इकिगाई जिसे फोलो कर जापानी लोग बिना बीमारी के जीते हैं लंबी उम्र

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image credits: Lavendaire.com

सुबह उठना कई लोगों के लिए एक संघर्ष होता है। जहाँ 10 में से 2 ही व्यक्ति अलार्म की पहली पुकार पर उठ पाते हैं वहीं बाकी 8 को सुबह उठने के लिए थोड़े जोर की ज़रूरत होती है। आखिर यह फर्क क्यों आता है?

 

इकिगाई नामक एक जापानी सिद्धांत लोगों की सुबह ताज़गी से भरे उठने की आदत की वजह हो सकता है। इकिगाई उस कारण को कहते हैं जिस वजह से आप रोजाना सुबह उठते हैं; इसे आप अपने जीवन का उद्देश्य भी कह सकते हैं। 

 

जीवन के इसी उद्देश्य का ज्ञान जापान के ओकिनावा आदि विभिन्न क्षेत्रों में लोगों को काम से प्रेम करना सिखाता है तथा रिटायरमेंट के अस्तित्व को खत्म कर देता है। इन क्षेत्रों के लोग अपनी कार्यकुशलता और लम्बे जीवन के लिए जाने जाते हैं।

 

अपने जीवन में इकिगाई का उपयोग करने के लिए आपको बहुत बड़े बदलाव करने की ज़रूरत नहीं होती। कुछ साधारण कोशिशें जैसे खुद को अपनी खूबियों और कमियों के साथ स्वीकार करना, खुद से, दूसरों से तथा प्रकृति से जुड़ना तथा छोटी-बड़ी चीजों में ख़ुशी ढूँढना आपको उर्जावान और संतुष्ट बनाता है तथा दिन की शुरुआत में मदद करता है।

 

आइये जानते हैं किन तरीकों से आप इकिगाई को समझ सकते हैं-

 

अपनी इकिगाई को पहचानें 

विशेषज्ञ अपनी इकिगाई को जानने के कई तरीके सुझाते हैं। अपने आप से पूछें- “आप रविवार की सुबह, जब आपके पास कोई काम नहीं होता, तो क्या करना पसंद करते हैं ?”दीर्घायु और जीवनशैली पर शोध करने वाले मानते हैं की अगर आप तीन सूचियाँ बनाएं- आपके अनुसार आपकी खूबियाँ, आपको आनंद दिलाने वाली गतिविधियाँ और वो क्रियाएँ जो आप बहुत खूबी से कर पाते हैं। इन तीनों सूचियों के बीच के मेल में ही आपका इकिगाई होता है। 

वह गतिविधियाँ, जो आपको समय के गुजरने का एहसास नहीं होने देती, आपकी इकिगाई का बड़ा हिस्सा हो सकती हैं। इन गतिविधियों का एहसास आपको सुकून और संतुष्टि देगा जिससे आप रात में सही से आराम कर पाएँगे।

 

समझ को कार्य में बदलें 

अपनी क्षमताओं और रुचियों की जानकारी ही काफी नहीं, इन्हें कार्यों में भी ढालने की ज़रूरत है। अगले चरण में आपको यही मुश्किल काम करना होगा। हो सकता है की अपने कार्य से लगाव होने के बावजूद भी आप अपने जीवन में ज़रूरी बदलाव लाने में मुश्किल महसूस करने लगे। पर हमेशा याद रखें- अपनी इकिगाई को “हाँ” कहने के लिए आपको बाकी चीज़ों को “ना” कहना होगा।

सुबह योग में आपका मन लगता है पर समय नहीं मिलता तो सुबह टीवी देखने या न्यूज़पेपर पढने की आदत बदलें। आप रोजाना की खबरें शाम को भी जान सकते हैं। इसी तरह अन्य कार्यों को हटाने से आपकी पसंदीदा गतिविधियों को जगह मिलने लगेगी। कम कार्यों में ज्यादा आनंद आपको बिस्तर पर जाने के बाद ख़ुशी और शांति देगा।

 

आयुष की सीख 

जापान के ओकिनावा में दुनिया में सबसे लम्बे समय तक जीवित रहने वाले लोग रहते हैं। उनकी दीर्घायु का राज़ उनकी आहारशैली में छुपा है। विभिन्न रंगों के आहारों को अपने भोजन में शामिल करने और पेट 80 प्रतिशत भरने तक ही खाना खाने की उनकी आदत विशिष्ट है।

खाने के अलावा ओकिनावा के लोग आसपास के वातावरण से गहरा जुडाव रखते हैं, छोटी चीज़ों में आनंद पाते हैं तथा सेवानिवृत्ति जैसे शब्द को अपनी भाषा में जगह नहीं देते। वे न सिर्फ खुले दिल से सीखते हैं, बल्कि युवाओं को अपना ज्ञान देने में भी आनंद पाते हैं। सेहतमंद शरीर और मन आपकी नींद को और मीठी बनाएँगे।

 

काम के आगे देखें 

क्या आप जो अभी काम कर रहे हैं, वह आपका इकिगाई है? 2010 में हुए एक शोध की माने तो जापान में सिर्फ 31 प्रतिशत लोग ही अपने कार्य को इकिगाई मानते हैं। दुनियाभर के कई अन्य क्षेत्रों में यह प्रतिशत और भी कम है।

अगर आप विकासशील देश में रह रहे हैं तो अपनी इकिगाई को नौकरी की तरह अपनाना कई बार मुश्किल हो सकता है। पैसों व्की अवसरों की कमी कई बार आपको अपने दिल की सुनने से रोक देती है। पर ज़रूरी नहीं की आपकी आजीविका और इकिगाई एक ही हो।

इकिगाई आपकी ख़ुशी के लिए हैं जिसे आप कहीं भी पा सकते हैं। इसे रिटायरमेंट या छुट्टियों को नहीं छोड़ें बल्कि रोजाना के जीवन में लेकर आएं। रोज़ कुछ देर अपनी इकिगाई को देना आपके लिए नई सम्भावनाएं खोल सकता है। इस तरह आप काम से होने वाली घबराहट से बाहर निकल पाएंगे तथा आज में संतुष्टि पाएँगे।

 

आज में जियें और छोटा सोचें 

इकिगाई का एक महत्वपूर्ण हिस्सा चेतना व् ध्यान है। दिनभर खुली आँखों से नींद लेते हुए जीने की जगह आपको आज में जीना शुरू करना होगा। ऐसा करने के लिए दिन के कुछ कार्य चुनें जिन्हें आप पुरे ध्यान से करने का संकल्प लेंगे। यह सिर्फ ऑफिस में ही हो यह ज़रूरी नहीं, आप शाम को अपने साथी से बातचीत करने की क्रिया पर भी पूरा ध्यान लगाने का संकल्प ले सकते हैं। इन खुबसुरत क्षणों में रहें, इनका आनंद लें तथा कृतज्ञता भी महसूस करें।

महत्वाकांशी  जीवन से यह छोटा सा ब्रेक बड़ा बदलाव ला सकता है।

 

यह साधारण से बदलाव करने पर आप जल्द ही सुबह अपने कार्य के लिए पूरी स्फूर्ति से उठ पाएंगे। पर इकिगाई को जानने के लाभ सिर्फ सुबह जल्दी उठने तक ही सीमित नहीं। आपके लिए इकिगाई के क्या लाभ हैं?

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