कीटो डाइट अपनाकर किस तरह कर सकते हैं अपने शरीर के फैट को कम

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image credits: Diet Doctor

कीटो डाइट या कीटोजेनिक डाइट एक विशेष आहार शैली है जिसमें आप बहुत कम कार्ब्स, संतुलित प्रोटीन और भरपूर वसा से भरा आहार लेते हैं ताकि शरीर केटोसिस नामक प्रक्रिया में चला जाए। जब आपका शरीर इस अवस्था में होता है तो लीवर ‘कीटोन्स’ पैदा करता है जो शरीर की उर्जा का मुख्य स्रोत बन जाते हैं। (ketogenic diet plan for weight loss vegetarian indian)

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जब आप कार्ब्स लेते हैं तो शरीर इससे ग्लूकोस और इन्सुलिन बनाता है। ग्लूकोस का उपयोग उर्जा के लिए किया जाता है तथा इन्सुलिन इसे संतुलित रखता है। पर इस अवस्था में ली गयी वसा उपयोग में नहीं आती और शरीर में जमा होने लगती है।

 

कीटो डाइट आपके शरीर की इसी प्रक्रिया को उलट देती है। शरीर को कम कार्ब्स मिलने पर लीवर जमा वसा को उर्जा के स्रोत में बदलने लगता है जिसके वेट लोस समेत कई लाभ होते हैं।

 

इसी कीटो डाइट के बारे में हम आज चर्चा करते हैं-

 

कीटो डाइट किसके लिए है?

कीटो डाइट लगभग हर व्यक्ति की जीवनशैली का हिस्सा लम्बे या छोटे समय के लिए बन सकती है। पर अगर आप इन तीन लोगों में से एक हैं तो कीटो डाइट न अपनाएं-

 

  • मधुमेह के उपचार के लिए आप इन्सुलिन की दवा ले रहे हैं।
  • उच्च रक्तचाप की दवा ले रहे हैं।
  • आप शिशु को स्तनपान करवाती हैं।

 

इसके अलावा कीटो डाइट को अपनाने के बाद चिकित्सक से किसी भी तरह के परामर्श लेते समय अपनी आहारशैली का विवरण अवश्य दें।

 

कीटो डाइट में क्या खाया जाता है?

केटोसिस तक पहुँचने का सबसे प्रमुख मूलमंत्र है कार्ब्स को कम कर देना। कोशिश यह की जाती है की दिन में 50 ग्राम ही कार्ब्स लिए जाएं तथा समय के साथ इसे 20 ग्राम के अंदर लाया जाए।

इस सूचि में सब्जियां, अंडे, मीट, चीज़, प्राकृतिक वसा के स्रोत शामिल हैं।

 

अत्यधिक कार्ब्स लेने से बचने के लिए आपको कुछ विशेष आहार का सेवन नहीं करना चाहिए- ब्रेड, पास्ता, चावल, आलू व् अन्य ऐसी चीज़ें जो शक्कर और कार्ब्स से भरपूर हों।

 

पेय की बात करें तो पानी, कॉफ़ी, चाय और रेड वाइन ली जा सकती है बस इन्हें शक्कर से मुक्त रखा जाना चाहिए।

 

आपका लक्ष्य दिन में 20 ग्राम से कम कार्ब्स लेने का होना चाहिए। इसके लिए आप शुरुआत में थोड़ी गणना कर सकते हैं, बाद में आप अपनी डाइट को बिना किसी गिनती के नियंत्रित कर पाएँगे।

 

कीटो के लाभ क्या है?

कीटो के लाभ किसी भी लो कार्ब डाइट की तरह ही हैं, लेकिन यह सबसे ज्यादा प्रभावी है। इसे अपनाकर आप इन फायदों को भी अपना सकते हैं-

 

  • कीटो डाइट को अपनाने से शरीर तेज़ी से वसा उपयोग करता है और आप जल्द ही मोटापे से छुटकारा पा जाते हैं।
  • इस आहारशैली का उपयोग कर आप अपनी भूख पर भी बेहतर नियन्त्रण पा सकते हैं। जैसे ही शरीर केटोसिस में पहुँचता है, यह शरीर की वसा का उपयोग करने लगता है जिससे भूख लगनी कम हो जाती है और आप अपने आहार पर बेहतर नियन्त्रण पा सकते हैं।
  • यह आपको लम्बे समय तक उर्जावान और सक्रीय रख सकती है। कीटोन्स का दिमाग की ओर प्रवाह बढने से रक्त में शक्कर के स्तर में तेज़ी से आते बदलाव कम हो जाते हैं और आप लम्बे समय तक सक्रियता से काम कर सकते हैं।
  • यह डाइट आपकी टाइप 2 डायबिटीज को खत्म कर सकती है तथा रक्त में शक्कर की मात्रा को नियंत्रित करती है।
  • सेहत से जुड़े सभी माप भी इस डाइट को अपनाने से बेहतर हो जाते हैं। जांचों में आप कोलेस्ट्रोल के स्तर, रक्तचाप, इन्सुलिन आदि के मापों में स्पष्ट बदलाव देख सकते हैं।
  • कीटो अपनाने से आप पेट की समस्याओं से भी निजात पा लेते हैं। अपच, गैस, एसिडिटी, मरोड़ उठाना जैसी समस्याएँ आपके पेट पर असर नहीं डालती।
  • कीटो डाइट अपनाकर आप सह्त्श्कती भी बढ़ा सकते हैं। यह आपको लगातार उर्जा का स्रोत देती है जिससे किसी भी क्रिया को लम्बे समय तक कर पाते हैं।
  • कीटो डाइट को दशकों पहले से मिर्गी का अचूक इलाज माना जाता है। पहले इसे बच्चों पर ही प्रभावी माना जाता था पर अब यह वयस्कों को भी सुझाया जाता है।

 

कैसे शुरुआत करें?

कीटो डाइट शुरू करने के लिए आपको अपनी डाइट के पोषण को समझना ज़रूरी है। इसके बाद आप दिन में 50 ग्राम कार्ब्स का सेवन करने के लिए आहार की योजना बनाएँ तथा इससे टिके रहें। शुरुआत में आप थोड़ी कमजोरी और मनोदशा में बदलाव महसूस करेंगे पर 3-4 दिनों में आप बेहतर महसूस करने लगेंगे। इसके बाद एक महीने तक यह योजना बनाएँ रखें फिर कार्ब्स की मात्रा 20 ग्राम तक कर दें।

 

अगर आपके मन में कोई संशय हो तो चिकित्सक और डायटीशियन से परामर्श लेने में न हिचकिचाएं। उनसे इस सम्बंध में विस्तृत चर्चा कर ही डाइटिंग शुरू करें।