कंधों तक जाने वाली उर्जा बढ़ेगी जिससे ये ताकतवर और गठीले होते जाएंगे।

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पुश प्रेस कैसे करें?

पुश प्रेस के पहले और दौरान इन बातों का ध्यान रखें।

वजन उठाने से पहले अपने अनुरूप ग्रिप को तलाशें और साथ में वार्म अप भी करें। शुरुआत अपने हाथ उसी तरह रखकर करें जिस तरह आप बेंचिंग में रखते हैं। फिर धीरे-धीरे अपनी ग्रिप में परिवर्तन लाएं और हाथों को इसी अनुसार सरकाएं।

इस दौरान ऐसी अवस्था से बचें जिसमें वजन उठाते समय आपके अंगूठे बार को लपेटे न हो। इस “सुसाइड ग्रिप” में आपके हाथ कमजोर पड़ सकते हैं और वजन आपके सिर पर गिरकर आपको चोट भी पहुंचा सकता है।

ग्रिप मिल जाने के बाद अपने शरीर को उस अवस्था और तैयारी में लाएं जो भारी वजन उठाने के लिए आपको ज़रूरी है। अगर आपकी कमर में दर्द रहता है तो एक वेट बेल्ट पहनें। ज़रूरत हो तो कलाई और कोहनी के लिए सुरक्षा बेल्ट पहनें।

शुरुआत में उतना ही वजन उठाएं जितना आप बर्दाश्त करे पाएं। हमेशा वजन उठाने पर आपके शरीर में उठ रहे एहसासों पर ध्यान दें तथा दर्द होने पर वजन नीचे रखें।

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क्या गर्दन के पीछे वजन लेकर जाना सुरक्षित है?

पुश प्रेस आम तौर पर आपके कंधों के सामने शुरू होता है। कई लोग इसे गर्दन के पीछे लेकर जाना पसंद करते हैं क्यूंकि इस तरह आपके बाजू की मांसपेशियां भी व्यायाम में शामिल होती है। अगर आप वजन संभाल पा रहे हैं तो इसे गर्दन के पीछे ले जा सकते हैं। पर अगर आपको कंधों में दर्द रहता है तो ऐसा न करें।