किस तरह मटके का पानी फ्रिज के पानी से है बेहतर

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पानी का हमारे जीवन की एक बहुत ही महत्वपूर्ण रोल है। एक बार आप खाना खाए बिना शायद रह भी जाएं पर बिना पानी के रहना, जीना नामुमकिन है। हम बिना पानी के जीवन जीने के बारे में सोच भी नहीं सकते। जब हम पीने के पानी की बात करते हैं, तो हमें बहुत सारी सावधानियाँ बरतनी चाहिए। स्वास्थ्य की दृष्टि से हमेशा स्वच्छ तथा उबला हुआ पानी पीना ही सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। आजकल तो जगह जगह पीने के पानी की बोतलें बडी आसानी से उपलब्ध हो जाती है। पर हम उसकी शुध्दता के बारे में कुछ भी कह नहीं सकते। इसी प्रकार आज घरों में water purifier लगाये जाते है तथा फ्रिज में भी प्लास्टिक की बोतलों में पीने का पानी भरकर ठंडा होने के लिए रखते है। पर आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि, मटके का पानी स्टील के बर्तनों में रखे गए पानी से तथा प्लास्टिक, कांच की बोतलों में भरकर रखे गए पानी से कई गुना ज्यादा स्वास्थ्यवर्धक होता है। आज भी बहुत सारे घरों में लोग मटके का पानी पीना ही पसंद करते हैं।

जी हाँ यदि आप प्रतिदिन नियमित रूप से मटके का पानी पीते है, तो यह आपके शारीरिक स्वास्थ्य की दृष्टि से बहुत ही लाभदायक होता है। तो आइये हम देखते हैं कि, किस प्रकार मटके का पानी हमारे शरीर के स्वास्थ्य को बनाये रखता है।

1) वैज्ञानिकों का भी यह मानना है कि, मिट्टी से बने बर्तन मे पानी भरकर रखना एक बेहतरीन तरीका है। मिट्टी पानी को प्राकृतिक रूप से शीतलता प्रदान करती है। मटका न केवल पृथ्वी के तत्वों को स्वास्थ्यप्रव रूप से चिकित्सा प्रदान करता है, बल्कि पानी भी ठंडा करता है। यह मिट्टी के बर्तन अथवा मटके में पाये जाने वाली एक विशेषता है, जो अन्य किसी भी पात्र में नहीं पाई जाती।

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2) प्राचीन काल से भारतीय घरों में पीने के पानी के लिए मिट्टी के बर्तन या घडे का इस्तेमाल किया जा रहा है। लोगों का ऐसा भी मानना है कि, मिट्टी को भीनी भीनी खूशबु के कारण घडे के पानी पीने का आनंद और लाभ अलग ही है। मिट्टी में कई प्रकार के रोगों से लडने की क्षमता पाई जाती है, इसलिए यदि मिट्टी से बने घडे में पानी रखा जाये तो उसमें मिट्टी के गुण आ जाते है। इसलिए मिट्टी के घडे में रखा पानी पीना हमारे शारीरिक स्वास्थ्य के लिए उत्तम है।

3) नियमित रूप से मटके के पानी को पीने से शारीरिक प्रतिरक्षा प्रणाली को बढावा मिलता है। प्लास्टिक के बर्तनों में अथवा बोतलों में पानी स्टोर करने से उसमें प्लास्टिक की अशुद्धियां इकठ्ठी हो जाती है। जिसकी वजह से पानी भी अशुद्ध होने लगता है। मटके में भरकर रखा गया पानी हमेशा ताजा और शुद्ध रहता है।

4) मिट्टी में क्षारीय (Alkaline) होने के विभिन्न गुण पाये जाते हैं। मटके के पानी को पीने से एसीडिटी तथा पेटदर्द जैसी समस्याओं से राहत प्रदान होने लगती है।

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5) अत्यधिक गर्मी भरे वातावरण में अक्सर हमें ठंडा पानी पीने की तीव्र इच्छा होती है और हम तुरंत फ्रिज में से ठंडा पानी लेकर उसे पी जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं, कि यह ठंडा पानी हमारे शरीर को काफी नुकसान पहुँचता है। ठंडा पानी पीने से गले की कोशिकाओं का तापमान अचानक से गिरने लगता है तथा विभिन्न प्रकार कि समस्याएँ जैसे गले में दर्द होना, खराश होना, सूजन होना इत्यादि होने लगती है। मटके का पानी पीने पर आपको प्राकृतिक रूप से शीतलता प्राप्त होती है, तथा उसका आपके शरीर पर किसी भी प्रकार का दुष्प्रभाव नहीं होता।

6) मटके के पानी को सेहत के लिए अमृत भी माना जाता है। मटके का पानी पीने से शरीर में वात की समस्या नहीं होती। मटके का पानी पीने से शरीर को एक प्रकार की संतुष्टि प्राप्त होती है, तथा कब्ज या गले की बीमारयाँ भी नहीं होती।

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तो यह हैं, मटके के पानी को पीने से होने वाले स्वास्थ्य लाभ। अब हम देखेंगे कि फ्रिज का पानी पीने से किस प्रकार हमें शारीरिक रूप से हानि पहुँचती है।

1) ठंडा पानी पीने से शरीर की पाचनक्रिया में एक प्रकार की बाधा आने लगती है। ठंडे पानी की वजह से आपके शरीर की रक्त कोशिकाएँ सिकुडने लगती हैं तथा शारीरिक पाचनक्रिया धीमी गति से होने लगती है। जिसके कारण हमारे शरीर को न तो खाना ठीक से पच पाता है और न ही आवश्यक पोषकतत्वों की पूर्ति होती है।

2) ठंडे पानी को पीने की वजह से श्वासनली में बलगम का निर्माण होने लगता है जिसकी वजह से विभिन्न प्रकार के संक्रमण होने की संभावना बढने लगती है तथा गले में भी खराश होने लगती है।

3) फ्रिज का ठंडा पानी पीने से हमारी हृदयगति कम होने लगती है तथा हमें विभिन्न बीमारियों के होने की संभावना बढ जाती है।

4) ठंडा पानी पीने से शारीरिक ऊर्जा में कमी आने लगती है।

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