बहरापन और कम सुनाई देने की समस्या से पाएं निजात

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बधिरता या बहरापन सुन पाने में अर्ध या पूर्ण रूप से अक्षमता को कहते हैं। इस रोग के लक्षण न्यूनतम से लेकर गम्भीर हो सकते हैं; कुछ लोगों को जहाँ धीमी आवाज़ में कही गयी बात समझ नहीं आती वहीं कई लोग पूरी तरह होंठों के हिलने के तरीके से शब्दों को पहचानने पर निर्भर रहते हैं।

आइये, जानें बधिरता से जुडी कुछ आवश्यक बातें-

 

कारण 

कई रोग या अवस्थाएं आपको बधिरता की ओर ले जा सकती हैं-

  • चिकन पॉक्स (छोटी माता)
  • cytomegalovirus
  • मैनिंजाइटिस
  • सिफिलिस
  • लाइम रोग
  • डायबिटीज
  • टीबी
  • हाइपोथायराइडिज्म
  • जोड़ों का दर्द
  • कुछ कैंसर
  • सिगरेट के धुंए के सम्पर्क में आए युवा

 

बहरेपन और न सुन पाने में फर्क 

सुनने में अक्षमता उस अवस्था को कहा जाता है जब आप आम व्यक्ति की तरह आवाज़ों को सुन नहीं पाते।

दूसरी ओर बहरापन उस अवस्था को कहते हैं जब आवाज़ की प्रबलता बढ़ा देने पर भी आप इसे समझ नहीं पाते।

 

लक्षण 

इस रोग के लक्षण इसकी वजह पर निर्भर करते हैं। कई लोग जन्म से ही बहरे होते हैं वहीं कई लोग किसी दुर्घटना के कारण सुनने की क्षमता खो देते हैं।

शिशुओं में सुनने की अक्षमता इन लक्षणों से पहचानी जा सकती है-

  • 4 महीने का हो जाने पर भी वह आवाज़ की ओर नहीं देख रहा।
  • 12 महीने का हो जाने पर भी वो कुछ नहीं बोल रहा।
  • तेज़ आवाज़ से वह चौक नहीं रहा।
  • शिशु आपको देखकर प्रतिक्रिया दे रहा है लेकिन दूर से आवाज़ लगाने पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहा।
  • वह कुछ ही आवाज़ों के प्रति जागृत है।

 

बच्चों में लक्षण

  • अपनी उम्र के दुसरे बच्चों की तरह बच्चा बात-चीत नहीं कर पाता
  • बच्चा बार बार ‘क्या’ कहता है
  • वह तेज़ आवाज़ में बात करता है।
  • वह जब बात करता है तो उसके उच्चारण साफ़ नहीं होते

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बहरेपन की जांच 

सुनने में अक्षमता की आशंका होने पर चिकित्सक से मिलें। वे आपसे कई सवाल पूछेंगे और लक्षणों के अनुसार आपकी समस्या को समझना का प्रयास करेंगे। किसी तरह की पीड़ा हो तो उसकी वजह भी समझने की कोशिश की जाएगी।

इसके बाद चिकित्सक ओटोस्काप की मदद से कान में देखंगे। इससे कान में अवरोध, कान के पर्दे की क्षति, कान में संक्रमण या मोम की मौजूदगी, काम में तरल होने आदि का पता लगाया जाएगा।

चिकित्सक आपसे कई वाक्य कहकर इन्हें दोहराने के लिए भी कह सकते हैं। इसके बाद और भी कई जांचें करवाई जा सकती हैं।

 

उपचार 

इस रोग का उपचार इसकी गम्भीरता और कारण पर निर्भर करता है। सुनने की नस के रोग को ठीक कर पाना इस समय आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में मुमकिन नहीं। फिर भी इस रोग व् अन्य रूपों में बधिरता की समस्या को कम कर जीवन को बेहतर किया जा सकता है।

हियरिंग ऐड (सुनने की मशीन), कॉच्लेअर के बालों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए इम्प्लांट, सांकेतिक भाषा, होठ पढना आदि आपके लिए उपचार व् राहत के विकल्प हो सकते हैं।