वज़न घटाने के लिए कैलोरीज़ कैसे गिनें ?

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image credit: AloeVeraSalute

किसी भी विशेषज्ञ से वज़न घटाने का सबसे सरल तरीका पुछा जाये तो उनका जवाब होगा -“दिन भर में जितनी कैलोरीज खाते हैं उससे ज़्यादा जलानी चाहिए “। पर यह इतना आसान नहीं, इसके लिए हमें अपने आहार की न्यूट्रिशनल वैल्यू पता होनी चाहिए, व्यायाम में खर्च होनी वाली कैलोरीज पता होनी चाहिए, अपने शरीर की सक्रीय और निष्क्रिय स्थिति में मेटाबोलिज्म की गतिविधियों की जानकारी होनी चाहिए, खाने के प्रति होर्मोनेस की प्रतिक्रिया पता होनी चाहिए तथा अन्य ऐसी जानकारी होनी चाहिए जो किसी अनुभवी विशेष्ज्ञ के पास होती है।

 

दरअसल, खाने में मौजूद कैलोरीज़ की गणना की सलाह इसलिए दी जाती है ताकि आप अपने आहार के प्रति और जागरूक बन सकें। इसके ज़रिये आप यह तय कर सकते हैं की रोटियां कितनी खानी चाहिए और चावल के कितने चम्मच काफी होंगे। यह समझ आ जाने पर आपका रास्ता बहुत आसान हो जाएगा। इतना ही नहीं, इस समझ से आप लम्बे समय तक फिट बने रह सकते हैं।

 

पर कैलकुलेटर लेकर दिन भर इन गणनाओं को करने से आप जुनूनी होने लगते हैं जो गलती होने पर आपको ग्लानि से भर सकता है। और क्या हो अगर इतनी मेहनत के बाद भी वज़न बढ़ता रहे क्यूँकि आपके होर्मोनेस ही असंतुलित हैं? इसलिए खाने की समझ ज़रूरी है पर इसके आगे का रास्ता और भी ज़रूरी है।

 

इसलिए आज हम आपके लिए ऐसे टिप्स लाएं हैं जो सही आहार लेने में तो आपकी मदद करेंगे ही, साथ में लम्बी-चौड़ी गणनाओं से बचाकर स्वास्थ्य के अन्य पहलुओं पर ध्यान देने का समय देंगे-

 

  1. पोषण से भरा भोजन चुनें-

पानी और खनिजों से भरे आहार जैसे फल और सब्ज़ियों को ज़्यादा से ज़्यादा अपनाएं। इनमें पके चावल या रोटियों से बहुत कम कैलोरीज पाई जाती हैं। शोध में देखा गया है की हम चाहें फल खाएं या चावल, मात्रा लगभग बराबर ही लेते हैं। दिमाग की इस आदत का उपयोग कर आप वसा-युक्त भोजन की जगह पोषक आहार अपना सकते हैं।

  1. भोजन की जानकारी डायरी में लिखें-

कैलोरीज़ गिनने के लिए लम्बी-लम्बी सूचियां रखने की जगह खाने का समय और अन्य जानकारियों को डायरी में लिखें। इसमें क्या खाया, कब खाया, उस समय कैसा महसूस कर रहे थे आदि सभी चीज़ें लिखें। इससे आप अपनी आदतों से अवगत हो जाएंगे तथा तनाव या दुःख में खाने की आदत पर रोक लगा पाएंगे। इसके ज़रिये आप व्यायाम या टहलने जैसी योजनाएं भी बना सकते हैं।

  1. थाली को सजाकर खाएं-

अपनी खाने की थाली खुद लगाएं। इसमें छोटी-छोटी कटोरियों में दाल, सब्ज़ियां, दही आदि लें, थोड़ा चावल और कुछ रोटियां लें तथा बहुत सारी सब्ज़ियों का सलाद रखें। इस खूबसूरती से सजी रंगभरी प्लेट को देखकर आपकी भूख बढ़ेगी तथा आप सम्पूर्ण आहार ले पाएंगे।

  1. नाप को हाथ के ज़रिये समझें-

ध्यान दें की एक कप और आपकी एक मुठ्ठी के नाप में कितना अंतर है। इस तरह आपको किसी नाप की ज़रूरत नहीं पड़ेगी तथा आप सही मात्रा का आहार ग्रहण कर पाएंगे। एक बार में हथेली जितना प्रोटीन, मुठ्ठी भर सब्ज़ियां, अंजुर भर कार्ब्स और अंगूठे बराबर वसा को आहार में शामिल करना चाहिए।

  1. भूख के लिए स्केल का उपयोग करें-

खाने के पहले और दौरान, अपनी भूख को 1 से लेकर 10 तक की स्केल पर नापें; 1 मतलब आप भूख से तड़प रहें है और 10 मतलब आपकी पेट भरा हुआ है। 2 या 3 पर खाना शुरू करें और भरे होने का थोड़ा भी एहसास हो (5 या 6) पर खाना बंद कर दें। इस तरह आप सिर्फ भूख लगने पर खाएंगे, तनाव या बोरियत में नहीं तथा अत्यधिक खाने से बचेंगे।

  1. मैक्रोन्युट्रिएंट्स पर ध्यान दें-

सही पोषण के लिए आप थोड़ी बहुत गणना का सहारा भी ले सकते हैं। लेकिन हर छोटे तत्व की जगह प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट्स और वसा जैसे मैक्रोन्युट्रिएंट्स पर ही ध्यान देना काफी होगा। वज़न घटाने के लिए आपको दिन भर में सिर्फ 60-75 ग्राम कार्बोहाइड्रेट्स खाना चाहिए जिसका मतलब है दिन में दो बार चावल, गेंहू या मैदे से बनी चीज़ों की जगह सब्ज़ियों को दें।