इन पांच तरीकों से आयुर्वेद को अपने जीवन में उतारें

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आयुर्वेद को अक्सर हम एक चिकित्सा पद्धति समझ लेते हैं जिसकी ज़रूरत सिर्फ बीमार होने पर पडती है। पर आयुर्वेद इससे कहीं ज्यादा है। यह वो नियम है जिनका पालन कर आप जीवन में स्वास्थ्य और आनंद का अनुभव कर सकते हैं। (how to use ayurveda in daily life in hindi) अगर आप भी आरोग्य को अपने जीवन में आमंत्रित करना चाहते हैं, तो आयुर्वेद के इन 5 आसान नियमों को अपने जीवन में उतारें-

 

सुबह जल्दी उठें 

आयुर्वेद के अनुसार सूरज उगने के साथ ही बिस्तर छोड़ देना चाहिए। इसके अनगिनत फ़ायदे होते हैं -सुबह की ताज़ी हवा आपके शरीर में उर्जा का संचार करती है तथा स्वास्थ्य के लिए बेहद लाभदायक होती है। इस समय किया गया व्यायाम और प्राणायाम शरीर को साफ़ हवा से भर देता है जो हर कोशिका के लिए हितकारी है। इसी समय आपको आनन्दायक वातावरण से सकरात्मक उर्जा भी मिलती है जो आपकी मनोदशा और एकाग्रता के लिए बहुत लाभदायक है। यह एक अच्छी आदत आपकी पूरी जीवनशैली में बड़ा बदलाव ला सकती है।

 

अपना दिन पानी से शुरू करें 

सुबह उठने के बाद एक गिलास पानी पियें; चाहे तो आप इसमें एक चम्मच शहद भी मिला सकते हैं। ऐसा करने से शरीर से रातभर में सतह पर आए विषाक्त तत्व बाहर निकल जाते हैं और शहद की मदद से कीटाणुओं का भी सफाया हो जाता है। यह आलस भगाने तथा कब्ज़ दूर करने में भी मदद करता है। इस समय आपको भरपूर पानी लेना चाहिए ताकि रातभर में शरीर में आई पानी की कमी को भी दूर किया जा सके।

 

व्यायाम और ध्यान करें 

सुबह शौच के बाद का आधा घंटा व्यायाम को ज़रूर दें। इससे आपके शरीर के तन्त्र सक्रीय हो जाएंगे तथा वज़न भी नियंत्रित में रहेगा। यह लाभ ज्यादातर सम्भावित रोगों को दूर कर सकते हैं। शारीरिक लाभ के अलावा इस आदत का एक और लाभ है- यह समय आप अपनी ज़रूरतों के देते हैं तथा अपने शरीर से जुड़ते हैं। आयुर्वेद अपने शरीर को समझने तथा जुड़ाव रखने पर खास जोर देता है ताकि स्व-चिकित्सा की जा सके। इसलिए इस आधे घंटे में दुनिया भर के शोर (और तेज़ संगीत से भी!) दूर रहें और अपने शरीर से जुड़ने की कोशिश करें।

 

आयुर्वेद के अनुसार खाएं 

एक मशहूर कहावत है-“आप जो खाते हैं, वही बन जाते हैं” . आयुर्वेद भी इस बात पर जोर देता है तथा आहार को ही दवा मानता है। इसलिए बहुत ज़रूरी है की आप ताज़े फल और सब्जियों को अपने भोजन में हिस्सा दें। इस नियम में एक बात गौर करने वाली है- आपको मौसमी फल  और सब्जियों को अपनाने पर ज़्यादा जोर देना चाहिए तथा मौसम गुज़ार जाने के बाद भी मिलने वाले फल और सब्जियों का सेवन नहीं करना चाहिए। साथ ही तेलिय और मैदे से बने फ़ास्ट फ़ूड से भी दूर रहें।

 

अपने भोजन में ज़्यादा जड़ी-बूटी और मसाले अपनाएं 

खाने में कम से कम अदरक, हल्दी, जीरा और काली मिर्च ज़रूर डालें। यह सभी मसाले आपके शरीर से कोलेस्ट्रोल घटाने में मदद करते हैं तथा मेटाबोलिज्म भी बेहतर करते हैं। इसके अलावा हर मसाले का आरोग्य की राह में अपना महत्व है। इस महत्व को समझें और सही समय और मात्रा में इसका सेवन करें। साथ ही तुलसी, पुदीना आदि ज़रूरी जड़ी-बूटी को भी आहार में हिस्सा देना शुरू करें।