मलेरिया को हमेशा के लिए खत्म कर देगा यह टिका 

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    Image Credits: Kidsnews
    इस साल से हर साल अफ़्रीकी देशों के 360000 बच्चों को मलेरिया का टिका दिया जाएगा। विश्व स्वास्थ्य संस्था, WHO ने हाल ही यह घोषणा की। मलावी में दो साल से कम उम्र के बच्चों का टीकाकरण करने की कवायद शुरू हो चुकी है वहीं केन्या और घाना में यह जल्द शुरू होगी।
    विश्व की पहली मलेरिया वैक्सीन 
    यह कोई आम खबर नहीं। हर साल लगभग 500000 लोग मलेरिया की वजह से अपनी जान गंवा देते हैं जिनमें से बच्चों की तादाद ज्यादा है। ऐसे में इस नये टिके का अविष्कार नई उम्मीद जगाता है।
    इस टिके से मलेरिया से आंशिक बचाव प्रापर्ट होगा। WHO द्वारा करवाएं गये क्लिनिकल टेस्ट में इस टिके से मलेरिया के मामलों में चालीस प्रतिशत से ज्यादा की कमी आई है।
    WHO की कोशिशें
    पिछले कुछ दशकों में मलेरिया को खत्म करने के लिए कई कोशिशें की गयी। मच्छरदानियों का उपयोग, स्वच्छता पर ध्यान व् प्राथमिक इलाज की बेहतरी इनमें मुख्य थे। इसी वजह से पिछले 15 साल में मलेरिया के मामले तेज़ी से कम हो गये थे। लेकिन हाल के सालों में यह प्रगति कम हुई है तथा कई जगहों में उल्ट भी गयी है। ऐसे में मलेरिया का टिका कई हज़ार जीवन को बचा सकता है।
    मलेरिया का खतरा
    मलेरिया पैरासाइट से होने वाला रोग है जो मादा अनोफेलेस मच्छर के काटने से फैलता है। इससे बचा जा सकता है लेकिन फिर भी हर साल चालीस से पचास लाख लोग इससे अपना जीवन हार जाते हैं। पांच साल से कम उम्र के बच्चे ज्यादा खतरे में होते हैं।
    MOSQUIRIX
    यह वैक्सीन जिसे RTS,S  या mosquirix कहा जाता है, giantGSK नामक ब्रिटिश फार्मा के वैज्ञानिकों द्वारा 1987 में बनाई गयी थी। तब से अब तक यह कई जांचों से गुजर चुकी है तथा PATH जैसी कई संस्थाओं का समर्थन भी पा चुकी है।
    इस टिके के चार डोज़ दिए जाते हैं। अगर अफ्रीका में इस टिके का प्रभाव स्पष्ट हुआ तो जल्द ही हम इसे भारत में भी मलेरिया से लड़ने के लिए उपयोग करेंगे।