गुग्गुल हर्ब का सेवन देता है सूजन, जोड़ों के दर्द व थायराईड जैसी समस्याओं से छुटकारा

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image credits: Urbol

गुग्गुल कॉम्मिफोरा मुकुल नामक पौधे के रस से से बनाया जाता है। (guggul health benefits in hindi) इसकी उत्पत्ति मूल रूप से भारत में ही हुई है। इसे सदियों से आयुर्वेदिक चिकित्सा में उपयोग किया जाता रहा है। आज कल गुग्गुल के गोंद का प्रयोग गठिया रोग, कोलेस्ट्रोल को कम करने, मुहांसे तथा अन्य त्वचा रोगों में तथा वजन घटाने में भी किया जाता है। गुग्गुल में पाए जाने वाले पदार्थ कोलेस्ट्रोल तथा ट्राइग्लिसराइड्स को कम करते है। ये पदार्थ सूजन, लालिमा तथा मुहांसों को कम करने में भी उपयोगी होते हैं।

गुग्गुल के लाभ

1. वातव्याधि: वातव्याधि, गृध्रसी में 4 तोला गुग्गुल और 5 तोला रास्ना को घी में मिला गोलियाँ बना लें। एक-एक गोली प्रात:-सायं खाने से लाभ होता है।

2. सूजन: शरीर में सूजन होने पर गोमूत्र के साथ 4 रत्ती गुग्गुल सेवन करने से लाभ होता है। इसे गोमूत्र में मिला बाहर से लेप करने पर भी लाभ होता है।

3. फोड़ा-फुन्सी:फोड़ा-फुन्सी में जब सड़न और पीव हो, तो त्रिफला के काढ़े के साथ 4 रत्ती गुग्गुल लेना चाहिए। अथवा शाम को 5 तोला पानी में त्रिफलाचूर्ण भिगोकर प्रात: गर्म कर छानकर पीने से लाभ होता है।

4. मगन्द: मगन्द में त्रिफला के साथ गुग्गुल सेवन करने से लाभ होता है।

5. कान का बहना: गुग्गुल को अग्नि पर डालकर धुँआँ लेने से कान का बहना बन्द हो जाता है।

6. फोड़ा-सूजन: फोड़ा या सूजन होने पर गुग्गुल गर्म कर कपड़े पर लगा लेप करने से लाभ होता है।

7. थायराइड में लाभ: गुग्गुल के सेवन से थायराइड ग्रंथि में सुधार होता है। शरीर का मोटापा कम कर गर्मी उत्पन्न करता है।

8. जोडों के दर्द में फायदेमंद: गुग्गुल के सेवन से जोडों के दर्द में बहुत लाभ मिलता है। जोडों में पैदा हुई अकड़न को भी गुग्गुल खाने से लाभ मिलता है।