इन तरीकों से घर पर ही जांच कर मिलावटी खाने से बचें

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image credits: Dr. LoreBay

हम रोज़ाना जिस आहार का सेवन करते हैं वही हमारे भविष्य के स्वास्थ्य को निर्धारित करता है। हम सभी लम्बा, स्वस्थ जीवन जीना चाहते हैं पर मिलावटखोरी के दंश से चाह कर भी बच नहीं पाते। ऐसे कुछ तरीके हैं जिनका उपयोग कर आप घर पर ही खाने में मिलावट की जाँच कर सकते हैं। आइये जानें, शुद्ध आहार की पहचान कैसे करें-

 

चिकन-

चिकन पर सफ़ेद धारियों और वसा के मोटी परतों को ध्यान से देखें। अगर ये बहुत मोटे और स्पष्ट हैं तो इसका मतलब है की मुर्गी पालक ने विकास तेज़ करने के लिए इंजेक्शन दिया है जिसकी वजह से मुर्गी का वज़न बहुत तेज़ी से बढ़ा। ऐसा मांस आपकी सेहत के लिए सही नहीं।

इसके रंग पर भी ध्यान दें। पीला मांस बासी होने की निशानी है। ताज़ा मांस गुलाबी और हल्का कड़क होता है।

पनीर-

ख़रीदे गए पनीर पर शक हो तो पास की केमिस्ट्री की दुकान से कुछ बूँद आयोडीन ले आएं। 1-2 बूँद पनीर पर डालें। अगर आयोडीन का रंग बदलकर गहरा नीला हो जाए तो पनीर में स्टार्च मिला है। रंग अगर पीला या भूरा ही बना रहे तो पनीर ठीक है।

पनीर के एक टुकड़े को कुछ देर सामान्य तापमान में रख दें। अगर इसमें वनस्पति वसा मौजूद है तो इसका रंग बदलकर पीला होने लगेगा। वहीं शुद्ध पनीर हल्का खट्टा हो सकता है पर रंग नहीं बदलेगा।

शहद-

एक सतह पर शहद को धार से डालें। नकली शहद बूँद-बूँद कर गिरेगा तथा बहुत जल्द सतह पर फ़ैल जाएगा। वहीं शुद्ध शहद गाढ़ा होगा, एक धार से गिरेगा तथा सतह पर फैलने में समय लेगा।

अगर आपको शहद में टॉफी जैसा स्वाद आ रहा है तो इसका मतलब है शहद को गर्म किया गया है। बहुत मीठा लगने का मतलब है शहद में शक़्कर मिलाई गयी है।

मलाई-

मलाई में वनस्पति वसा की मिलावट की जांच करने के लिए एक चम्मच मलाई को एक गिलास गर्म पानी में मिलाएं। मिलावटी मलाई को मिलाने पर सफ़ेद पपडियां दिखेंगी वहीं असली मलाई एक गाढ़ा घोल बना लेगी।

बाजार की फ्रिज में रखी फल और सब्ज़ियां-

फल या सब्ज़ी के डब्बों को अच्छी तरह जाँचें। अगर इसके अंदर बर्फ के टुकड़े या बहुत सारा पानी दिखे तो इसका मतलब है की इन्हें अच्छे से रखा नहीं गया। डब्बों में बस हल्की धुंध दिखनी चाहिए।

मछली-

बासी या पहले से कटी मछलियां कभी न खरीदें। ताज़ी मछलियों की आँखें धुंधली नहीं होती तथा इनके गलफेफडे लाल रंग के होते हैं। इनकी त्वचा में चमक होती है।

मांस-

मांस खरीदने के पहले इसपर अपनी ऊँगली रखकर दबाएं। ताज़े मांस पर आपकी उँगलियों के निशान जल्द चले जाएंगे।

एक बड़े टुकड़े को आधा काटें। अगर यह गहरे रंग का है और सफ़ेद धारियों वाला है तो यह दिखाता है की मांस को कुछ चीज़ें मिलाकर लम्बे समय तक ताज़ा बनाया गया। इसे एक टिश्यू पेपर से छुएं- ताज़ा मांस टिश्यू पर रक्त या नमी नहीं छोड़ेगा।

जड़ी-बूटी-

औषधि अगर ताज़ी लेनी हो तो ध्यान दें, इसका एक गुच्छा हाथ में पकड़ें। अगर पत्तियां झूल या लटक जाएं  औषधि बासी है। अगर डंठल लम्बा हो और पत्तियों का रंग बहुत गहरा लगे तो इनमे नाइट्रेट हो सकता है। ताज़ी औषधियां प्राकृतिक हरे रंग की होती हैं।

आइसक्रीम-

अपनी आइसक्रीम को सामान्य तापमान पर पिघलने के लिए छोड़ दें। अगर इसमें वनस्पति वसा होगी तो ये लम्बे समय तक नहीं पिघलेगी। पिघलने पर ये पानी की तरह बहने लगेगी। सही गुणवत्ता की आइसक्रीम पिघलने पर दूध जैसा गाढ़ा मलाईदार रूप ले लेगी।