जानिए डाइटिंग से जुड़े यह 5 मिथक

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image credits: Livestrong.com

वजन कम करना हममें से ज्यादातर लोगों को एक मुश्किल काम लगता है जिसके लिए हमें कई बड़े त्याग करने पड़ सकते हैं। यही वजह है की आहार शैली से जुड़े कई मिथक हमारे दिमाग में बैठ चुकें हैं। पर इससे पहले की आप रात के भोजन को त्याग दें या किसी डेटोक्स नियम का पालन शुरू करें, डाइट से जुड़े मिथक को जान लें तथा इनसे बचने के उपाय भी कर लें-

 

मिथक 1: वसा मुक्त आहार आपके लिए अच्छे हैं। 

वजन कम करने वाले अक्सर वसा को अपना दुश्मन मानते हैं लेकिन तथ्य तो यह की आपके दिनभर की उर्जा का एक तिहाई हिस्सा वसा से ही आता है। इसके अलावा वसा की मदद से आपका शरीर उर्जा जमा करता है, कोशिकाओं की क्षतिपूर्ति करता है तथा पुरे शरीर में विटामिन लेकर जाता है।

रोजाना एक महिला को 70 ग्राम व् पुरुष को 95 ग्राम वसा लेनी चाहिए। ऐसे में वसा मुक्त आहार आपके शरीर की गतिविधियों में बड़ी मुश्किल पैदा कर सकता है।

कोशिश करें की आप खाने को अनसैचुरेटेड वसा से भरपूर रखें जो आपको जैतून के तेल, आदि से मिल सकता है तथा सैचुरेटेड वसा की मात्रा कम कर दें।

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मिथक 2: व्रत रखने से आपका वजन कम होता है। 

यह अल्पकाल में सही हो सकता है लेकिन लम्बे समय तक भूखे रहने से व्रत वजन कम होने की प्रक्रिया में बाधा बन सकता है। दरअसल धीरे-धीरे लम्बे समय तक वजन कम करने की कोशिश आपके शरीर की वसा कम करेगी पर अचानक भूखे रहना वसा के साथ मांसपेशियों का वज़न भी कम देगा। ऐसा होने पर आपका मेटाबोलिज्म कमजोर होगा, आप अक्सर थके रहेंगे तथा व्यायाम नहीं पाएँगे और आपका शरीर पहले की तुलना में कम कैलोरीज उपयोग करने लगेगा। इस तरह न सिर्फ आपके वजन घटने की प्रक्रिया धीमी हो जाएगी बल्कि आप कई तरह की बीमारियों से भी घिर सकते हैं।

 

मिथक 3: देर रात खाना खाने से मोटापा बढ़ता है। 

कई डायटीशियन आपको शाम को एक तय वक्त के बाद खाना खाने से मना करेंगे। इसकी वजह शरीर द्वारा उर्जा की खपत न होने को बताया जाता है। पर कैंब्रिज में हुए शोध कुछ और कहते हैं।

अगर दो व्यक्ति दिनभर में बराबर मात्रा में कैलोरीज लेते हैं, भले ही आहार की मात्रा और समय अलग क्यों न हो, तो दोनों के शरीर में वसा की मात्रा बराबर ही होगी। पर अगर आप दिनभर पेट भर खाना नहीं खाते और सिर्फ रात में भारी खाना खाते हैं तो आप दिनभर संतुलित मात्रा में खाने वाले से जल्दी मोटे हो सकते हैं। इसकी वजह रात का समय नहीं, बल्कि मेटाबोलिज्म और भूख पर असर पड़ना होता है। साथ ही रात में खाने को पचाने की कोशिश करने से भी आप वजन घटाने में मदद कर सकते हैं।

 

मिथक 4: मेटाबोलिज्म धीमा हो जाने से वजन कम नहीं होता।

इस मिथक के आधार पर आप कई तरह के डेटोक्स उत्पाद और दवाओं के विज्ञापन देखते होंगे। पर अगर मेटाबोलिज्म की बात की जाए, जो की आपके शरीर द्वारा उपयोग की जा रही कैलोरीज की दर है, तो यह ज्यादा वजन वालों के लिए ज्यादा ही होगा। इसे इस तरह समझें, आपका शरीर जितना बड़ा होगा, उसे अपनी गतिविधियों के संचालन में उतनी ही ज्यादा कैलोरीज की ज़रूरत पड़ेगी।

ज्यादातर मामलों में संभावना है की मुश्किल आपके मेटाबोलिज्म में नहीं बल्कि आपकी निष्क्रिय जीवनशैली में है। इसलिए पहले अपने जीवन में शारीरिक क्रियाओं के स्तर को बढाइए और फिर मुश्किल लगने पर चिकित्सक से सलाह लेकर ही मेटाबोलिज्म पर प्रयोग शुरू करें।

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मिथक 5: वसा युक्त आहार खाने से आप तुरंत मोटे होने लगेंगे। 

कई लोग इस तथ्य से मुँह मोड़ना पसंद करते हैं, लेकिन वजन बढना अपने आप में एक धीमी प्रक्रिया है जो की लम्बे समय से अपनाई जा रही आपकी आदतों का नतीजा है। एक दिन छोले भटूरे खाना या शेक पी लेना आपको मोटा नहीं कर देगा।

खाने के बाद अगर आप वजन करें तो हो सकता है की आपको वजन कुछ ग्राम ज्यादा मिले। पर आपके पेट में मौजूद आहार में से बड़ी मात्रा तरल की होगी जो धीरे-धीरे शरीर से बाहर हो जाएगा (अगर आपके शरीर में पानी की कमी न हो तो!) इसलिए एक बार किया गया भारी भोजन आपकी ग्लानी की वजह नहीं होना चाहिए। पर अगर आप अक्सर तेलिय भोजन खा रहे हैं तो आपको जल्द अपनी आदतें बदलनी चाहिए।