कानों के बजने (टिनिटस) का ईलाज

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Tinnitus
image credits: Tinnitus Home Remedies

कानों में झनझन, गूँज, फुफकार या अन्य तरह की आवाज़ सुनाई देने को टिनिटस कहा जाता है। यह आवाज़ धीमी या तेज़, रुक-रूककर या लगातार सुनाई दे सकती है। एक खास तरह के टिनिटस में यह आवाज़ दिल की धड़कन की लय में सुनाई देती है। अक्सर कानों का यह बजना दिनभर ध्यान में नहीं आता पर शांत वातावरण या सोने के समय में स्पष्ट सुनाई देता है।

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कई लोग टिनिटस को बहरेपन का लक्षण मानते हैं पर यह सही नहीं। दरअसल अक्सर इसके रोगियों को सुनने में कोई परेशानी नहीं होती पर कभी-कभी यह इतना गंभीर होता है की बाहर की आवाज़ दब जाती है। इसकी वजह मुख्यतः कानों में संक्रमण या रुकावट होती है। इन वजहों का उपचार करने पर टिनिटस गायब हो जाता है।

 

टिनिटस एक आम समस्या है तथा इसके बारे में सही जानकारी होना इसका उपचार आसान बनाता है। आइये इन महत्वपूर्ण जानकारियों पर एक नजर डालें।

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टिनिटस क्यों होता है ?

तेज़ शोर में लम्बे समय तक रहने से टिनिटस हो सकता है। 90 प्रतिशत रोगियों में टिनिटस की वजह यही होती है। शोर कान में आवाज़ के प्रति संवेदनशील कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा देता है तथा यह अवस्था स्थाई हो जाती है। बढाई, पायलट, कुछ संगीतकार आदि लोग इस अवस्था के शिकार आसानी से हो जाते हैं।

 

और भी कई वजहों से टिनिटस हो सकता है-

  • कानों में मोम की वजह से बाधा उत्पन्न होना, कान में संक्रमण होना या कान से जुडी नसों के पास ट्यूमर होना।
  • कुछ दवाएं जेसे एस्पिरिन, कुछ एंटीबायोटिक्स, कुछ एंटी डिप्रेसेंट आदि भी टिनिटस का कारण बन सकती हैं।
  • प्राकृतिक रूप से उम्र बढने पर टिनिटस की समस्या हो सकती है।
  • मेनिएरे नामक बीमारी जो अंदरूनी कान पर असर डालती है।
  • ओटोस्क्लेरिओसिस नामक बीमारी जो कान की हड्डी कडक देती है।
  • उच्च रक्तचाप, खून की कमी, ह्रदयरोग आदि बीमारियाँ।
  • कान या गले से जुडी अन्य बीमारियाँ।
  • सिर या गर्दन पर लगी चोट।

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सिगरेट या शराब पीने वालो में टिनिटस का खतरा ज्यादा रहता है।

 

टिनिटस के लक्षण क्या हैं ?

टिनिटस का मुख्य लक्षण कान में आवाज़ सुनाई देना है। यह आवाज़ धीमी, तेज़, तीखी, मद्धिम या रुक-रुककर सुनाई दे सकती है।

अक्सर यह आवाज़ सिर्फ रोगी को सुनाई देती है पर कुछ मामलो में डॉक्टर एक स्टेथोस्कोप की मदद से यह आवाज़ सुन सकता है।

 

टिनिटस का उपचार कैसे करें ?

ऊपर लिए लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सक से सम्पर्क करें। टिनिटस के उपचार के लिए इसकी वजह जानना ज़रूरी है। इस वजह को हटाने से आप आसानी से टिनिटस को खत्म कर पाएँगे। अगर आप पूरी तरह समझ नही पा रहे हैं तो चिकित्सक से परामर्श लेकर दवाएं लें।

 

अगर उपचार के बाद भी कान का बजना खत्म नहीं होता तो आपके चिकित्सक आपको एक मास्किंग डिवाइस देंगे जिसे पहनने से आवाजें सुनाई देनी बंद हो जाएंगी। फिर भी किसी तरह की समस्या का सामना करें तो चिकित्सक की मदद से काउन्सलिंग ज़रूर लें।

 

अगर टिनिटस के साथ ही कान में दर्द हो रहा हो या कोई तरल पदार्थ का रिसाव हो रहा हो या आपको चक्कर जेसा लग रहा हो तो तुरंत डॉक्टर से सम्पर्क करें; यह गंभीर रोगों की ओर इशारा भी हो सकता है।