महिलाओं की गर्भवती होने में मदद करें यह 30 जरुरी आहार

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image caption: cdn2.momjunction.com

कहा जाता है कि माँ बनाना एक स्त्री के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। यह वह ख़ुशी का पल होता है जिसे हर स्त्री अपने जीवन में जीना चाहती है। यह वह डोर होती है जो पति-पत्नी के रिश्तें को और मजबूती से बांधकर रखने में मदद करती है। गर्भधारण से ना केवल एक संतान का जन्म होता है बल्कि एक ऐसे नए रिश्तें का जन्म होता है जो ना केवल पति-पत्नी के रिश्तें को बल्कि परिवार के हर रिश्तें को एक नया आयाम प्रदान करता हैं। माँ बनने की ख़ुशी को ना ही शब्दों में बयान किया जा सकता हैं और ना ही इस ख़ुशी को मापा जा सकता है। इसलिए एक पड़ाव के बाद हर स्त्री में गर्भधारण की अभिलाषा जाग उठती है।

परन्तु गर्भधारण करना इतना आसान नहीं है अर्थात इसके लिए बड़ी से बड़ी बातों से लेकर छोटी से छोटी बातों तक का ध्यान रखना पड़ता हैं क्योकि गर्भधारण केवल शारीरिक संबंध स्थापित करने से नहीं होता हैं। और भी बहुत कुछ हैं जो गर्भधारण के लिए आवयश्यक है या गर्भधारण में सहयोग करते है, जैसे कि सही आहार। जी हाँ! क्योकि ऐसे सही आहार ना केवल शरीर के हॉर्मोन्स को संतुलित करते है बल्कि महिलाओं की प्रजनन क्षमता को बढ़ाकर महिलाओं के गर्भवती होने की संभावना को भी बढ़ाते हैं। इसलिए अन्य आवश्यक बातों के साथ साथ गर्भधारण करने के लिए सही आहार का ध्यान रखना भी बहुत जरुरी है। तो आइए जानते है कि वे कौन-कौन से आहार है जिसे महिलाओं को अपने आहारों में जरूर शामिल करना चाहिए:-

 

1. गाजर:- इसमें कैरोटीन नामक रासायनिक पदार्थ पाया जाता है जो गर्भधारण की संभावना को बढ़ाता है।

 

2. हल्दी:- इसके बारे में कौन नहीं जानता। इसका उपयोग सभी खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए करते है लेकिन इसमें पाए जाने वाले एंटीऑक्सीडेंट प्रजनन क्षमता को बढ़ाने के लिए भी काफी मददगार सिद्ध होते हैं।

 

3. टमाटर:- इसमें लाइकोपीन नामक एक पौषिक तत्व पाया जाता है जो शुक्ररूओ की संख्या को 70 % तक बढ़ाता है तथा साथ ही स्त्री के गर्भाशय में शुक्रारुओ के तैरने की गति को भी बढ़ाता है जिससे स्त्री के अंडे और शुक्रारु का निषेचन (फर्टिलाइज़शन) कम समय में ही हो जाता है।

 

4. लहसुन:- इसमें एलिसिन नामक रासायनिक पदार्थ होता है जो प्रजनन अंगो तक रक्त के प्रवाह को बढ़ाने के साथ साथ स्त्री के गर्भाशय में शुक्रारुओ की सुरक्षा भी करता हैं। इसमें सिलेनियम नामक एक तत्व भी पाया जाता जो शुरुवाती गर्भपात की संभावना को कम करता है जिससे महिलाओं के गर्भवती होने की संभावना बढ़ती हैं।

 

5. ओलिव आयल:- इसमें मोनोसैचुरेटेड फैट पाए जाने के कारण यह शरीर में सूजन (इन्फ्लैमेशन) को कम करने में मदद करता है जिससे बिना किसी जटिलता के गर्भवती होने में मदद मिलती है।

 

6. डार्क चॉक्लेट:- इसमें ऐसे एमिनो एसिड्स पाए जाते हैं जो शुक्रारुओ की संख्या को दुगुना करने के साथ साथ सीमन की मात्रा को बढ़ाते भी हैं। (विशेषकर पुरूषों के लिए)

 

7. केला:- इसमें विटामिन बी 6 पाया जाता हैं जो शरीर में हॉर्मोन्स को संतुलित करने के साथ साथ अंडे और शुक्रारुओ के अच्छे विकास में भी मदद करता है ।

 

8. बादाम:- इसमें भरपूर मात्रा में पाए जानेवाले विटामिन इ तथा ओमेगा 3 फैटी एसिड्स के कारण यह गर्भधारण की इच्छा रखनेवाली महिलाओ के लिए सबसे अच्छा और उत्तम ड्राई फ्रूट है।

 

9. चिकन:- जैसा कि हम सब जानते है कि प्रोटीन महिलाओं के शरीर में अंडे के उत्पादन के लिए कितना जरुरी हैं और चिकन के हर एक ग्राम में प्रोटीन की भरपूर मात्रा पाई जाती है।

 

10. अनार:- यह प्रजनन के लिए आवश्यक लिपिड के उत्पादन को बढ़ाने में बहुत मदद करता है।

 

11. पाइनएप्पल:- संशोधन में यह पाया गया है कि बाँझपन (इनफर्टिलिटी) मैंगनीज की कमी के कारण भी हो सकता है और इस कमी को पूरा करने में पाइनएप्पल बहुत सक्षम है क्योकि इसमें मैंगनीज की भरपूर मात्रा पाई जाती है। इसलिए यह प्रजनन क्षमता को बढ़ाने के लिए बहुत ही उपयोगी आहार है।

 

12. पम्पकिन सीड्स:- इसमें जिंक की भरपूर मात्रा पाई जाती है जो एम्ब्रयॉनिक स्टेज में कोशिकाओं के विभाजन में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाता हैं। इसके साथ ही इसमें प्रजनन स्वास्थ्य के लिए आवयश्यक अन्य पौषिक तत्व भी पाए जाते हैं।

 

13. सैल्मोन:- इसमें ओमेगा 3 फैटी एसिड तथा अन्य पौषिक तत्व होने के कारण यह महिलाओ में गर्भधारण करने की क्षमता या प्रजनन की क्षमता को बढ़ाता हैं। जो महिलाएँ मछली खाने की शौक़ीन हैं उनके लिए यह एक उत्तम विकल्प है।

 

14. शैल फिश:- मछलिओं के शौक़ीन महिलाओ के लिए यह एक दूसरा उत्तम विकल्प हैं क्योकि इसमें विटामिन बी 12 पाया जाता है जो महिलाओ के शरीर में एस्ट्रोजन हॉर्मोन के स्तर को सामान्य बनाए रखने के साथ साथ निषेचित (फर्टिलाइज़्ड) अंडे को गर्भाशय में स्थापित करने में मदद भी करता है।

 

15. ऑयस्टर्स:- यह एक ऐसा समुद्री आहार है जो निषेचन के लिए आवयश्यक अंडे को बनाने में मदद करता है और यह कार्य इसमें पाए जानेवाले जिंक की भरपूर मात्रा के कारण होता है। इसलिए जहाँ तक हो सकें, गर्भधारण की इच्छा रखनेवाली महिलाओ को इसका सेवन करना चाहिए।

 

16. आलू:- उबले आलू का सेवन भी बहुत फायेदेमंद है क्योकि यह विटामिन बी तथा इ का भंडार है जिसकी वजह से यह कोशिकाओं का विभाजन बढ़ाकर स्वस्थ डिंबों के उत्पादन की संभावना को बढ़ाता हैं।

 

17. गोभी:- अगर आप गोभी खाना पसंद नहीं करती परन्तु बांझपन से परेशान है तो आज से इसे अपने आहार में शामिल करना शुरू कर दें क्योकि इसमें डाई-इण्डोल मीथेन नामक एक रासायनिक पदार्थ पाया जाता है जो इस्ट्रोजन हॉर्मोन के चयापचय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है जिसकी वजह से फाइब्रॉइड्स और एंडोमेट्रिओसिस का उत्पादन रुक जाता है।

 

18. ब्रोक्कोली:- कल तक जहाँ यह खाद्य पदार्थ आकर्षण का केंद्र था वही आज इसका गर्भधारण करने में महत्व सामने आया है। इसमें फोलिक एसिड, आयरन तथा अन्य आवश्यक पौषिक तत्व पाए जाते है। इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन सी भी पाया जाता है और यह संसोधन में पाया गया है कि विटामन सी की आवयश्यकता अंडाशय (ओवरिस) को अंडे की परिपक़्वता तथा अन्य ओवुलेशन की प्रक्रियाओं के लिए होती है।

 

19. हरी पत्तेदार सब्जियाँ:- यह फोलिक एसिड तथा आयरन का भरपूर भंडार है और यह सिद्ध हो चूका है कि आयरन एंडोमेट्रिआल लाइनिंग (गर्भाशय कि अंदरूनी लकीरें) की मजबूती के लिए तथा युग्मनज (जाइगोट) को गर्भाशय से बांधकर रखने के लिए बहुत ही जरुरी है।

 

20.अंडे:- इसमें भरपूर मात्रा में पाए जानेवाले फोलिक, कोलिन, ओमेगा 3 फैटी एसिड्स और विटामिन डी इसे गर्भधारण की चाह रखनेवाली महिलाओं के लिए एक उत्तम आहार का विकल्प बनाता है।

 

21. होल मिल्क:- ऐसे दूध में स्किम्ड दूध की अपेक्षा अधिक फैट्स तथा कैल्शियम पाया जाता है जो महिलाओं में प्रजनन की क्षमता को बढ़ाने के लिए जरुरी है जिससे गर्भवती होने की संभावना बढ़ती है। इसलिए गर्भधारण की अभिलाषा रखनेवाली महिलाओ को स्किम्ड मिल्क की अपेक्षा होल मिल्क का सेवन करना चाहिए।

 

22. कॉड लिवर आयल:- इसमें पाए जानेवाले ओमेगा 3 फैटी एसिड्स के कारण यह महिलाओ में प्रजनन से जुड़े हॉर्मोन्स के सामान्य विनियमन में मदद करता है जिससे महिलाओ में प्रजनन की क्षमता बढ़ती हैं।

 

23. मिर्च:- यदि आप गर्भधारण की अभिलाषा रखती है और तीखा खाने की शौक़ीन है तो आपको अपने आहार में मिर्च का उपयोग अवश्य करना चाहिए क्योकि यह पूरे शरीर में रक्त के प्रवाह को बढ़ाने के साथ साथ प्रजनन अंगों तक भी रक्त के प्रवाह को बढ़ाने और उसे सुधारने में मदद करता है। इसके अलावा यह एंडोर्फिन्स के उत्पादन में भी सहायता करता है जो कि तनाव को कम करनेवाला हॉर्मोन है जिससे शरीर को रिलैक्स या आराम करने में मदद मिलती है जो प्रजनन की क्षमता को बढ़ाने के लिए जरुरी है।

 

24. साइट्रस फ्रूट्स:- गर्भवती की चाह रखनेवाली महिलाओ को अपने आहार में साइट्रस फ्रूट्स जैसे कि संतरा, स्ट्रॉबेरी, ब्लूबेरी व किवी फ्रूट इत्यादि को जरूर शामिल करना चाहिए क्योकि ऐसे फलो में विटामिन सी अधिक पाया जाता है और हम पहले भी बता चुके है कि विटामिन सी अंडाशय से अंडो को बाहर निकालने में मदद करता है।

 

25. ऐस्पैरागस:- इसमें फोलिक एसिड की भरपूर मात्रा पाई जाती है जो ओवुलेशन से जुड़ी समस्याओं के खतरे को कम करता हैं।

 

26. अनानास:- इसमें ब्रोमेलिन नामक एक रासायनिक पदार्थ पाया जाता है जो अंडे के आरोपण के दौरान गर्भाशय के अस्तर को गाढ़ा होने में मदद करता है। इसलिए अगर आप गर्भधारण करना चाहती हैं तो ओवुलेशन के बाद सप्ताह के दौरान अनानास खाएं।

 

27. फाइबर युक्त आहार:- फाइबर युक्त आहार से पाचन क्रिया सही रहती है तथा शरीर से विषैले तत्व को बाहर निकालने में यह मदद भी करता है। इसलिए गर्भवती की चाह रखनेवाली महिलाओं को अपने आहार में फाइबर युक्त आहार जैसे कि साबुत अनाज, ब्राउन राइस, गेहूं की ब्रेड, बींस और अलसी के बीज इत्यादि को जरूर शामिल करना चाहिए।

 

28. बीटा केरोटीन युक्त आहार :- नारंगी व पीले रंग की सब्जियों में बीटा कैरोटीन की भरपूर मात्रा पाई जाती है जो महिलाओं में हार्मोन्स के असंतुलन को कम करता है जिससे महिलाऒ को गर्भधारण करने में मदद मिलती हैं। इसके अलवा यह गर्भपात की संभावना को भी कम करता है।

 

29. इसके अलावा गर्भवती होने की चाह रखनेवाली महिलाओं को पानी का भरपूर सेवन भी करना चाहिए क्योकि अधिक पानी पीने से प्रजनन अंगों को ठीक से कार्य करने में मदद मिलने के साथ साथ शुक्रारुओ को सर्विक्स तक आसानी से पहुंचाने में भी मदद मिलती हैं।

 

30. मैकेरल:- इसमें ऐसे फैटी एसिड्स पाए हैं जो प्रजनन प्रणाली को मजबूत और स्वस्थ रखने के साथ साथ आपके पार्टनर के कोलेस्ट्रॉल लेवल को कम भी रखते हैं।

तो यह थे कुछ ऐसे आहार जिसे महिलाऒ को अपने आहारों में शामिल करना बिलकुल नहीं भूलना चाहिए यदि वे गर्भवती होने की अभिलाषा रखती हैं तो। ऐसा करने से महिलाओं की एक स्वस्थ बच्चे को गर्भ में धारण करने की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे आहार ना केवल आसानी से मिल जाते है बल्कि महिलाओं के प्रेगनन्सी डाइट के बजट में आसानी से फिट भी हो जाते हैं।