माहवारी में याद रखें ये 6 नियम

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image credits: जच्चा और बच्चा

माहवारी हर महिला के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा होती है जिसके दौरान उसे देखभाल और ध्यान की ज़रूरत होती है। फिर भी इस मासिक क्रिया से कई तरह के मिथक जुड़े होते हैं जिनकी वजह से इन दिनों में एक स्वस्थ दिनचर्या बनाना मुश्किल हो जाता है। कई लोगों में इन दिनों स्वयं के लिए ज़रूरी देखभाल के बारे पर्याप्त जानकारी भी उपलब्ध नहीं होती जो कई तरह के संक्रमणों और रोगों का कारण बन सकती है।

 

आइये जानते हैं, माहवारी के दिनों में अपनाए जाने वाले वो 6 नियम आपको इन समस्याओं से बचा सकते हैं-

 

पैड्स को नियमित रूप से बदलें 

कई महिलाएं सेनेटरी पैड्स और टेम्पोन को सहूलियत के लिए चुनती हैं। पर अगर इन्हें नियमित रूप से न बदला जाए तो ये कई बीमारियों का कारण बन सकते हैं। विशेषज्ञ सुझाते हैं की पैड्स को हर 6 घंटे तथा टेम्पोन को हर 4 घंटे में बदलना चाहिए। इस तरह माहवारी के रक्त में कीटाणुओं की तादाद बढकर आपको संक्रमण तथा UTI से ग्रसित नहीं करेंगे।

 

गुप्तांगों को सही तरह साफ़ करें 

अपने गुप्तांग को स्वस्थ रखने के लिए इसे स्वच्छ रखना ज़रूरी है और माहवारी के दौरान यह और भी ज़रूरी ओ जाता है। अगर आप नियमित रूप से पैड्स बदलती भी हैं तो भी आपकी त्वचा से कीटाणु चिपके रह सकते हैं। यही वजह है की गुप्तांग को सामने से लेकर पीछे तक अच्छी तरह साफ़ करना ज़रूरी है। इस आप योनी के साथ-साथ मूत्रनलिका और मलद्वार को भी संक्रमण से बचा सकती हैं।

 

गुप्तांग को साफ़ करने के प्रसाधन का उपयोग न करें 

आज बाज़ार में आप कई तरह के गुप्तांग प्रसाधनों देख सकते हैं। दरअसल आपके गुप्तांग को स्वच्छता के लिए किसी भी रसायन की ज़रूरत नहीं होती। ये प्रसाधन आपके गुप्तांग में हितकारी कीटाणुओं को खत्म कर सकते हैं जिससे आपके स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ सकता है तथा संक्रमण फ़ैल सकता है। अगर आप इनका उपयोग करना चाहें भी तो इन प्रसाधनों का उपयोग बहुत थोड़ी मात्रा में गुनगुने पानी से करें तथा इन्हें गुप्तांग के अंदर न जाने दें।

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सफाई के लिए एक ही तरीका अपनाएं 

कई बार महिलाएं ज्यादा रक्त स्त्राव होने पर मोटे पैड्स या एक से ज्यादा पैड्स उपयोग करती हैं। इन तरीकों से पड़ जल्द बदलने की ज़रूरत खत्म हो जाती है पर संक्रमण का खतरा नहीं। इसलिए हमेशा पैड के बदले जाने के समय पर ध्यान दें और इन्हें बदलते रहें।

 

नहाएं 

स्नान आपका रोजाना का नियम हो सकता है इसलिए शायद आपको यह सुझाव अजीब लगे। लेकिन भारत के कई इलाकों में माहवारी के दौरान महिला को “अस्वच्छ” माना जाता है जिस वजह से उन्हें पानी छूने, पर्याप्त पानी लेने, बाकी दिन नहाने की जगह पर जाने तथा पानी गर्म करने जैसी क्रियाओं की इजाज़त नहीं मिलती। माहवारी में अच्छी तरह नहाना बहुत ज़रूरी है; सिर्फ स्वच्छता के लिए नहीं बल्कि इन दिनों आई शारीरिक तकलीफों, मरोड़ों और मानसिक बदलावों से राहत देने के लिए भी। इन लाभों के लिए अपने लिए गुनगुने पानी की व्यवस्था ज़रूर रखें।

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बाहर जानें के लिए तैयार रहें 

अगर माहवारी में घर से बाहर निकल रहे हैं तो आपको साथ में अतिरिक्त पैड की ज़रूरत पड़ सकती है। इन दिनों आपको कभी भी इनकी ज़रूरत पड़ सकती है। साथ में साफ़ टॉवल और सेनिटाइज़र भी रखें ताकि ये आवश्यकताएं आपके कार्य या दिनचर्या पर प्रभाव न डालें।

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