त्यौहारों में बाजार की मिठाईयों की मिलावट ऐसे पहचानें

790
adulteration-in-food-items
image credits: YouTube.com

हमारी मनपसंद नूडल्स में सेसा धातु मिलने से लेकर प्लास्टिक के चावल तक, हमारी थाली में रखे भोजन की शुद्धता पर संदेह करने के कई कारण हमें मिलते रहे हैं। (find out how adulteration of various food items can be detected) त्यौहारों के आस-पास मिलावट की खबरें और भी तेज़ हो जाती हैं जो इनके आनंद को कम कर देती हैं। मिलावट के दुष्प्रभावों से बचने के लिए अपने इलाके में ऐसी खबर मिलने पर चर्चित सामग्री से दूर रहें तथा बाहर बने व्यंजनों को न खरीदकर इन्हें घर पर ही बनाएं।

यदि आपको लगता है किसी पैकेज्ड फूड की शिकायत करने की जरूरत है तो आप FSSAI का Food Safety Connect App डाउनलोड कर सकते हैं और उस पर अपनी खाद्य संबंधी शिकायत बकायदा फोटो, बैच नं, मैनुफैक्चरिंग डेट इत्यादि के साथ लॉज कर सकते हैं।

साथ ही, कुछ आसान तरीकों से घर पर व्यंजन की सामग्री की शुद्धता की पुष्टि करें-

 

हल्दी और दालें-

जांच: आधा चम्मच बेसन, दाल या हल्दी 20 ml गुनगुने पानी में डालें। इसमें कुछ बूँद नींबू का रस या विनेगर डालें। अगर पानी गुलाबी या बैंगनी हो जाए तो दाल में रंग मिलाया गया है।

मिलावट के दुष्प्रभाव: ये रंग कैंसर जनक है तथा लम्बे समय तक उनका सेवन पेट में विकार पैदा करता है।

 

हरी सब्ज़ी, मिर्ची और मटर-

जांच: सामग्री का छोटा हिस्सा गीले टिश्यू पेपर पर रखें। पेपर पर रंग दिखे तो हरा रंग मिलाया गया है।

मिलावट के दुष्प्रभाव: ये रंग लम्बे समय तक लिए जाएं तो कैंसर पैदा करते हैं।

 

सरसों-

जांच: सरसों के बीज को कूटकर देखें। अगर बीज अंदर से पीले और बाहर से चिकने हैं तो ये असली हैं। बीज सफ़ेद हों तो ये अर्जीमोन के दाने हैं।

मिलावट के दुष्प्रभाव: मिलावटी बीजों के सेवन से मोतियाबिंद और ड्रॉप्सी हो सकता है। बच्चों और बुज़ुर्गों में इसका खतरा ज़्यादा होता है।

 

पनीर, खोया और दूध-

जांच:सामग्री का छोटा हिस्सा लेकर 20 ml पानी मिलाएं। इस मिश्रण को उबालें तथा थोड़ा ठंडा होने दें। इसमें आयोडीन की कुछ बूँदे डाल दें। मिश्रण नीला हो जाए तो स्टार्च की मिलावट की पुष्टि होती है।

मिलावट के दुष्प्रभाव: गंदे पानी और स्टार्च से पेट की समस्याएं उत्पन्न होती है। साथ ही मिलावट से खाने का पोषण कम हो जाता है।

 

आइसक्रीम-

जांच:आइसक्रीम पर नींबू के रस की कुछ बूँद डालें। अगर इसमें बुलबुले और झाग बनने लगे तो समझ लीजिये वाशिंग पाउडर की मिलावट की गयी है।

मिलावट के दुष्प्रभाव: वाशिंग पाउडर के सेवन से पेट और लिवर की गंभीर बीमारियां होती हैं।

 

काली मिर्च-

जांच: काली मिर्च के दानों को शराब में डालें। मिर्च के दाने जहाँ इसमें डूब जाएँगे वहीं मिलावटी पपीते के बीच ऊपर तैरने लगेंगे।

मिलावट के दुष्प्रभाव:पपीते के बीज का सेवन करना पेट और लिवर की बीमारियों को जन्म देता है।

 

कॉफ़ी पाउडर-

जांच: एक गिलास में पानी लें। इसपर धीरे से कॉफ़ी को छिडकें। असली कॉफ़ी जहाँ ऊपर तैरने लगेगी वहीं चिकरी का पाउडर कुछ सेकंड में नीचे बैठने लगेगा। साथ ही मिलावट नीचे बैठते समय रंग छोड़ने लगेगी।

मिलावट के दुष्प्रभाव: कॉफ़ी में डाले मिलावटी पदार्थ दस्त, पेट की गडबडी, बेचैनी और जोड़ों के दर्द की वजह हो सकते हैं।