अपनी मनोकामनाओं को पूरा करें: कल्पवृक्ष ध्यान 

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Image Credits: Mojarto
हिन्दू दंतकथाओं में कल्पवृक्ष एक ऐसा शुभ पेड़ माना जाता है जिसके नीचे खड़े रहकर सिर्फ कल्पना करने से ही कोई भी मनोकामना पूर्ण हो जाती है। हमारे मन को भी एक कल्पवृक्ष माना गया है- इस दुनिया में कोई भी बड़ा काम पहले किसी व्यक्ति के मन में एक इच्छा के रूप में उभरा और अब दुनिया बदल रहा है। ज़रूरत है तो पुरे मन से इस इच्छा की कल्पना करने की, मन में इसे कर पाने का विश्वास रखने की तथा इस इच्छा को पूरा करने के लिए अपनी ओर से सभी प्रयास करने की।
मन में आपकी कल्पनाओं को पूरी तरह रचाने के लिए कल्पवृक्ष ध्यान आपकी मदद करेगा। इस ध्यान की मदद से आप अपने अंदर बसी कलात्मक उर्जाओं को जागृत कर सफल हो पाएंगे-
  1. ध्यान के लिए सही स्थान चुनें। सुनिश्चित करें की अगले आधे घंटे तक आपका ध्यान कोई वस्तु नहीं भटकाएगी।
  2. ज़मीन पर या किसी कुर्सी पर बैठें। अपने पैरों को खुला रखें; पालथी मारकर न बैठें। अपनी पीठ को सीधा रखें; ज़रूरत लगने पर टिकें। सिर व् गर्दन को न टिकाएं।
  3. अपना ध्यान साँसों पर लगाएं। गहरी सांस भरें, कुछ देर रोकें और फिर छोड़ें। इस क्रिया को पुरे ध्यान के साथ पांच मिनट करें।
  4. अब खुद को एक पहाड़ के उपर चढ़ता हुआ महसूस करें। अपने हर एक कदम की कल्पना करें। महसूस करें की आपका शरीर पूरी उर्जा के साथ इस ऊँचे पहाड़ की छोटी पर चढ़ें जा रहे हैं।
  5. इसी के साथ आपकी साँसें भी तेज़ हो रही हैं।  साँसों को गहराई में भरें तथा तेज़ी से छोड़ें। तेज़ी से पहाड़ चढ़ते हुए साँसें लें; 2 सेकंड सांस भरते हुए तथा 2 सेकंड सांस छोड़ते हुए आगे बढ़ें। यह क्रिया अनुमान से दो से तीन मिनट करें।
  6. अब खुद को पहाड़ की चोटी पर महसूस करें। यह पहाड़ आस पास मौजूद हर पहाड़ से ऊँचा और खुबसुरत है। अपनी इस सफलता को पुरे दिल से महसूस करें। आस पास देखें और खुबसुरत नज़ारे को सराहें।
  7. आपकी साँसें अब भी तेज़ और गहरी हैं तथा मन अब उर्जावान, शांत और खाली हो चूका है। साँसों को अब धीमा करें।
  8. इस खुबसुरत पहाड़ की चोटी पर आप अकेले नहीं हैं; आप जिसे अपना गुरु मानते हैं या मन से पूजते हैं उन्हें यहाँ बैठा हुआ देखें। उनकी मौजूदगी को महसूस करें तथा कृतज्ञ रहें।
  9. अपने गुरु के पास जाकर प्रणाम करें तथा वहीँ बैठ जाएं। उनकी दिव्य मौजूदगी को महसूस करें।
  10. देखें की आपके गुरु आपको आशीर्वाद दे रहे हैं; एक सफ़ेद उनसे निकलकर आपके सिर तक आ रही है तथा बहुत ही धीरे धीरे आपके शरीर के विभिन्न हिस्सों में जा रही है। कुछ देर में यह आपके पुरे शरीर में फ़ैल गयी है। महसूस करें की इस दुनिया की कलात्मक उर्जा आपमें समा रही है। विश्वास करें की अब आप किसी भी कार्य को पुरे मन से सम्पन्न कर सकते हैं।
  11. इस क्षण में वह इच्छा अपने मन में लाएं जिसे आप पूरी होते हुए देखना चाहते हैं। जानें की अब यह इच्छा पूरी हो रही है।
  12. अपने गुरु को धन्यवाद दें। फिरसे अपना ध्यान अपनी साँसों पर लेकर आएं तथा गहरी साँसें लें।
  13. धीरे धीरे अपने वर्तमान स्थान को याद करें तथा इससे अवगत हों। अब अपनी आँखें खोल लें।
यह ध्यान क्रिया आपकी कलात्मक शक्ति, आत्मविश्वास, इच्छाशक्ति और मन की शान्ति को बेहतर करती है ताकि आप सही फैसले ले पाएं तथा अपने सपनो को पूरा कर पाएं।